लेख समाज गांधी के चरखे से आत्मनिर्भर होंगे गांव May 5, 2020 / May 8, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव वैश्विक कोरोना महामारी के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सरपंचों को संबोधित करते हुए इच्छा जताई है कि गांधी के अर्थशास्त्र के अनुसार ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम शुरू हो। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (एमएसएमई) के अधीनस्थ कार्यरत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने फिलहाल […] Read more » MSME एमएसएमई ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा चरखा और खादी सूक्ष्म
टॉप स्टोरी लेख प्रवासी श्रमिक संबंधित तीनों निर्णय काल विरुद्ध : मानवीय-वित्तीय विजन का अभाव May 4, 2020 / May 4, 2020 by डॉ देशबंधु त्यागी | Leave a Comment लॉक डाउन आवश्यक था। किंतु 24 मार्च को 4 घंटे की पूर्व सूचना पर अर्ध रात्री से लागू किया जाने वाले यकायक लॉक डाउन की घोषणा की विधि विजन विहीन थी। अर्थात जो जहाँ है वहीं रहेगा । मोदी जी को ऐसा करने के चार कारण थे। वो कोरोना प्रसार की अंतर्राष्ट्रीय गति से सकते […] Read more » प्रवासी श्रमिक
व्यंग्य मंदिर मस्जिद बैर कराते मेल कराती मधुशाला May 4, 2020 / May 4, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment “मंदिर मस्जिद बैर कराती मेल कराती मधुशाला’’| जी हाँ ! यह बात श्री हरिवंश राय बच्चन जी ने बहुत समय पहले ही अपनी मधुशाला मे लिख दी थी और यह बात वर्तमान सरकार ने लोक डाउन तीन का अंतर्गत स्वीकार भी कर ली | “अरे सर वो कैसे ?’’ किसी ने पूछा | दूसरी तरफ से उत्तर आया, “क्या आपको पता नही है,लोक […] Read more » मंदिर मस्जिद के कारण झगड़े
राजनीति लेख गौरवशाली इतिहास हमारा : सोमनाथ के मंदिर के विध्वंस का ले लिया गया था साथ के साथ ही प्रतिशोध May 3, 2020 / May 3, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ के मंदिर को तोड़े जाने की घटना 1026 ईस्वी की है । इसके बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि महमूद गजनवी आया और वह आराम से हमारे मंदिर को तोड़ कर चला गया । यहां के लोगों में और यहां के तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व में किसी प्रकार की कोई […] Read more » somnath mandir सोमनाथ के मंदिर
कविता क्यो होता है श्रमिको का शोषण ? May 3, 2020 / May 3, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment क्यो होता है श्रमिको का शोषण ?क्यो नहीं मिलता उनको पूरा पोषण ? सारे दिन रात करते वे मजदूरी |फिर भी न मिलती पूरी मजदूरी ||छेनी हथोड़े सारे दिन वे चलाते |हाथो मे उनके छाले पड जाते |तभी पत्थरो को वे रूप दे पाते ||और भगवान का रूप दे पाते |फिर भी मंदिर के बाहर […] Read more » Why are workers exploited क्यो होता है श्रमिको का शोषण ? श्रमिको का शोषण
लेख घर-वापसी पर कोरोना का डर May 3, 2020 / May 3, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक केंद्र सरकार ने यह बुद्धिमानी का काम किया कि दूसरी तालाबंदी खुलने के पहले करोड़ों मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और यात्रियों की घरवापसी की घोषणा कर दी। यदि यह घोषणा अभी तीन-चार दिन पहले नहीं होती तो इसके परिणाम अत्यंत भयंकर हो सकते थे। चार मई की सुबह ही लाखों मजदूर और छात्र […] Read more » Corona Fear at Homecoming कोरोना का डर घर-वापसी घर-वापसी पर कोरोना का डर
राजनीति लेख तैमूर लंग के सारे अत्याचारों का हिसाब चुकता कर दिया था हमारे वीर और वीरांगनाओं ने May 2, 2020 / May 2, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गुर्जर प्रतिहार वंश के शासकों ने भारतवर्ष में उन हिंदुओं को फिर से शुद्ध कर स्वधर्म में दीक्षित किया था जो किन्ही कारणों से मुसलमान बन गए थे । इसी वंश के शासकों ने आज के सिंध से लेकर ईरान तक का सारा क्षेत्र शुद्धि अभियान के माध्यम से विदेशी मजहब अर्थात मुस्लिमों से खाली […] Read more » गुर्जर प्रतिहार वंश तैमूर लंग महाबली जोगराज सिंह गुर्जर रामप्यारी गुर्जर
लेख लाल सलाम नहीं, यश बॉस का दौर है May 2, 2020 / May 2, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment एक मई दिवस पर विशेषमनोज कुमारफादर्स डे और मदर्स डे मनाने वाली साल 2000 के बाद की पीढ़ी को तो पता ही नहीं होगा कि हम लोग 1 मई को मजदूर दिवस भी मनाते हैं। इसमें उनकी गलती कम है क्योंकि लगभग लगभग इस दौर में मजदूर आंदोलन हाषिये पर चला गया है। लाल सलाम […] Read more »
लेख वैश्विक चिंतन के धनी : दिनकर जी May 2, 2020 / May 2, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment क्रान्तदर्शी होना कवि का स्वाभाविक गुण है , उसकी प्रकृति है , उसे नैसर्गिक रूप से मिला हुआ एक वरदान है । कहने का अभिप्राय है कि क्रांतदर्शिता के अभाव में कोई व्यक्ति कवि नहीं हो सकता । जैसे विधाता की रचना और सृष्टा की सृष्टि का होना तभी संभव है , जब रचना और […] Read more » Dinkar ji Rich in global thinking: Dinkar ji वैश्विक चिंतन के धनी
कविता प्रकृति का संदेश May 2, 2020 / May 2, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment न करो तुम दोहन मेरा ,न करो तुम दूषित मुझको |हे ! मानव मै कोई वायरस नहींप्रकृति का संदेश है तुझको || सदियो से मनमानी करता आया ,मनमुटाव मुझसे करता है आया |जल और वायु जो जीवन उपयोगी ,उनको सदा तू दूषित करता आया || धरा और गगन को तूने न छोड़ा ,उच्चे उच्चे शिखरो […] Read more » the message of nature
लेख स्वास्थ्य-योग हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में बढ़ते कोरोना के मरीज May 2, 2020 / May 8, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवदेश में एक ओर तो कोरोना संदिग्ध एवं संक्रमित लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में मरीज ठीक भी हो रहे हैं। ठीक होने की दर 13.06 प्रतिशत से बढ़कर 25.19 प्रतिशत हो गई है। देश में कोरोना के कारण मौत का प्रतिशत भी अन्य देशों की तुलना में कम है। […] Read more » Growing corona patients in hotspot areas बढ़ते कोरोना के मरीज
कहानी अंधविश्वास April 30, 2020 / April 30, 2020 by आलोक कौशिक | 1 Comment on अंधविश्वास प्रत्येक दिन किसी न किसी व्यक्ति की मौत हो रही थी। पिछले दस दिनों में पंद्रह लोगों की जानें जा चुकी थीं। पूरे गांव में दहशत का माहौल था। “कोई नहीं बचेगा इस गांव में। अगले महीने तक सब मर जाएंगे। इस गांव को उस फ़क़ीर की बद्दुआ लग गई है, जिसके साथ दीपक ने गाली-गलौज […] Read more » अंधविश्वास