राजनीति बेगानी शादी में भाजपाई दीवाने November 5, 2012 / November 5, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on बेगानी शादी में भाजपाई दीवाने सिद्धार्थ शंकर गौतम सुब्रमण्यम स्वामी- भारतीय राजनीति का ऐसा व्यक्तित्व जिसने गांधी-नेहरु परिवार की सियासी राजनीतिक विरासत को देश निकाला का बीड़ा उठा रखा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दोस्ती को जहां स्वामी सरेआम स्वीकार करते हैं वहीं सोनिया और राहुल पर निशाना साधकर पूरी कांग्रेस पार्टी को हिलाकर रख देते हैं। स्वामी की […] Read more » subramanyam swamy सुब्रमण्यम स्वामी
महत्वपूर्ण लेख राजनीति पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग एक) November 3, 2012 / November 3, 2012 by पवन कुमार अरविन्द | 6 Comments on पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग एक) पवन कुमार अरविंद भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष नितिन गडकरी वर्ष 2009 में महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति के फलक पर अचानक आ धमके। गडकरी के इस अस्वाभाविक और अत्यंत तीव्र विकास के पीछे राजनीतिक हलकों में आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहनराव मधुकर भागवत का आशीर्वाद बताया जाता है। ये बातें गडकरी की कंपनियों पर लग […] Read more » पतन की राह पर अग्रसर संघ
राजनीति राजनीति को विकृत करते व्यक्तिगत आक्षेप November 3, 2012 / November 3, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on राजनीति को विकृत करते व्यक्तिगत आक्षेप सिद्धार्थ शंकर गौतम क्या व्यक्तिगत आक्षेपों से राजनीतिक हितों की पूर्ति होती है? इस विषय पर जनता के मत में अजीब सा विरोधाभाष दिखाई देता है। कई बार नितांत व्यक्तिगत आक्षेपों के चलते मतदाता भ्रमित होकर विरोधी खेमे को खुश होना का अवसर देता है, वहीं कई बार व्यक्तिगत आक्षेपों को नकार विकास एवं सुशासन […] Read more » व्यक्तिगत आक्षेप
राजनीति राह से भटक गये हैं केजरीवाल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ November 2, 2012 / November 2, 2012 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 4 Comments on राह से भटक गये हैं केजरीवाल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ अन्ना आंदोलन की उपज अरविंद केजरीवाल सत्ता के गलियारों में आज अपनी सशक्त उपस्थिती दर्ज करा चुके हैं । लगभग दो साल चला उनका ये संघर्ष अपनी अंतिम परिणीती को प्राप्त कर चुका है । अर्थात स्वयं को एक राजनेता के रूप में पहचान दिलाने का । हांलाकि उनके इस सफर में कई पुराने साथी […] Read more » राह से भटक गये हैं केजरीवाल
राजनीति चुनावों में जनहित के मुद्दों की जगह लेती अभद्र टिप्पणियां November 1, 2012 / November 1, 2012 by निर्मल रानी | 1 Comment on चुनावों में जनहित के मुद्दों की जगह लेती अभद्र टिप्पणियां निर्मल रानी गुजरात व हिमाचल प्रदेश राज्य जहां इस समय विधानसभा चुनावों से रूबरू हैं वहीं 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों की आहट भी अभी से सुनाई देने लगी है। केंद्र में सत्तारुढ़ यूपीए की सबसे बड़ी घटक कांग्रेस पार्टी इस समय चारों ओर से संकट से जूझती दिखाई दे रही है। यूपीए 2 […] Read more » अभद्र टिप्पणियां
राजनीति नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-3) November 1, 2012 / November 1, 2012 by सुरेश चिपलूनकर | 3 Comments on नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-3) सुरेश चिपलूनकर जैसा कि हमने पिछले भागों में देखा, “सेकुलरिज़्म” और “मुस्लिम वोट बैंक प्रेम” के नाम पर शाहबानो, महबूबा मुफ़्ती और मस्त गुल जैसे तीन बड़े-बड़े घाव 1984 से 1996 के बीच विभिन्न सरकारों ने भारत की जनता (विशेषकर हिन्दुओं) के दिल पर दिए। नरसिंहराव की सरकार ने (कभी भाजपा के समर्थन से, तो कभी […] Read more » राजनीति
राजनीति नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-2) November 1, 2012 by सुरेश चिपलूनकर | 1 Comment on नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-2) सुरेश चिपलूनकर मित्रों… पिछले भाग में हमने देखा कि किस तरह से – राजीव गाँधी सरकार शाहबानो मामले में इस्लामी कट्टरपंथियों के सामने झुकी और उसने सुप्रीम कोर्ट को ताक पर रखा… फ़िर वीपी सिंह की मण्डलवादी राजनीति और मुफ़्ती सईद द्वारा आतंकवादियों को छोड़ने की “परम्परा” शुरु करने जैसे शर्मनाक वाकये सामने आए… फ़िर “सांसदों को खरीदने” की नीति, लेकिन “देश […] Read more » नरेंद्र मोदी
राजनीति नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… – (भाग-1) November 1, 2012 by सुरेश चिपलूनकर | 1 Comment on नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… – (भाग-1) सुरेश चिपलूनकर एक संयुक्त परिवार है, जिसमें अक्सर पिता द्वारा बड़े भाई को यह कहकर दबाया जाता रहा कि, “तुम बड़े हो, तुम सहिष्णु हो, तुम्हें अपने छोटे भाई को समझना चाहिए और उसकी गलतियों को नज़रअंदाज़ करना चाहिए…”। जबकि उस परिवार के मुखिया ने कभी भी उस उत्पाती और अड़ियल किस्म के छोटे बेटे […] Read more » नरेंद्र मोदी
राजनीति नरेन्द्र मोदी ने भी प्रेम किया है! November 1, 2012 by प्रवीण गुगनानी | 7 Comments on नरेन्द्र मोदी ने भी प्रेम किया है! नरेन्द्र मोदी ने भी प्रेम किया है! भारत माता से किया है!! और मृत्यु पर्यन्त एक बार ही किया है!!!! अपने अभिजात्य और ट्विटर प्रकार के प्रेम प्रदर्शन के स्थान पर कोच्चि टीम और रेन्देवू कंपनी के सत्तर करोड़ी शेयर के आरोप को स्पष्ट करें थुरूर!!! प्रेम केवल वह नहीं होता जो शशि और सुनंदा ने […] Read more »
राजनीति प्रगतिपथ पर निरन्तर अग्रसित हरियाणा November 1, 2012 by राजेश कश्यप | 1 Comment on प्रगतिपथ पर निरन्तर अग्रसित हरियाणा 1 नवम्बर/स्थापना दिवस विशेष राजेश कश्यप संविधान के सातवें संशोधन द्वारा भारतवर्ष के सत्रहवें राज्य के रूप में हरियाणा प्रदेश का उदय मंगलवार, 1 नवम्बर, 1966 को हुआ। अलग राज्य बनने से पहले यह पंजाब का ही भाग था। अस्तित्व में आने के बाद हरियाणा प्रदेश ने हर क्षेत्र में बेहद उल्लेखनीय प्रगति की है […] Read more » हरियाणा
राजनीति हिन्दी क्षेत्र को नकारता फेरबदल October 31, 2012 / October 31, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अखिरकार केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में बहुप्रतिक्षित एवं बहुचर्चित फेरबदल हो गया। इस फेरबदल ने दो बातें रेखाकिंत की हैं, एक तो सरकार भ्रष्टाचार के लगे दागों को मल-मलकर धोना नहीं चाहती। दूसरे उत्तर-मघ्य भारत को शायद सप्रंग ने इसलिए नकारा है,क्योंकि उसे शायद पूर्वाभास हो गया है कि इस पूरे हिंदी […] Read more »
राजनीति मंत्रिपरिषद में फेरबदल से किसको क्या मिला October 30, 2012 / October 30, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment राघवेंद्र प्रसाद मिश्र देश में यह पहली बार हुआ है कि दो महीने के अंदर तीन बार रेल मंत्री बदले गये हैं। चेहरे बदलने से हालात नहीं बदलते, हालात बदलने के लिए ठोस योजनाओं की व कड़े फैसले लेने की जरूरत होती है। मनमोहन सरकार ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जिस तरह से फेरबदल करते हुए […] Read more » मंत्रिपरिषद में फेरबदल