लेख स्वास्थ्य-योग डग-डग डायबिटीज का खतरा ! November 29, 2024 / November 29, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला आज हमारी जीवनशैली में आमूल-चूल परिवर्तन आ गये हैं और ये परिवर्तन कहीं न कहीं अनेक लाइफ़ स्टाइल डिज़ीज़ यथा- उच्च रक्तचाप(हाई बीपी), हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह(डाइबिटीज), पुरानी फेफड़ों की बीमारियाँ, कैंसर, अल्जाइमर रोग और अन्य बीमारियों को जन्म दे रहें हैं। वैसे तो ये सभी डिज़ीज़ अपने आप में बहुत ही चिंताजनक हैं लेकिन खान-पान, मोटापे, गरीब तबके की अज्ञानता, मधुमेह के प्रति जागरूकता का अभाव देश में डायबिटीज़ के पेशेंट्स बढ़ा रहा है। भारत में आज डग-डग पर डायबिटीज के पेशेंट्स हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वैश्विक स्तर पर 828 मिलियन में से भारत में अनुमानित 212 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। दुनिया में मधुमेह से पीड़ित हर चार में से एक व्यक्ति (26%) भारत से है, जिससे यह दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है।पिछले साल यानी कि वर्ष 2023 में आई द लैंसेट की एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज के मरीज हैं। स्टडी में कहा गया है कि पिछले चार सालों में ही डायबिटीज के मामलों में 44% की बढ़ोतरी हुई है।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-इंडिया डायबिटीज की इस स्टडी में यह कहा गया था कि वर्ष 2019 में भारत में डायबिटीज के सात करोड़ मरीज थे। इसके अनुसार भारत की 15.3% आबादी (कम से कम 13.6 करोड़ लोग) प्री-डायबिटीज हैं। गौरतलब है कि डायबिटीज ऐसा रोग है जिससे शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन हार्मोन का निर्माण नहीं कर पाता है जिससे व्यक्ति में बार-बार पेशाब आने,नींद पूरी होने के बाद भी थकान के महसूस होने, बार-बार भूख लगने, वजन कम होने, आंखों की रोशनी कम होने, धुंधला दिखाई देने तथा घाव के जल्दी न भरने जैसी समस्याएं पैदा होने लगतीं हैं। डायबिटिक फुट(मधुमेह के अनियंत्रित होने पर पैरों में होने वाले घाव) भी जन्म लेता है और मरीज धीरे धीरे रिस्क जोन में चला जाता है। इस संदर्भ में हाल ही में राजस्थान के बीकानेर में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के डायबिटिक एंड रिसर्च सेंटर में डायबिटिक फुट पर वर्ष 2021 से जुलाई 2022 तक 900 मरीजों पर किए गए एक शोध में यह सामने आया है कि 180 के पैरों में घाव था। शोध में 20 से 79 वर्ष के 70 प्रतिशत पुरूषों में डायबिटिक फुट पाया गया। सच तो यह है कि आज अनियंत्रित शुगर लेवल शरीर के शरीर खोखले तो बना ही रही है, मधुमेह(डाइबिटीज)अनेक खतरनाक जख्म भी दे रहा है। डायबिटीज़ लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई बीमारी है। हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल, मोटापा तनाव और अवसाद के कारण ही यह बीमारी बढ़ती है। लाइफस्टाइल, संतुलित व हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज से हम डायबिटीज के साथ ही साथ कई अन्य खतरनाक बीमारियों के खतरे को भी कम कर सकते हैं। हालांकि, बहुत बार डायबिटीज आनुवांशिक कारणों से भी होता है, इसलिए कई बार इसे रोकना मुश्किल व अत्यंत कठिन हो सकता है लेकिन इस संबंध में विभिन्न एहतियात व सावधानियां बरतकर हम इसके खतरे को कम कर सकते हैं। रोजाना आधे घंटे टहलकर भी डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है। डायबिटीज को प्रभावी ढंग से कंट्रोल करने के लिए नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करना जरूरी है। डायबिटीज़ से बचने के लिए रोजाना फिजीकल एक्टिविटी, पर्याप्त नींद और शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत ही जरूरी है। सुनील कुमार महला Read more » Danger of diabetes!
पर्यावरण लेख पर्यावरण को लेकर विकसित देशों की दोहरी नीति पर भारत की खरी खरी November 29, 2024 / November 29, 2024 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे अजरबैजान की राजधानी बाकू में हाल ही में एक समझौता हुआ है। यह समझौता संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन वाली शाखा ने सीओपी-29 बैठक में करवाया है। इसके तहत विश्व के विकसित और अमीर देश राजी हुए हैं कि वह 300 बिलियन डॉलर 2035 से विकासशील या गरीब देशों को देना चालू करेंगे। यह पैसा जलवायु […] Read more » पर्यावरण
लेख स्वास्थ्य-योग जरूरत है अवसाद के प्रति जागरूक होने की November 28, 2024 / November 28, 2024 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment “पहला सुख निरोगी काया” जिस समय यह कहावत बनी थी तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि मन भी कभी रोगी हो सकता है। लेकिन आज का कटु यथार्थ यह है कि विश्व भर में अधिकांश लोग डिप्रेशन या अवसाद से ग्रसित हैं। यहाँ यह समझना आवश्यक है कि अवसाद या डिप्रेशन किसी व्यक्ति की […] Read more » अवसाद के प्रति जागरूक
महिला-जगत लेख समाज बाल विवाह मुक्ति बेटियों को खुला आसमान देगा November 28, 2024 / November 28, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – देश में बाल विवाह की प्रथा को रोकने, बढ़ते बाल-विवाह से प्रभावित बच्चों के जीवन को इन त्रासद परम्परागत रूढ़ियों की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने के लिये सरकार ने बाल-विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत करके एक सराहनीय एवं स्वागतयोग्य उपक्रम से हिम्मत और बदलाव की मिसाल कायम की है। यह […] Read more » bal vivah mukti child marriage Freedom from child marriage will give open sky to daughters बाल विवाह मुक्ति
लेख विविधा भारतीय समाज में लोन लीजिए,घी पीजिए की बढ़ती प्रवृत्ति। November 28, 2024 / September 27, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment भारत में खर्च के लिए क्रेडिट कार्ड पर निर्भरता की प्रवृत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। क्रेडिट कार्ड कंपनियां भी आज उपभोक्ताओं को क्रेडिट कार्ड जारी करने के एवज में फ्री गिफ्ट्स यथा स्मार्ट वाच, स्पीकर, इयर बड्स व अन्य गिफ्ट आइटम्स आदि बांटकर उन्हें अपने चंगुल में फंसा रहीं हैं। Read more » क्रेडिट कार्ड क्रेडिट कार्ड पर निर्भरता
बच्चों का पन्ना लेख जलवायु परिवर्तन के खतरों से बच्चों को बचाएं November 28, 2024 / November 28, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – हाल ही में प्रस्तुत हुई यूनिसेफ की रिपोर्ट ‘द फ्यूचर ऑफ चिल्ड्रेन इन चेंजिंग वर्ल्ड’ ने भारत में बच्चों के भविष्य को लेकर उत्पन्न चुनौतियों, त्रासद स्थितियों एवं भयावह भविष्य को उजागर किया है। इस रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि साल 2050 तक भारत में 35 करोड़ बच्चे जनसांख्यिकीय […] Read more » जलवायु परिवर्तन जलवायु परिवर्तन के खतरों से बच्चों को बचाएं
लेख शख्सियत समाज शिवाजी द्वितीय और महारानी ताराबाई November 27, 2024 / December 13, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment इससे पहले कि हम इस अध्याय के बारे में कुछ लिखें मैथिली शरण गुप्त की इन पंक्तियों रसास्वादन लेना उचित होगा- ‘हाँ! वृद्ध भारतवर्ष ही संसार का सिरमौर है।ऐसा पुरातन देश कोई विश्व में क्या और है?भगवान की भवभूतियों का यह प्रथम भंडार है।विधि ने किया नर सृष्टि का पहले यहीं विस्तार है।। राजनीति को […] Read more » Shivaji II and Maharani Tarabai शिवाजी द्वितीय और महारानी ताराबाई
पर्यावरण मनोरंजन लेख विविधा बचाइए वन्यजीवों को, आहार-प्रवास के हों पुख्ता प्रयास November 26, 2024 / November 28, 2024 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हरिओम शर्मा मरुधरा के नाम से मशहूर राजस्थान के अभयारण्यों में न केवल बाघ बल्कि बघेरों का कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है। पूरे प्रदेश में जहां जहां भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां इनकी आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है। आम आदमी और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले तो इस बात से […] Read more » बचाइए वन्यजीवों को
बच्चों का पन्ना लेख समाज स्वास्थ्य-योग नशे का जाल ,बुरा हो रहा है हाल November 26, 2024 / November 26, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला पाकिस्तान, अफगानिस्तान आतंकवाद के साथ ही देश-दुनिया में नशे का ज़हर घोल रहे हैं। दुबई से नशा तस्कर, ड्रग्स माफिया भी भारत में आज सक्रिय हैं। पहले देश में पंजाब को नशे का बड़ा केंद्र माना जाता था लेकिन आज राजधानी दिल्ली, राजस्थान की शिक्षा नगरी कहलाने वाले सीकर और कोटा, हिमाचल […] Read more » नशे का जाल
लेख समाज कृतज्ञता-संस्कृति से संवरती है जिन्दगी November 26, 2024 / November 26, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment धन्यवाद दिवस- 28 नवम्बर, 2024– ललित गर्ग – हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को अमेरिका समेत कई देशों में थैंक्सगिविंग डे यानी धन्यवाद दिवस, कृतज्ञता दिवस मनाया जाता है। थैंक्सगिविंग आधिकारिक तौर पर छुट्टियों के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होता है, जिसे जर्मनी, ब्राजील, कनाडा, जापान और अन्य देशों में भी मनाया जाता […] Read more » Life is improved by the culture of gratitude thanksgiving day धन्यवाद दिवस- 28 नवम्बर
लेख स्वास्थ्य-योग अवसाद से रहना है दूर तो पियो दूध November 25, 2024 / November 25, 2024 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह दूध एक संपूर्ण आहार है जो स्वस्थ दुधारू पशुओं के लैक्टियल स्राव से प्राप्त होता है। दुधारू पशुओं के ब्याने से 15 दिन पहले और ब्याने के 5 दिन बाद ही दूध का उपयोग होता है। दूध में मौजूद संघटक हैं- पानी, ठोस पदार्थ, वसा, लैक्टोज, प्रोटीन, खनिज वसा विहिन ठोस। […] Read more » दूध
लेख स्वास्थ्य-योग बवासीर : कारण व निवारण November 25, 2024 / November 25, 2024 by सारदा बनर्जी | Leave a Comment डॉ रुप कुमार बनर्जीहोमियोपैथिक चिकित्सक बवासीर की समस्या आज के समय में सामान्य हो गई है। व्यस्त जीवन शैली,गलत खानपान, भोजन में अत्यधिक मसाले का प्रयोग, चटपटा भोजन करना, जंक फूड का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना, कसरत मेहनत ना करना इत्यादि इसके कई कारण हो सकते हैं। बवासीर, जिसे पायल्स, हेमोरोइड्स और मुलव्याधि भी कहा जाता है, एक भयानक रोग है। यह एक कष्टकारी समस्या है जो दुनिया भर में कई लोगों को प्रभावित करती है। आंतरिक, बाहरी या दोनों प्रकार का हो सकता है जिसमें दर्द,जलन, खुजली, खून गिरना और सूजन इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं। शुरू में शर्म के मारे चिकित्सक को दिखाने में हीला हवाली करने पर बाद में यह विकट रूप धारण कर भयंकर कष्ट का कारण बन सकता है। बवासीर के कारण :- बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं। इनके बारे में जानकारी हमे सतर्क रहने में मदद कर सकती है। बवासीर के पांच मुख्य कारण हैं :- मल त्याग करते समय जोर लगाना , अव्यवस्थित जीवनशैली , अपेक्षाकृत पानी कम पीना , आहार में फाइबर की कमी , मोटापा , गर्भावस्था बवासीर के प्रकार :- बवासीर को उसकी गंभीरता और अन्य कारकों के आधार पर दो प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है। वे दो प्रमुख प्रकार हैं – खूनी बवासीर व बादी बवासीर खूनी बवासीर :- बवासीर उभरती हुई और सूजी हुई नसों के कारण आंतरिक या बाहरी गुदा में होती है। ब्लीडिंग बवासीर उन फूली हुई नसों के टूटने से होती है जो बार-बार मल त्याग करने या बैठते समय फट जाती है। खूनी बवासीर से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां अपनानी चाहिए :- प्रतिदिन खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें , फाइबर युक्त आहार लें , मल त्याग करते समय ज्यादा जोर न लगाएं , नियमित रूप से सप्ताह में कम से कम पांच दिन अवश्य व्यायाम करें , लंबे समय तक बैठे न रहें । खूनी बवासीर का इलाज :- इसके उपचार की विधि समस्या की गंभीरता पर निर्भर करती है। हल्के मामलों में, दवाइयों और दवाओं का उपयोग करके सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। होम्योपैथिक विभाग के द्वारा खूनी बवासीर को जड़ से ठीक किया जा सकता है । बशर्ते इसके लिए मरीज को धैर्यपूर्वक काफी दिनों तक इस बीमारी का इलाज करवाना चाहिए और चिकित्सक के बिना पूछे दवा नहीं बंद करना चाहिए। बादी बवासीर :- बादी बवासीर एक गंभीर मलाशय संबंधी समस्या होती है, जिसमें मलाशय की नसें सूज जाती हैं और मलाशय से बाहर लटकती हैं। अंग्रेजी में यह “Grade 3 or Grade 4 hemorrhoids” के रूप में भी जाना जाता है। बादी बवासीर के लक्षण :- बादी बवासीर के लक्षणों में खून आना, खुजली, सूजन और दर्द शामिल हैं। इसके साथ ही, मलत्याग के समय भी बादी बवासीर के रोगी को बहुत दर्द होता है और मलाशय में खुजली हो सकती है। बादी बवासीर के लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और समय रहते उपचार के लिए चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए ना कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के बाजार से दवा खरीद के खाना चाहिए। बवासीर के महत्वपूर्ण उपचार :- बवासीर का इलाज स्थिति के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। सामान्य मामलों में उच्च फाइबर आहार लेना, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना और नियमित व्यायाम करना जैसी जीवनशैली में परिवर्तन करने से हल किया जा सकता है। खुजली और असहजता जैसे सामान्य लक्षणों का इलाज क्रीम और उबटनों के इस्तेमाल से किया जा सकता है। गंभीर स्थितियों में चिकित्सा उपचार की आवश्यकता हो सकती है। यदि आप बवासीर के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो अपने चिकित्सक से अवश्य परामर्श करें ताकि आपकी व्यक्तिगत उपचार आवश्यकताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचारों का निर्धारण किया जा सके। होम्योपैथी एक ऐसी विधा है जिससे बवासीर की बीमारी को जड़ से ठीक किया जा सकता है। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न :- बवासीर क्यों होता है? बवासीर कई कारणों से हो सकता है। कुछ मुख्य कारण में मल त्याग करते समय जोर लगाना, बैठने की लम्बी अवधि, कब्ज या दस्त का अधिक समय तक होना, अत्यधिक मोटापा, और गर्भावस्था शामिल है2. बवासीर की शुरुआत कैसे होती है?बवासीर उस समय शुरू होता है जब गुदा और मलाशय क्षेत्र की नसें सूज और फूल जाती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। बवासीर की शुरुआती अवस्था में, लोगों को गुदा क्षेत्र में दर्द, खुजली और सूजन जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में मल त्याग करते समय खून भी निकल सकता है।3. बवासीर में क्या खाना चाहिए?बवासीर के मरीज को आहार में फाइबर से भरपूर फल और सब्जी जैसे कि गाजर, सेब, पपीता, अनार, लौकी,पत्तागोभी,आदि, दालें, हरी सब्जियां और उनके सूप अधिक पानी पीना, नारियल पानी, आदि लेने की सलाह दी जाती है।4. बवासीर होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?बवासीर के मरीज को अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची में तले हुए और मसालेदार खाद्य पदार्थ, तीखे और तले हुए नमकीन स्नैक्स, तली हुई चीजें, मिर्च-मसाला वाले खाद्य पदार्थ, बहुत ज्यादा चाट पकौड़ी,जंक फूड टोमेटो सॉस आदि शामिल हैं।5. बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है?बवासीर को जड़ से खत्म करने के लिए कुछ मुख्य उपाय निम्नलिखित हैं:सही खान-पानपानी का सेवननियमित व्यायाम:चिकित्सा–बिना पूछे चिकित्सक से दवा बिल्कुल बंद नहीं करना चाहिए।प्रस्तुतकर्ता – विनय कुमार मिश्र Read more » बवासीर