राजनीति

अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच हो रहा है दो दलीय राजनीति का धुवीकरण

अरुणाचल प्रदेश की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से दो दलों के ध्रुवीकरण की ओर बढ रही है और शायद पूर्वोत्तर भारत में यह पहला राज्य है जहां यह ध्रुवीकरण कांग्रेस और भाजपा की बीच हो रहा है। पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में इस प्रकार का ध्रुवीकरण कांग्रेस और वहां के क्षेत्रीय दलों में विद्यमान है।

दलित -महादलित और चोरों के साधू सरदार नीतीश

नीतीश के विकास रथ के पहिये तले बिहार का सामाजिक , राजनैतिक व आर्थिक तानाबाना लहुलुहान हो जान की भीख मांग रहा है । १५ वर्षों के लालूराज की मरुभूमि में नीतीश नाम का पौधा खिला तो लोगों को लगा विकास

चुनाव विश्लेषण : तथ्य जो नज़रअंदाज किये गए

अभी -अभी हमारे गणतंत्र या लोकतंत्र अथवा प्रजातंत्र जो भी कहें , क्योंकि वो बस कहने भर को हमारा है बाद बाकि इसकी आत्मा अर्थात संविधान तो आयातित ही है ना , का कुम्भ समाप्त हुआ है । वैसे तो यह कुम्भ मेला कम अखाडा ज्यादा लगता है पर अखाड़े की धुल मिटटी की जगह यहाँ भ्रष्टाचार के कीचड़ उछाले जाते हैं । आशंकाओं के विपरीत कांग्रेस का २०० सीटों पर जीत कर आना और यूपीए द्वारा बहुमत से सरकार बनाये जाने पर लोग खुश नजर आ रहे है।

न्यूटन का नियम और राजनैतिक स्थिरता – आशुतोष

यह स्थिरता भी गजब चीज है। न्यूटन ने बताया कि जो चीज स्थिर है वह तब तक स्थिर बनी रहती है जब तक बाहर से बल न लगाया जाय। 1687 में न्यूटन ने जब इस नियम को…

ये लोकसभा तो अपराधियों और करोड़पतियों की है – हिमांशु शेखर

लोकसभा चुनाव 2009 के नतीजों की व्याख्या अलग-अलग तरह से की जा रही है। हर तरफ यह बात कही जा रही है कि यह चुनाव राष्ट्रिय दलों के दौर की वापसी वाला रहा।