राजनीति अमेरिका की साम्राज्यवादी सोच के विरुद्ध बन रहे नए समीकरण January 21, 2026 / January 21, 2026 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति श्री निकोलस मदुरो को रात्रि के समय में गिरफ्तार कर अमेरिका लाकर उन पर मुकदमा चलाया जाना एवं वेनेजुएला के तेल भंडार पर अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका का कब्जा स्थापित करने का प्रयास करना, अमेरिका की साम्राज्यवादी सोच को ही दर्शाता है। Read more »
राजनीति महाराष्ट्र में भाजपा के विकास एवं विश्वास की निर्णायक जीत January 21, 2026 / January 21, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न शहरी निकाय चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा, प्रवृत्ति और भविष्य का संकेत देने वाला एक बड़ा जनादेश बनकर सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर […] Read more » महाराष्ट्र में भाजपा
राजनीति महाराष्ट्र चुनाव ने क्या संदेश दिया है January 21, 2026 / January 21, 2026 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी 2014 के बाद से मोदी की राजनीति देश के सिर पर चढ़कर बोल रही है। 2024 लोकसभा चुनाव में जब भाजपा बहुमत से दूर रह गई तो राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि अब मोदी की राजनीति का उतराव शुरू हो गया है । विपक्षी दल भी काफी खुश थे कि अब जनता […] Read more » महाराष्ट्र चुनाव
राजनीति शांति का मुखौटा, सत्ता की रणनीतिः ट्रंप का वैश्विक विरोधाभास January 21, 2026 / January 21, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- नोबेल शांति पुरस्कार की उत्कट अभिलाषा में डूबे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का व्यक्तित्व और कार्यशैली वैश्विक राजनीति के लिए एक गहरी विडंबना एवं विरोधाभास बनकर उभरी है। शांति का मसीहा बनने का उनका दावा जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही विरोधाभासी उनके कदमों का यथार्थ है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में वे […] Read more » ट्रंप का वैश्विक विरोधाभास
पर्यावरण राजनीति बर्फ़ और गर्मी के बीच मुक़ाबला तय: जलवायु संकट के साये में 2026 विंटर ओलंपिक January 21, 2026 / January 21, 2026 by निशान्त | Leave a Comment फ़रवरी 2026 में जब इटली के मिलान और कॉर्टीना द’आम्पेज़ो में विंटर ओलंपिक की शुरुआत होगी, तब खेल सिर्फ एथलीटों के बीच नहीं होगा। मुकाबला होगा बर्फ और बढ़ती गर्मी के बीच। ताज़ा वैज्ञानिक विश्लेषण साफ़ संकेत देता है कि जलवायु परिवर्तन अब विंटर ओलंपिक जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं की बुनियाद को भी चुनौती देने […] Read more » 2026 Winter Olympics in the shadow of climate crisis जलवायु संकट के साये में 2026 विंटर ओलंपिक
राजनीति इतिहास का सबसे लंबा अनुत्तरित प्रश्न नेताजी की मौत January 21, 2026 / January 21, 2026 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment नेताजी सुभाष की मृत्यु: आयोग, फाइलें और अधूरा सत्य– योगेश कुमार गोयलभारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत का रहस्य आज भी अनसुलझा है। दरअसल उनकी मृत्यु के संबंध में कई दशकों से यही दावा किया जाता रहा है कि 18 अगस्त 1945 को सिंगापुर से टोक्यो (जापान) जाते समय ताइवान […] Read more » नेताजी सुभाष की मृत्यु
राजनीति संगठनात्मक क्षमता की लय को कैसे रखेंगे बरकरार? January 21, 2026 / January 21, 2026 by रमेश ठाकुर | Leave a Comment नितिन नवीन को पार्टी की कमान सौंपकर भारतीय जनता पार्टी ने सियासी पटल पर एक नई इबारत लिखी है। Read more » नितिन नवीन
राजनीति एनएसए अजीत डोभाल ने ऐसा क्या कहा कि कुछ लोग तिलमिलाने लगे! January 21, 2026 / January 21, 2026 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने 10 जनवरी 2026 को कहा कि भारत की स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिली बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों तक चला दर्द, अपमान और विनाश छिपा हुआ है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में अजीत डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास के कड़वे सबक को समझें और […] Read more » एनएसए अजीत डोभाल
राजनीति महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम – प्रमुख राजनैतिक संदेश January 19, 2026 / January 28, 2026 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षितमहाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम आ चुके हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन महायुति ने संपूर्ण महाराष्ट्र मे महाविजय प्राप्त करके इतिहास रच दिया है। महाराष्ट्र में पहली बार भाजपा के 22 मेयर बनने जा रहे हैं जबकि तीन जिलों में उसके सहयोगी शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट, एक जिले अहिल्यानगर में […] Read more » महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम
राजनीति वंदे मातरम पर बवाल क्यों ? January 17, 2026 / January 28, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय ५ वन्देमातरम् की पृष्ठभूमि और बंकिम चंद्र चटर्जी हमारे भीतर आशाओं का संचार बना रहा सन १८१८ में पेशवा बाजीराव द्वितीय को अंग्रेजों ने तीसरे आंग्ल मराठा युद्ध के पश्चात सत्ता से हटा दिया और मराठा साम्राज्य का अंत कर सत्ता पर अपना अधिकार कर लिया।वास्तव में यह मराठा शक्ति का पतन नहीं था, […] Read more » वंदे मातरम पर बवाल
राजनीति विकसित @2047 के लिए युवा January 16, 2026 / January 16, 2026 by डॉ.बालमुकुंद पांडेय | Leave a Comment डॉ. बालमुकुंद पांडे विकसित भारत की संकल्पना युवाओं के रचनात्मक कार्य क्षमता एवं रचनात्मक संरचनात्मक ऊर्जा से ही संभव है । भारतवर्ष वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक युवा आबादी वाला राष्ट्र हैं जिसमें देश की 28.2% यानी 40 करोड़ आबादी ‘ 15- 29’ आयु – वर्ग की हैं । यह आयु – वर्ग नवाचार ,विकास, ग्राहय एवं अधिगम के लिए सर्वाधिक उपर्युक्त आयु होती है। राष्ट्र के इस ऊर्जावान युवा वर्ग में राष्ट्र के उत्थान एवं प्रत्येक भारतीयों के जीवनस्तर को गुणात्मक बनाए रखने की क्षमता, धारिता, और योग्यता होती है। युवाओं के सक्रिय भागीदारी एवं ऊर्जावान दक्षता से राष्ट्र को सामाजिक ,आर्थिक, एवं राजनीतिक(राजनैतिक) समृद्धि के लिए उत्प्रेरित करने की अनंत ,असीमित ,अपार एवं असीम क्षमता होती है। युवाओं को बौद्धिक ईमानदारी, सामाजिक समावेशिता, राष्ट्रीय जिम्मेदारी एवं राष्ट्रीय मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। इनके शिक्षा का उद्देश्य ‘ आत्मनिर्भर’ बनना है। युवाओं की संकल्प, संकल्पित क्षमता, ऊर्जा एवं नवाचार के द्वारा “विकसित भारत @2047” को प्राप्त कर लेंगे। भारत के युवाओं में इस संकल्प को साकार करने की असीमित क्षमता है। देश के युवाओं में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति एवं बौद्धिक विमर्श का जीवंत क्षमता है। विकसित भारत के निर्माण के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता एवं समर्पण असाधारण हैं। नवीन विचारों को ग्राह्म करने की युवाओं में अपार संभावनाएं और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति समर्पित है। विश्वविद्यालयों,महाविद्यालयों, कॉलेजों, एवं स्कूलों में ‘ युवा संगम ‘,’ विमर्श संगोष्ठी’ ,’ व्याख्यान श्रृंखलाएं’ एवं ‘ नेतृत्व क्षमता अभ्यास कार्यक्रम ‘ होने से युवाओं में अभिप्रेरणा ,उनमें इन कार्यक्रमों के प्रति मनोबल, ऐसे व्याख्याताओं की तरह बनने की ललक एवं नेतृत्व क्षमता अभ्यास के द्वारा व्यक्तित्व- निर्माण के लिए अपार संभावनाएं होती हैं जो युवाओं के ऊर्जा को बौद्धिक क्षितिजीकरण करके चरित्र – निर्माण ,व्यक्ति – निर्माण एवं राष्ट्र- निर्माण में प्रेरित करते हैं। इन सकारात्मक प्रयासों के संकलित प्रभाव से युवाओं में विकास भावना को उन्नयन करने में सहयोग ली जा रही है जो भविष्य में एक प्रकार से सतत विकास की मानवीय पूंजी सृजित करता है। इन शैक्षणिक निकायों से ऊर्जावान उद्दीपक निकालकर समाज, राज्य ,एवं राष्ट्र में सकारात्मक योगदान करते हैं । भारत असीम, अपार, एवं असीमित संभावनाओं का राष्ट्र हैं,जिससे समय-समय पर ऊर्जावान नेतृत्व निकलते हैं, जो देश एवं काल में राष्ट्र में महनीय भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा प्रतिभाओं को विकसित भारत के निर्माण में सहयोग के लिए प्रेरित करके उनके ऊर्जा का सदुपयोग किया जा सकता है। युवाओं की नेतृत्व एवं भागीदारी समाज के विकास व राष्ट्र – निर्माण में सक्रिय सहभागिता एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को उन्नयन करने के लिए अतिमहत्वपूर्ण होती है। युवा नवीनता एवं परिवर्तन की अत्यधिक ऊर्जा रखते हैं जिससे सामाजिक समस्याओं के समाधान, सामाजिक समस्याओं के समाधान के वाहक, सामाजिक परिवर्तन के चालक एवं प्रेरणादायक व प्रभावशाली भूमिका प्रदान करते हैं। भारत के युवा आबादी भारत की बड़ी मानवशक्ति हैं, जो समस्याओं के समाधान के प्रति नवोन्मेष दृष्टि अपनाते हैं। युवाओं के भीतर उत्साह व कार्य करने का जुनून होता है, उनके भीतर परिश्रम करने की क्षमता होती है, सपने साकार करने का मनोबल होता है। उनके कार्य के परिणाम से मिली सफलता देश की सफलता होती है। देश ने विगत 11 वर्षों से “विकसित भारत @2047″का संकल्प लिया है। इसकी संपूर्ति में सबसे ज्यादा योगदान युवाओं की है। युवाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत की प्राथमिकता है। 2024 में देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 1213 हो गई है। यह विस्तार राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के बेहतर एवं गुणात्मक क्रियान्वयन के लिए हुआ है। उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या 59000 हो गई है जिससे अधिकांश युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए बेहतरीन संस्थाएं उपलब्ध हो रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन हुआ है । मेडिकल कालेजों की संख्या 387 से बढ़कर 780 हो गई है और मेडिकल सीटों में 130% की वृद्धि हुई है। आईआईटी और आईआईएम की संख्या भी क्रमशः 23 एवं 20 हो गए हैं जिससे शीर्ष स्तर की शिक्षा तक पहुंच सरल हो गया है। इस तीव्र बदलाव का परिणाम हुआ है कि नूतन पीढ़ी के तकनीशियन ,प्रबंधन विशेषज्ञ और चिकित्सा विशेषज्ञ प्राप्त हुए हैं जो राष्ट्र की सेवा लगन से कर रहे हैं । भारतीय विश्वविद्यालय QS रैंकिंग में उच्च स्थान प्राप्त कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारतीय युवा वैज्ञानिकों ने नवोन्मेष व विकास में नूतन योगदान दे रहे हैं। अद्यतन में कानपुर आईआईटी के युवा वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की समस्या से निजात के लिए महत्वपूर्ण एवं ऊर्जावान प्रयास करके समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। अतीत से वर्तमान समय तक युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी की भूमिका में सक्रिय सहयोग दिया है। युवा देश के विकास में ईमानदारी से कार्य कर रहे है जो देश के विकास में उनकी भूमिका का संकलन है। युवाओं का इस समाज व देश के प्रति संकल्पित सामाजिक जिम्मेदारी है, जिनको संपूरित करना उनका नैतिक कर्तव्य है। नूतन ऊर्जा से भरा सकारात्मक चिंतन एवं चरित्रवान अवयव से देश को ऊंचाइयों तक ले जा रहे है। भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका की संपूर्ण आबादी से ज्यादा युवा आबादी रहती है। युवा देश के ईमानदार प्रत्याशी चुनकर सभ्य नागरिक समाज के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभा सकते है। राष्ट्र- निर्माण में युवाओं की भूमिका सराहनीय एवं मूल्यवान रहा है। युवाओं का योगदान रोजगार के अवसरों का सदुपयोग करके भारत को वैश्विक स्तर पर एक कुशल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में है। नूतन सोच व भरपूर ऊर्जा के साथ सामाजिक समस्याओं को हल करना, नवोन्मेष,नवाचार एवं तकनीकी कौशल का अनुप्रयोग करके समस्याओं का समाधान करना सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय सहयोग करना है। लैंगिक विषमता को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने एवं सामुदायिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहयोगी होना युवाओं के सामाजिक आभार का घटक है।भारत में नवाचार संस्कृति में गुणात्मक वृद्धि हुआ है। जुलाई, 2025 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लगभग 1.63 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें 45% महिलाएं भी हैं। इसके अंतर्गत डिजिटल कौशल, हरित तकनीकी, AI ,एवं रोबोटिक्स जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य है कि 2026 तक 4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देकर “आत्मनिर्भर भारत” निर्माण में सहयोग करना है। भारत के युवाओं ने अपने रचनात्मक ऊर्जा एवं कौशल से विकसित भारत के निर्माण में भूमिका निभा रहे हैं । इनकी भूमिका सामाजिक क्षेत्र ,राजनीतिक क्षेत्र,एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय है। अपने शारीरिक परिश्रम एवं नवोन्मेषी सोच से विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध हो सकता है। लेखक सामयिक विषयों एवं इतिहास पर गंभीर पकड़ रखते हैं।इनका निम्न सुझाव है:- 1. युवाओं के भीतर नवोन्मेष,नवाचार एवं विकास के प्रति गंभीर अवधारणा होती है। 2. भारत में ‘ जेन जी’ अपने रचनात्मक ऊर्जा को संरचनात्मक पहलुओं में अनुप्रयोग कर रहे हैं। 3. युवा वर्ग अपने कार्यदाई क्षमता एवं पहलकारी कार्यों से भारत को नवीनता की ओर अग्रसर कर रहे हैं। 4. सामाजिक क्षेत्रों,आर्थिक क्षेत्रों एवं राजनीतिक क्षेत्रों में युवाओं का अवदान उच्चतर स्तर का है। डॉ. बालमुकुंद पांडे Read more » विकसित @2047 के लिए युवा
राजनीति व्यंग्य नंबर वन का ‘अमृत’ और नरक का ड्रेनेज January 16, 2026 / January 16, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment विवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की ‘नंबर वन’ की ट्राफियां हैं और दूसरी तरफ जमीन फाड़कर निकलता ‘भागीरथपुरा’ का सच। सूचना मिली है कि प्रशासन ने अपनी चिर-परिचित फुर्ती दिखाते हुए कुछ अधिकारियों का ‘स्थानांतरण’ कर दिया है। वाह! क्या गजब […] Read more » नरक का ड्रेनेज