राजनीति प्रकृति संरक्षण: हमारे समाधान प्रकृति में हैं July 28, 2022 / July 28, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment सत्यवान ‘सौरभ’ प्रकृति में कई प्रकार की प्रजातियां एक पारिस्थितिकी तंत्र में कार्य करती हैं। प्रत्येक जीव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ पर्यावरण के विभिन्न अन्य जीवों के लिए भी कुछ उपयोगी योगदान देता है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है ताकि यह पहचाना जा सके कि […] Read more » Nature Conservation प्रकृति संरक्षण
राजनीति माले-मुफ्त, दिले-बेरहम July 28, 2022 / July 28, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ वेदप्रताप वैदिक उर्दू में एक कहावत है कि माले-मुफ़्त और दिले-बेरहम! इसे हमारे सभी राजनीतिक दल चरितार्थ कर रहे हैं याने चुनाव जीतने और सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए वे वोटरों को मुफ्त की चूसनियाँ पकड़ाते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे रेवड़ी संस्कृति कहा है, जो कि बहुत सही शब्द है। […] Read more » Dil-Brueless freebie politics Male-Free
राजनीति मजहबी षड्यंत्र के चलते 33 करोड़ हिन्दू देवताओ का भृम फैलाया गया July 28, 2022 / July 28, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment – दिव्य अग्रवाल सनातन धर्म इस ब्रह्माण्ड का आधार है । जिसका व्याख्यान असंख्य धर्मपुस्तको व पुराणों में किया गया है। परन्तु इसके विपरीत एक सत्य यह भी है कि सनातन धर्म को कमजोर व धर्म के प्रति हीन भावना को प्रोत्साहित कर सनातनियो में विघटन उत्तपन करने हेतु मुगल काल मे इस्लामिक कट्टरपंथियो ने […] Read more » 33 करोड़ हिन्दू देवता The illusion of 33 crore Hindu gods was spread due to religious conspiracy.
राजनीति कहीं देश विरोध में तो नहीं बदल रहा राजनीतिक विरोध July 28, 2022 / July 28, 2022 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानीवर्तमान में यह तो सबको पता है कि क्या बोलना चाहिए, लेकिन इसका पालन व्यवहार में बहुत कम दिखाई देता है। इसी प्रकार एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है कि हमें यह पता नहीं होता कि क्या नहीं बोलना और करना है। राजनीतिक जीवन में मर्यादित व्यवहार करने की आशा सबसे की जाती […] Read more » Is the political opposition changing in the country's opposition?
राजनीति मुफ्त की संस्कृति पर लगाम लगाना जरूरी July 28, 2022 / July 28, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग मुफ्त की रेवड़ियां बांटने वाली राजनीति देश के विकास की एक बड़ी बाधा है, यह आम जनता को अकर्मण्य एवं कामचोर बनाने के साथ-साथ राजनीति को दूषित करती है। जो नेता इसे परोपकार मानते हैं, वे देश की जनता को गुमराह करते हैं। यह सरासर प्रलोभन एवं चुनावों में अपनी जीत को सुनिश्चित […] Read more » It is necessary to rein in the culture of free मुफ्त की संस्कृति
राजनीति गांधी के गुजरात में जहरीली शराब से मौतें July 27, 2022 / July 27, 2022 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः गुजरात में जहरीली शराब से मौतें प्रमोद भार्गव गांधी के गुजरात के बोटाद जिले में पिछले तीन दिन में 33 लोगों की मौत जहरीली शराब हुई है। शराबबंदी के बावजूद इस शराब का बनना और बिकना इस बात का प्रमाण है कि जहरीली शराब का धंधा पूरे गुजरात में चल रहा है। वैसे भी […] Read more » death in Gujarat due to spurious liquor गुजरात में जहरीली शराब से मौतें
राजनीति सरकार को घेरने का कमजोर तरीका है हंगामा July 27, 2022 / July 27, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग :- संसद का मानसून सत्र भारी हंगामे की भेंट चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, कोई ठोस कामकाज अथवा राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक चर्चा न होना विपक्ष की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। यह भारतीय लोकतंत्र की बड़ी कमजोरी बनती जा रही है कि सरकार को जरूरी एवं राष्ट्रीय मुद्दों […] Read more » Uproar is a weak way to surround the government
राजनीति भारत से प्रतिभा पलायन : कारण और निदान July 27, 2022 by गिरीश बिलोरे | Leave a Comment गिरीश बिल्लोरे मुकुल संसद के मानसून सत्र में तारांकित लोकसभा प्रश्न के जवाब में जानकारी स्पष्ट हुई है जिसके अनुसार भारत से 392000 लोग विदेशों में स्थाई रूप से बसने के इरादे से लगभग 120 देशों के नागरिक बन चुके हैं। मीडिया सूत्रों से तथा संसद में दिए जवाब के […] Read more » Brain drain from India Brain drain from India: causes and solutions भारत से प्रतिभा पलायन
राजनीति मुफ्त की रेवड़ी न तो टिकाऊ है और न ही चुनाव जीतने की गारंटी July 26, 2022 / July 26, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के पतन की हालिया खबरों ने राज्य की भूमिका पर एक नई बहस को जन्म दिया है। श्रीलंका की सरकार ने बोर्ड भर में करों में कटौती की और कई मुफ्त सामान और सेवाएं प्रदान कीं। नतीजतन, अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई और सरकार गिर गई । संभावित मतदाताओं को मुफ्त उपहार […] Read more » Freebie politics is neither sustainable nor guaranteed to win elections मुफ्त की रेवड़ी
राजनीति पर्यावरण का संकट एवं द्रौपदी मुर्मू का संकल्प July 26, 2022 / July 26, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग :- भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप मंे देश के सर्वाेच्च पद पर, प्रथम नागरिक के आसन पर एक व्यक्ति नहीं, निष्पक्षता और नैतिकता, पर्यावरण एवं प्रकृति, जमीन एवं जनजातीयता के मूल्य आसीन हुए हैं। आजाद भारत में पैदा होकर आजादी के अमृत महोत्सव की बेला में एक ऐसा व्यक्तित्व द्रौपदी मुर्मू […] Read more » Environmental crisis and Draupadi Murmu's resolve द्रौपदी मुर्मू द्रौपदी मुर्मू का संकल्प पर्यावरण का संकट
राजनीति आजादी के अमृत महोत्सवी अवधि के पिछले 8 वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में बनाया है एक नया मुकाम July 25, 2022 / July 25, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment पिछले 75 वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में यदि भारत के विकास की बात करें तो ध्यान में आता है कि भारत ने पूरे विश्व में अपने लिए विशेष रूप से आर्थिक, अंतरिक्ष, विज्ञान, रक्षा-सुरक्षा, योग एवं आध्यात्म जैसे क्षेत्रों में अपना एक अलग मुकाम बनाया है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में आज भारत एक वैश्विक […] Read more » In the last 8 years of the nectar festival period of independence India has made a new place in many fields.
राजनीति द्रौपदी मुर्मू : समाज के अंतिम छोर की प्रतिभा July 25, 2022 / July 25, 2022 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानीराष्ट्रपति के चुनाव की मतगणना के पश्चात देश ने नए राष्ट्रपति के रूप में जनजातीय समाज की प्रतिभा द्रौपदी मुर्मू को चुन लिया गया है। राष्ट्रपति के रूप में उनका चयन निश्चित ही एक ऐसा संदेश प्रवाहित कर रहा है, जिसमें एक उम्मीद है, एक विश्वास है। जो उस समाज में आगे बढऩे का […] Read more » Draupadi Murmu द्रौपदी मुर्मू