राजनीति संवाद के मंथन को हकीकत में बदलना होगा November 12, 2012 / November 12, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम हरियाणा का सूरजकुंड भारतीय राजनीति की दिशा-दशा बदलने का अहम पड़ाव साबित हो सकता है। पहले भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और अब कांग्रेस का संवाद मंथन, इस छोटे से शहर से राजनीतिक शुचिता की उम्मीद नजर आ रही है। राजनीतिक पूर्वाग्रहों से इतर सूरजकुंड में दोनों ही राष्ट्रीय […] Read more » संवाद के मंथन को हकीकत में बदलना होगा
राजनीति चीन की चाटुकारिता राजनैतिक भूल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ November 12, 2012 / November 12, 2012 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 3 Comments on चीन की चाटुकारिता राजनैतिक भूल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ भारत ने अभी हाल ही में 1962 में हुये भारत चीन युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मृति दिवस मनाया । वास्तव में ये सरकार का एक प्रशंसनीय और स्वागत योग्य कदम है जिसके प्रति किसी को भी कोई पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिये । इस अवसर पर विदेश मंत्री सहित सेनाध्यक्षों ने कई बार […] Read more » china nad India
राजनीति साख बचाने की छटपटाहट-अरविंद जयतिलक November 9, 2012 / November 9, 2012 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment आरोपों के चक्रव्यूह से निकलने की कशमकश के बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की महारैली उसकी भविश्य की चिंताओं और चुनौतियों का समाधान करने में कितना सफल रहेगी यह कहना अभी कठिन है। किंतु जिस तेवर में प्रधानमंत्री समेत सोनिया और राहुल ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए उस पर आर्थिक […] Read more »
राजनीति सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मंत्रद्रष्टा November 9, 2012 / November 10, 2012 by डॉ. सौरभ मालवीय | 2 Comments on सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मंत्रद्रष्टा भारतीय राजनीति के शिखर पुरूष श्री लालकृष्ण आडवाणी के 85 वें जन्म दिवस पर विशेष ‘माई कंट्री माइ लाइफ’ बस नाम ही काफी है लेखक के उदात्त चित्त को समझने के लिए। राष्ट्रीय संवेदना से इतना एकाकार कि लेखक का जीवन ही देश का जीवन बन गया या राष्ट्र जीवन ही लेखक का प्राण तत्व हो […] Read more » लालकृष्ण आडवाणी
राजनीति व्यवस्था परिवर्तन अर्थात.. ? November 9, 2012 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार इन दिनों जिधर देखो व्यवस्था परिवर्तन का शोर है। हर कोई इसका झंडा लिये दूसरों को गरिया रहा है। राहुल बाबा इस मैदान में सबसे नये खिलाड़ी के रूप में उतरे हैं। गत चार नवम्बर, 2012 को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेसी रैली में भाषण देते हुए उन्होंने हर दूसरे वाक्य […] Read more » व्यवस्था परिवर्तन
राजनीति कांग्रेस के काया-कल्प का श्रीगणेश November 7, 2012 / November 7, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on कांग्रेस के काया-कल्प का श्रीगणेश नई दिल्ली के राम लीला मैदान पर रविवार ४ नवम्बर को हुई कांग्रेस की महारैली को लेकर कार्यकर्ताओं के उत्साह और मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद बुधवार ७ नवम्बर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में निर्माणाधीन रेल कोच फैक्ट्री का विधिवत उदघाटन किया। गौरतलब है कि सन २००६ के […] Read more » कांग्रेस के काया-कल्प
राजनीति गडकरी के बयान पर इतना बवाल क्यों? November 7, 2012 by तेजवानी गिरधर | 12 Comments on गडकरी के बयान पर इतना बवाल क्यों? तेजवानी गिरधर भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी के हालिया बयान पर बड़ा बवाल हो रहा है। कांग्रेसी तो उन पर हमला बोल ही रहे हैं, भाजपा में भी आग लग गई है। हालत ये हो गई कि गडकरी को खेद जताना पड़ा। असल में उन्होंने कहा ये था कि स्वामी विवेकानंद और दाऊद इब्राहिम का […] Read more » नितिन गडकरी
राजनीति दिग्विजय की राह पर केजरीवाल November 7, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 36 Comments on दिग्विजय की राह पर केजरीवाल विपिन किशोर सिन्हा अपुष्ट प्रमाणों के आधार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर किसी का भी चरित्र-हनन करना अरविन्द केजरीवाल का स्वभाव बन चुका है। वे अपने उद्देश्य से भटक गए हैं। अन्ना हजारे को लगभग दो वर्षों तक उन्होंने भुलावे में रखा। जन लोकपाल बिल के लिए अन्ना के आन्दोलन से ही अरविन्द केजरीवाल अचानक […] Read more » अरविंद केजरीवाल दिग्विजय सिंह
राजनीति इतिहास विस्मृत करनें वालों को भविष्य विस्मृत कर देता है, शिंदे जी!! November 7, 2012 / November 7, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे ने भारत पाकिस्तान के बीच होने वाली क्रिकेट श्रंखला को लेकर बड़ा आश्चर्यजनक किन्तु दुखद व्यक्तव्य दिया है कि हमें अतीत को भूल जाना चाहिए और पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए. क्रिकेट का खेल अपने स्थान पर है, खेलभावना भी अपने स्थान पर रहे यह उचित हो सकता है, […] Read more »
राजनीति जनता पार्टी के अवसान की याद दिलाती भाजपा November 7, 2012 / November 7, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम क्या भारतीय जनता पार्टी का मूल स्वरुप और हश्र जनता पार्टी जैसा होने जा रहा है? यह प्रश्न राजनीतिक प्रेक्षकों के बीच प्रमुखता से उठ रहा है। देश का मुख्य विपक्षी दल होने के नाते भाजपा की यह नैतिक जिम्मेदारी थी कि वह केंद्र सरकार की कमजोरियों से लेकर भ्रष्टाचार के मुद्दे […] Read more » bjp janta dal
राजनीति ”व्यवस्था बदलने के लिए November 7, 2012 / November 7, 2012 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी 4 नवम्बर को कांग्रेस पार्टी की दिल्ली रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के युवराज राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था से आम आदमी को परेशान होना पड़ रहा है। इसको बदलने के लिए युवकों को आगे आना पड़ेगा। राहुल गांधी की उपरोक्त बातों से उनके दिवंगत पिता एवं […] Read more » Rahul Gandhi
राजनीति केजरीवाल जी भ्रष्टाचार के समंदर की सफाई नीचे से करनी होगी! November 5, 2012 / November 5, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on केजरीवाल जी भ्रष्टाचार के समंदर की सफाई नीचे से करनी होगी! इक़बाल हिंदुस्तानी समाज में जागरूकता लाये बिना सिर्फ मीडिया से यह कैसे संभव? अपनी टीम के मास्टरमाइंड रहे अरविंद केजरीवाल को अन्ना हज़ारे का यह कहना कि कल केजरीवाल भी सत्ता के लिये भ्रष्ट या लालची हो सकते हैं सरासर उनकी ईष्या और अपरिपक्वता को दर्शाता है। बहरहाल उनकी टीम से अलग होकर पक्ष विपक्ष […] Read more » kejriwal केजरीवाल