मीडिया जनाभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनती वेब मीडिया October 16, 2014 / October 16, 2014 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | Leave a Comment आज हम इस बात के लिए खुश हो सकते हैं कि हम ऐसे समय में हैं जब हमारे पास इंटरनेट जैसी अदभुत सुविधा या शक्ति मौजूद है। ऐसी शक्ति जिसके द्वारा हम अपने घर में बैठे-बैठे कितने भी दूर मौजूद व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं, मिनट भर में किसी भी तरह की जानकारी हासिल […] Read more » जनाभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनती वेब मीडिया
मीडिया वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता October 16, 2014 / October 16, 2014 by सुशांत शुभम | Leave a Comment आज वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता निसंदेह सहज है क्योंकि दृस्य, श्रव्य, चित्र और लिखित संदेशो के अनोखें समागम को प्रदर्शित करता हुआ सूचना को रोचक और मनोरंजक बनाकर कम समय में अधिक लोगों तक जानकारी पहुँचाने का सबसे सरल माध्यम है वेब मीडिया । वेब मीडिया ने ही आधुनिकता के इस दौर में परंपरागत […] Read more » वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता
मीडिया वेबमीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता October 15, 2014 / October 16, 2014 by रोहित श्रीवास्तव | Leave a Comment 21वी शताब्दी है ‘इंटरनेट और वेब मीडिया’ की …….. कहा जाता है मनुष्य सभी जीवों मे सबसे श्रेष्ठ जीव है। आदि-मानव के काल से आज कलयुग की 21वी शताब्दी मे ‘वह’ कहाँ से कहाँ पहुँच गया है। हर एक शताब्दी अपनी किसी न किसी चीज़ के लिए पहचानी जाती है। ऐसे ही 21वी शताब्दी ‘इंटरनेट […] Read more » वेबमीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता’
मीडिया वेब मिडिया की बढती स्वीकार्यता October 15, 2014 / October 16, 2014 by श्वेता झा | Leave a Comment मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। अरस्तु के अनुसार जो मनुष्य समाज मे नही रहते वो देव या दानव हैं। समाज मे रहने के लिये सबसे महत्वपूर्ण चीज़ ‘समाचार’ है। वर्तमान समय मे संचार माध्यम और समाज में गहरा संबंध एवं निकटता है। संचार माध्यमो के कारण ही सूचना और तकनीकी का प्रचार-प्रसार संभव हुआ है। […] Read more »
मीडिया ‘‘वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता’’ October 15, 2014 / October 16, 2014 by डॉ. मनोज कुमार तिवारी | Leave a Comment चिंतनशीलता, वैचारिक गतिशिलता हमेशा से एक ‘नई दुनिया’ की खोज के रूप में व्यैक्तिक व सामुहिक प्रयास का फल रहा है। लेकिन, इस संदर्भ में हमेशा से इस बात की चिंता रही है कि चिंतन व विचार-प्रवाह की मुखरता-स्वतंत्रता कहीं भी और किसी भी स्तर पर न बाधित हो, न एेसा दिखे और न दबाव […] Read more » वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता’’
मीडिया वेब मीडिया की बढती स्वीकार्यता October 15, 2014 / October 16, 2014 by प्रेरणा कुमारी | Leave a Comment “बदलाव अवसर लेकर आता है” – निडो क्यूबीन मानव मन का अध्ययन करने वाले मनौवैज्ञानिकों का कहना है कि हमारा दिमाग वही सुनना चाहता है, जो हम सुनना चाहते हैं। शायद इसीलिए इस लेख का विषय इस तरह रखा गया है ताकि इस विषय पर चिंतन उसी दिशा में हो, जिस दिशा में आयोजकों […] Read more » वेब मीडिया की बढती स्वीकार्यता
मीडिया पत्रकारिता के क्षेत्र में वेब मीडिया की बढती स्वीकार्यता October 15, 2014 / October 16, 2014 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment मैं लगभग 20 सालो से प्रिंट मीडिया से जुडा हॅू अपने शुरूआती लेखक जीवन में, मैं क्षेत्रीय मीडिया से जुडा रहा। फिर कुछ समाचार न्यूज एजेंसियो के द्वारा मेरे लेख राष्ट्रिय समाचार पत्रो में प्रकाशित होने लगे। लगभग 10 सालो से मैं स्वतंत्र पत्रकार के रूप में राष्ट्रिय समाचार पत्रो में स्तम्भकार के रूप में […] Read more » पत्रकारिता के क्षेत्र में वेब मीडिया की बढती स्वीकार्यता
मीडिया कौन जुकरबर्ग? October 15, 2014 / October 15, 2014 by मनोज कुमार | 1 Comment on कौन जुकरबर्ग? मनोज कुमार जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता और न ही मेरी जानने में कोई रुचि है। दरअसल, पिछले दिनों ये कोई जुकरबर्ग नाम के शक्श ने हिन्दी पत्रकारों के साथ जो व्यवहार किया, वह अनपेक्षित नहीं था। वास्तव में ये महाशय भारत में तो आये नहीं थे। इनका वेलकम तो इंडिया में हो […] Read more » जुकरबर्ग
मीडिया प्रवक्ता स्थापना दिवस समारोह 16 अक्टूबर को, आप सब सादर अामंत्रित. October 14, 2014 / October 14, 2014 by संजीव कुमार सिन्हा | 3 Comments on प्रवक्ता स्थापना दिवस समारोह 16 अक्टूबर को, आप सब सादर अामंत्रित. विचार पोर्टल प्रवक्ता डॉट कॉम ‘वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन करने जा रही है। यह संगोष्ठी 16 अक्टूबर 2014 को स्पीकर हॉल, कांस्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में सायं 4.30 बजे आयोजित होगी। ‘प्रवक्ता’ के छह साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार […] Read more »
मीडिया अब बड़े और ज्यादा असरदार ‘टॉनिक-नोबेल’ को आजमाया जा रहा है …..!! October 13, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment नोबेल – पुरस्कारों में ‘घाल-मेल’ की कहानी कोई नई बात नहीं है ….. पूर्व में भी अनेक अवसरों पर इस पुरस्कार और इसके जैसे दूसरे पुरस्कारों (जैसे मैग्ससे) की विश्वसनीयता पर प्रश्न-चिह्न खड़े हुए हैं ….. ये सर्वविदित है कि इस पुरस्कार की शुरुआत से लेकर आज तक पश्चिम के ताकतवर देश इसका इस्तेमाल अपने […] Read more » टॉनिक-नोबेल
मीडिया पत्रकारिता के विविध आयामों पर लखनऊ में व्यापक विमर्श October 9, 2014 / October 9, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment लखनऊ. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के नोएडा परिसर के निदेशक और इण्डिया टुडे के पूर्व सम्पादक श्री जगदीश उपासने का कहना है कि मीडिया आज अपने व्यावसायिक धर्म और उसके संकट के बीच समन्वय और सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास कर रहा है. एक ओर जहां उसने अपने लिये खुद ही लक्षमण रेखा […] Read more »
मीडिया सवाल चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता का October 9, 2014 by निर्मल रानी | Leave a Comment भारतीय लोकतंत्र में चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त मीडिया के विषय में वैसे तो शायर ने कहा है कि न स्याही के हैं दुश्मन न सफ़ेदी के हैं दोस्त। हमको आईना दिखाना है दिखा देते हैं।। परंतु बदलते समय के साथ-साथ समाज में धन की लालच की पराकाष्ठा के चलते शायद अब मीडिया को दूसरों […] Read more » सवाल चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता का