जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख विश्व को विश्वगुरू (भारत) ने दिया था राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप:भाग-2 September 3, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on विश्व को विश्वगुरू (भारत) ने दिया था राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप:भाग-2 गतांक से आगे….. राकेश कुमार आर्य इसीलिए महाभारत (अ. 145) में कहा गया है कि शासक को चाहिए कि भयातुर मनुष्यों की भय से रक्षा करे, दीन दुखियों पर अनुग्रह करे, कर्त्तव्य अकर्त्तव्य को विशेष रूप से समझे, तथा राष्ट्र हित में संलग्न रहे। सबको यह कामना करनी चाहिए कि राष्ट्र में पवित्र आचरण वाले […] Read more » राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप
महत्वपूर्ण लेख विश्व को विश्वगुरू (भारत) ने दिया था राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप August 25, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 8 Comments on विश्व को विश्वगुरू (भारत) ने दिया था राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप डा. संपूर्णानंद का कथन है कि-‘विज्ञान के नाम पर अपनी ज्ञान धरोहर को एकदम खारिज कर दिया जाए यह भी अंधविश्वास का ही एक प्रकार है, क्योंकि सही विज्ञान को परीक्षण के अनंतर ही निष्कर्ष निकालता है। अपनी वैदिक परंपरा तो जांच की परंपरा रही है, उसे जांचें और उस जांच में कुछ त्याज्य पायें […] Read more » राष्ट्र का वैज्ञानिक स्वरूप
महत्वपूर्ण लेख भारत को सदियों से आलोकित रखा है बप्पारावल की देशभक्ति ने August 21, 2013 / August 21, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 5 Comments on भारत को सदियों से आलोकित रखा है बप्पारावल की देशभक्ति ने राकेश कुमार आर्य भारत की जनता या भारत के नरेश जितने बड़े स्तर पर किसी विदेशी अक्रांता को चुनौती देते थे, उतने ही बड़े स्तर पर विजयी होने पर विदेशी अक्रांता यहां नरसंहार, लूट, डकैती और बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दिया करता था। महमूद ने भी वहीं-वहीं अधिक नरसंहार कराया जहां-जहां उसे अधिक चुनौती […] Read more » बप्पारावल की देशभक्ति
महत्वपूर्ण लेख विश्वगुरू (भारत) को दर्पण तो, दिखाओ। August 19, 2013 by डॉ. मधुसूदन | 10 Comments on विश्वगुरू (भारत) को दर्पण तो, दिखाओ। डॉ. मधुसूदन *जब भारत स्वयं ही अपने आप को बौनी विचारधाराओं के बराबर मानता है, तो परदेशियों को भारत की विशेषताओं का पता कैसे चलें? मारिया वर्थ: जब जर्मनी इसाई होने पर लजाता नहीं है, तो भारत क्यों, अपनी हिंदू विरासत (पर लजाता है) नकारता है? जर्मन महिला, मारिया वर्थ कहती है, उनके शब्दो में […] Read more » दिखाओ। विश्वगुरू (भारत) को दर्पण तो
जन-जागरण महत्वपूर्ण लेख आधुनिक शल्य – लाल कृष्ण आडवानी August 16, 2013 / August 16, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | 6 Comments on आधुनिक शल्य – लाल कृष्ण आडवानी मद्र देश के राजा शल्य नकुल-सहदेव के सगे मामा थे। वे चले थे यह संकल्प लेकर कि वे अपने भांजों यानि पाण्डवों की ओर से युद्ध करेंगे। पाण्डवों को पूरा विश्वास था कि उनके मामाजी उनके शिविर में अपने आप आ जायेंगे। उनका यह विश्वास स्वाभाविक भी था। दुर्योधन राजा शल्य की प्रत्येक गतिविधि […] Read more » आधुनिक शल्य - लाल कृष्ण आडवानी
महत्वपूर्ण लेख हिंद स्वराज ”वंदे मातरम” की शब्द शक्ति ” August 14, 2013 by डॉ. मधुसूदन | 11 Comments on ”वंदे मातरम” की शब्द शक्ति ” डॉ. मधुसूदन (एक) मातृभूमि की भक्ति जगाने की शक्ति: मातृभूमि के प्रति भक्ति-भाव जगाने की शक्ति,जिस गीत के शब्दों में कूट कूट कर भरी हुयी है, ऐसे ”वंदेमातरम” का सामुहिक गान जब सम्पन्न हुआ, तो एक ओर, पंक्तियाँ गायी जा रही थी, जिसके बोल थे – -शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम् फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम्, सुखदां वरदां […] Read more » ”वंदे मातरम” की शब्द शक्ति ”
कला-संस्कृति महत्वपूर्ण लेख जब स्वतंत्रता के लिए बिना राजा के ही लड़ती रहीं जातियां August 14, 2013 / August 14, 2013 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारतीय इतिहास अदभुत रोमांचों से भरा पड़ा है। यह सच है कि विदेशी इतिहासकारों ने उन रोमांचपूर्ण किस्से कहानियों के सच को इतिहास में स्थान नही दिया। इसके विपरीत हमें समझाया और पढ़ाया गया कि तुम्हारा अतीत कायरता का रहा। दूसरे, तुम सदा युद्घ में पराजित हुए हो, तीसरे, तुममें कभी भी राष्ट्रवाद की भावना नही रही, चौथे-हिंदुओं की […] Read more » जब स्वतंत्रता के लिए बिना राजा के ही लड़ती रहीं जातियां
महत्वपूर्ण लेख पिछले वर्ष की आठ घटनाएँ जिनसे पाक के हौसले बुलंद हुए August 8, 2013 / August 8, 2013 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment पाक द्वारा हमारें पांच सैनिकों की ह्त्या का दुस्साहस हमारी पिछली चुप्पियों का परिणाम है!! आज फिर भारत शोक संतृप्त है और शर्मसार भी! हैरान भी है और परेशान भी!! निर्णय के मूड में भी है और अनिर्णय के झंझावात में भी!!! पाकिस्तान की शैतानी सेना और आतंकवादियों की ढाल बनी सेना ने पूंछ […] Read more » पांच सैनिकों की ह्त्या का दुस्साहस
महत्वपूर्ण लेख राजनीति आरटीआर्इ: नहीं हटेगा पर्दा August 6, 2013 / August 6, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on आरटीआर्इ: नहीं हटेगा पर्दा प्रमोद भार्गव पुराने हिन्दी फिल्मों के गीतों में स्वस्थ्य मनोरंजन के साथ दर्षन का पुट भी झलकता है। इस भावना का पर्याय गीत है, पर्दे में रहने दो, पर्दा न हटाओ, पर्दा जो खुल गया तो भेद जाएगा। देश की सर्वोच्च अदालत ने राजनीतिक दलों द्वारा लिए जाने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के नजरिये […] Read more » आरटीआर्इ आरटीआर्इ: नहीं हटेगा पर्दा
महत्वपूर्ण लेख हिदुत्व के व्यापक विरोध के कारण गनजवी 10 प्रतिशत भारत भी नही जीत पाया था August 6, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 3 Comments on हिदुत्व के व्यापक विरोध के कारण गनजवी 10 प्रतिशत भारत भी नही जीत पाया था आनंदपाल के पश्चात उसके पौत्र भीमपाल ने अपने महान पूर्वज राजा जयपाल की वीर और राष्टभक्ति से परिपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस शिशु राजा को पुन: कुछ अन्य राजाओं ने सैन्य सहायता देने का निश्चय किया। अत: एक बार पुन: देशभक्ति का एक रोमांचकारी वातावरण देश में बना। राजा ने झेलम […] Read more » गनजवी 10 प्रतिशत भारत भी नही जीत पाया
महत्वपूर्ण लेख संस्कृत ब्रह्म वाणी क्यों है? August 1, 2013 by डॉ.मृदुल कीर्ति | 1 Comment on संस्कृत ब्रह्म वाणी क्यों है? डॉ.मृदुल कीर्ति अपरा और परा का संयोग ही सकल जगत का बीज है. बीजं माम सर्व भूतानाम ———–गीता ७/१० सब प्राणियों का अनादि बीज मुझे ही जान. आठ भेदों वाली– पञ्च तत्त्व, मन, बुद्धि, अहम् यह मेरी अपरा प्रकृति है.–गीता ७–४/५ पञ्च तत्वों की तन्मात्राओं में ही इस जिज्ञासा के सूत्र छिपे हैं कि संस्कृत […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख हिंदुत्व के वो महान बलिदानी और लुटेरा महमूद गजनवी July 30, 2013 / July 30, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 4 Comments on हिंदुत्व के वो महान बलिदानी और लुटेरा महमूद गजनवी लुटेरों को राज्यसिंहासन और वास्तविक उत्तराधिकारियों को वनवास दिलाना भारतीय प्रचलित इतिहास का सबसे घातक छल प्रपंच है। जिन इतिहास लेखकों ने इस राष्ट्र अपघात को करने में किसी भी प्रकार से सहयोग दिया है वे सभी ‘मंथरा’ की भूमिका में हैं। महमूद गजनवी का लुटेरा व्यक्तित्व भी भारत के लिए ऐसा ही है, जिसे यहां […] Read more » लुटेरा महमूद गजनवी