राजनीति आवश्यकता अब ‘सोशल एनकाउंटर’ की July 19, 2020 / July 19, 2020 by अतुल तारे | Leave a Comment अतुल तारे आखिर चाहते क्या हैं, आप? कुख्यात अपराधी विकास का समूल विनाश हो गया तो ऐसे कौन से राज दफन हो गए? गुंडागर्दी, हत्या, लूट एवं रंगदारी के लिए आतंक का पर्याय बना विकास क्या अकेले के दम पर यह सब कर रहा था? कौन नहीं जानता उत्तरप्रदेश के किस-किस राजनीतिक दल के आका, […] Read more » The need for a social encounter now आवश्यकता अब सोशल एनकाउंटर की सोशल एनकाउंटर
राजनीति उदारवादियों के सिलेक्टिव लिब्रलिस्म से पर्दा उठने लगा है। July 18, 2020 / July 18, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment आज हम उस समाज में जी रहे हैं जिसे अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन करने में महारत हासिल है। वो समाज जो एकतरफ अपने उदारवादी होने का ढोंग करता है, महिला अधिकारों, मानव अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बड़े बड़े आंदोलन और बड़ी बड़ी बातें करता है लेकिन जब इन्हीं अधिकारों का […] Read more » The curtain has begun to rise from the selective libralism of liberals. उदारवादियों के सिलेक्टिव लिब्रलिस्म सिलेक्टिव लिब्रलिस्म
राजनीति दल-बदलुओं के बीच पिसती राजनीति July 18, 2020 / July 18, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment समयानुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा दलबदल कानून में संतुलन की सख्त जरूरत है —डॉo सत्यवान सौरभ, हाल ही में राजस्थान में बिगड़ते राजनीतिक संकट के बीच राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी विधायकों को ‘दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता नोटिस जारी किया गया है। इसको लेकर बागी काॅन्ग्रेसी नेता सचिन पायलट और 18 अन्य असंतुष्ट विधायकों ने […] Read more » दलबदल कानून में संतुलन की सख्त जरूरत पिसती राजनीति
राजनीति काँग्रेस पर फिसलती गाँधी परिवार की कमान ? July 17, 2020 / July 17, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल राजनीति में महत्वाकाक्षाएं अहम होती हैं। वहां दलीय प्रतिबद्धता, राजनैतिक सुचिता और नैतिकता का कोई स्थान नहीं होता है। राजनीति की यह परिभाषा हैं कि समय के साथ जो पाला बदल कर अपनी गोट फीट कर ले वह बड़ा खिलाड़ी है। […] Read more » काँग्रेस पर फिसलती गाँधी परिवार की कमान गाँधी परिवार की कमान
राजनीति चीन, अमरीका एवं भारत के युद्ध की संभावना और थूसीडाइड्स जाल July 17, 2020 / July 17, 2020 by डॉ. विश्वास चौहान | Leave a Comment – डॉ. विश्वास चौहान अपनी तमाम चालाकियों और चतुराई के बाद भी जानबूझ कर कोरोना फैलाने का चीन का षड्यंत्र छुप नहीं सका। परिणामस्वरूप कोरोना से पीड़ित अखिल विश्व में चीन के विरुद्ध आक्रोश, असंतोष और अभूतपूर्व विरोध के स्वर प्रस्फुटित हो रहे हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में अमरीका और चीन तथा भारत और […] Read more » The possibility of war of China USA and India and Thucydides trap चीन
राजनीति दुश्मनों पर बेरहम साबित होता है अपाचे July 17, 2020 / July 17, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment अपाचे है दुनिया का सबसे आधुनिक और घातक हेलिकॉप्टर – योगेश कुमार गोयल भारतीय वायुसेना को अमेरिकी एयरोस्पेस कम्पनी ‘बोइंग’ से खरीदे गए सभी 22 अपाचे हेलीकॉप्टर मिल गए हैं, जिसके साथ वायुसेना की ताकत काफी बढ़ गई है। ढ़ाई अरब डॉलर का यह रक्षा सौदा सितम्बर 2015 में हुआ था। इन हेलीकॉप्टरों की […] Read more » अपाचे अपाचे है दुनिया का सबसे आधुनिक और घातक हेलिकॉप्टर
राजनीति भारतीय प्रतिभाओं के बिना भारत आगे नहीं जा सकता July 17, 2020 / July 17, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment किसीभीदेशकीशक्तिहोतेहैंउसकेनागरिकऔरअगरवोयुवाहोंतोकहनेहीक्या।भारतएकऐसाहीयुवादेशहै।हालहीमेंभारतीयजनसंख्याआयोगकेरजिस्ट्रारजनरलकीओरसेतैयारकिएगएसैंपलरेजिस्ट्रेशनसिस्टम 2018 कीरिपोर्टकेअनुसारहमारेदेशमें 25 वर्षसेकमआयुवालीआबादी 46.9% है।इसमें 25 वर्षकीआयुसेकमपुरूषआबादी 47.4% और महिला आबादी 46.3%। यह आंकड़े किसी भी देश को प्रोत्साहित करने के लिए काफी हैं। भारत जैसे देश के लिए भी यह आंकड़े अनेकों अवसर और आशा की किरणें जगाने वाले हैं लेकिन सिर्फ आंकड़ो से ही उम्मीदें पूरी नहीं होती, उम्मीदों को अवसरों में बदलना पड़ता है। इसे हम भारत का दुर्भाग्य कहें या फिर गलत नीतियों का असर कि हम एक देश के नाते अपने इन अवसरों का उपयोग नहीं कर पाते और उन्हें उम्मीद बनने से पहले ही बहुत आसानी से इन उम्मीदों को दूसरे देशों के हाथों में फिसलने देते हैं। हमारे प्रतिभावान और योग्य युवा जो इस देश की ताकत हैं जिनमें इस देश की उम्मीदों को अवसरों में बदलने की क्षमता है वो अवसरों की तलाश में विदेश चले जाते हैं। जो युवा इस देश का एक बार फिर से विश्वगुरु बनाने का सपना साकार करने में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं वो अपने सपनों को साकार करने के लिए इस देश से पलायन करने के लिए विवश हो जाते हैं। जी हाँ यह कटु सत्य है कि ब्रेन ड्रेनेज का शिकार होने वाले देशों में भारत पहले स्थान पर आता है। यू एस नेशनल साइंस फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2003 से 2013 के बीच यू एस में भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की संख्या में 85% की वृद्धि हुई है। अगर ब्रेन ड्रेनेज के मामले में एशिया के अन्य देशों से तुलना की जाए तो यहाँ भी इसी रिपोर्ट के अनुसार एशिया के सभी देशों को मिलाकर विदेश जाने वाले 2.96 मिलियन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की संख्या में से भारत 9,50,000 के साथ पहले स्थान पर है। लेकिनअगरआपसोचरहेहैंकियहपिछलेकुछसालोंकीहीसमस्याहैतोऐसानहींहै।इसदेशकेइतिहासमेंऐसेअनेकउदाहरणमिलजातेहैं।श्रीनिवासरामानुजनऐय्यंगरकाउदाहरणहमारेसामनेहैजिनकेपासगणितकीकोईऔपचारिकशिक्षायाडिग्रीनहींहोनेकेबावजूदगणितमेंउनकायोगदानअतुलनीयहै।आजभलेहीउनकेनामपरअनेकोंसम्मानदिएजातेहोंलेकिनयहभीसचहैकिउनकेजीवनकालमेंइसदेशमेंउनकीरिसर्चकोकोईमददतोदूरकीबातहै, स्वीकार्यताभीनहींमिलीथी।हारकेउन्होंनेकैम्ब्रिजयूनिवर्सिटीकेएकब्रिटिशगणितज्ञजीएचहार्डीकोअपनीरिसर्चभेजीतोहार्डीनेनासिर्फउनकेकार्यको “असाधारण” मानाबल्किउनकीप्रतिभाकोपहचानतेहुएउनकेब्रिटेनआनेकाप्रबंधभीकिया।यहघटना 1913 कीहै।आजरामानुजनइसदुनियामेंनहींहैंलेकिनगणितमेंउनकेद्वाराकिएगएकामपरजबलगभगसौसालबाद 2011 – 2012 में रिसर्च की जाती है तो आज के गणितज्ञ भी उनके काम को गहन, बेहद बारीक और उच्चतम बौद्धिक स्तर का स्वीकार करते हैं। हरगोविंद खुराना,जिन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई भारत में ही की थी,आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए थे उसके बाद पी एच डी करके भारत आए, 1949 की बात है, लेकिन उन्हें यहाँ नौकरी नहीं मिली तो वो वापस विदेश चले गए और यू एस के नागरिक बन गए। हम सब जानते हैं कि 1968 में उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया था। जिस देश में अपने देश के एक होनहार युवा के लिए एक नौकरी नहीं थी, आज उसी देश में अमरीकी नागरिक हरगोविंद खुराना के नाम पर उभरती हुई प्रतिभाओं को सम्मान दिए जाते हैं। सी आर राव, हरिश्चंद्र ऐसे नामों की फेहरिस्त अंतहीन है क्योंकि हमने अपनी गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा और 21 वीं सदी में भी इस फेहरिस्त में नाम जुड़ते जा रहे हैं। इसविषयमेंहमचीनसेसीखसकतेहैंजोचीनकलतकब्रेनड्रेनेजकेमामलेमेंभारतकेकरीबखड़ाथाआजउसनेअपनीनीतियोंमेंबदलावकरकेअपनेदेशसेप्रतिभाओंकेपलायनकोकाफीहदतकरोकलियाहै।इसकेलिएउसनेशोधऔरअनुसंधानपरजोरदेनाशुरूकरदियाहैऔरउसकेबजटमेंबेतहाशावृद्धिकीहै।भारतकीअगरहमबातकरेंतोहमारेयहाँबुनियादीशिक्षामेंप्रायोगिककेबजाएसैद्धांतिकशिक्षापरजोरदियाजाताहै।इसकापरिणामहमारेसामनेउससर्वेरिपोर्टकेरूपमेंआताहैजोयहकहतीहैकिदेशके 80% इंजीनियरबनकरनिकलनेवालेयुवानौकरीकरनेकेलायकनहींहैं।केवल 2.5% के पास वो टैलेंट होता है जो आज की आवश्यकता के अनुरूप है।और जैसा कि होता आया है इस 2.5% में से अधिकांश युवा बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश चले जाते हैं। सुन्दर पिचाई सत्या नडेला इंद्रा नूई कल्पना चावला ऐसे अनेकों नाम हैं। अगरहमवाकईमेंएकदेशकेरूपमेंएकराष्ट्रकेरूपमेंआगेबढ़नाचाहतेहैंतोहमेंअपनेदेशकीप्रतिभाओंकोपहचाननाहोगा।ऐसीप्रतिभाएंजोविज्ञानकेक्षेत्रमेंविश्वकानेतृत्वकरनेकीक्षमतारखतीहों।भारतकेपासप्रतिभाओंकीकमीनहींहै।भारतसदासेहीकल्पनाओंऔरविचारोंकाकेंद्रबिंदुरहाहै।अपनेलक्ष्योंकोसीमितसंसाधनोंऔरकमबजटमेंहासिलकरनेकीभारतीयोंकीक्षमताविश्वमेंबेजोड़है।हमारेस्पेसप्रोग्रामइसकासर्वश्रेष्ठउदाहरणहैं।पिछलेकुछसालोंमेंइसरोनेजिसप्रकारविश्वकाध्यानअपनीओरआकर्षितकियाहैवोइसकासबूतहै।लेकिनयहभीसचहैकिभारतीयप्रतिभाओंकेबिनाभारतआगेनहींजासकता। देर से ही सही लेकिन अब सरकार ने इस दिशा में सोचना शुरू कर दिया है। 2019 के बजट में देश की प्रतिभाओं को देश में ही अनेक अवसर उपलब्ध कराने की घोषणाएं तो हुई हैं लेकिन उन्हें यथार्थ में बदलना सरकार के लिए चुनौती होगी। अगर हम विश्व में भारत का कद बढ़ाने का सपना साकार करना चाहते हैं तो हमें इस दिशा में प्रयास करने होंगे कि हमारे देश की प्रतिभाओं को अपने सपने सच करने के लिए इसी देश की जमीन मिले उनके हौसलों की उड़ान को इसी देश का आसमान मिले। अपने सपने सच करने के लिए उन्हें विदेशी धरती का सहारा ना लेना पड़े। Read more » भारतीय प्रतिभा
राजनीति नये सुख की सृजना में जुटी मोदी नीतियां July 17, 2020 / July 17, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –कोरोना कोरोना वायरस से उपजे संकट ने भारत को गहरे घाव दिये हैं। स्वास्थ्य संकट, सीमा विवाद, बेरोजगारी, व्यापार की अस्तव्यस्तता, अनियंत्रित अर्थव्यवस्था जैसी अनेक समस्याएं-परिस्थितियां उभरी हुई है, फिर-फिर उभरेंगी, आग पकडें़गी, मिटेगी और फिर जन्म लेगी। ऐसे नाजुक क्षणों में हमें चुनौतियों का सामना करना होगा। संयम, विवेक और संतुलन […] Read more » मोदी नीतियां
राजनीति वक्त है बदलाव का July 17, 2020 / July 17, 2020 by आनंद जोनवार | Leave a Comment वर्तमान में दल-बदल विरोधी कानून की प्रासंगिकता पर सवाल उठना लाजमी है। करीब एक साल के भीतर अलग अलग राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष ने कई विधानसभा सदस्यों को उनके आचरण के कारण अयोग्य घोषित किया है ।जिस दिन से इन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाता है ,उसी दिन से अयोग्य सदस्यों को […] Read more » दल-बदल विरोधी कानून
राजनीति आयुष्मान भव July 16, 2020 / July 17, 2020 by श्याम सुंदर भाटिया | Leave a Comment श्याम सुंदर भाटिया चौंकिएगा नहीं, देश में एक हजार से अधिक सरकारी और निजी विश्वविद्यालय हैं। 45 हजार डिग्री कॉलेज हैं। 15 लाख+ स्कूल हैं। एक करोड़ 9 लाख+ शिक्षक हैं। इनमें प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्रों की संख्या 33.5 करोड़ है। इन छात्रों को घर पर ही ऑनलाइन शिक्षा दी गई है। […] Read more » online classes आयुष्मान भव केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक
राजनीति राजस्थान में भाजपा का उम्मीदभरा चेहरा July 16, 2020 / July 16, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलेट के बीच मचे सियासी घमासान ने लोकतंत्र की बुनियाद को गहरा आघात पहुंचाया है। इन दोनों के बीच के संघर्ष ने कांग्रेस की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। एक बड़ा प्रश्न है कि क्या मध्य प्रदेश जैसा उलटफेर राजस्थान में भी हो […] Read more » ashok gahalaut and sachin pilot मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलेट राजस्थान में भाजपा
राजनीति शख्सियत समाज फ्रॉक वाली हिन्दी मास्टरनी : दुर्गाबाई देशमुख July 16, 2020 / July 16, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment – प्रो. अमरनाथ अपने माता पिता के सामाजिक कार्यों तथा गाँधी जी से प्रभावित होकर दुर्गाबाई ने 10 वर्ष की आयु में ही काकीनाडा ( आंध्र प्रदेश ) में महिलाओं के लिए हिंदी पाठशाला की स्थापना की। उन्होंने बहुत कम उम्र में गांधीजी के आदर्शों का पालन करना शुरू कर दिया। उन्होंने खादी पहनी और अंग्रेजी माध्यम के […] Read more » durgabai deshmukh दुर्गाबाई देशमुख