महत्वपूर्ण लेख राजनीति हथौड़े की आखिरी चोट September 11, 2012 / September 11, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on हथौड़े की आखिरी चोट विपिन किशोर सिन्हा न्यूटन के गति के दूसरे नियम से कृत कार्य को परिभाषित किया गया, जो निम्नवत है – कार्य = बल*विस्थापन (Work done = Force.displacement) इस नियम के तहत यदि बाबा रामदेव और अन्ना हज़ारे के आन्दोलन से प्राप्त परिणाम की समीक्षा की जाय, तो वह शून्य होगा। दोनों आन्दोलनों में बल तो […] Read more » anna and ramdevaandolan
राजनीति छात्र हितों से दूर होते छात्र राजनीति September 10, 2012 / September 9, 2012 by अभिषेक रंजन | Leave a Comment अभिषेक रंजन देश की छात्र राजनीति की चर्चा हो और उसमे दिल्ली विश्वविद्यालय का नाम न आये, ऐसा हो नहीं सकता। यह एक आम धारणा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र लोकतंत्र के इस पहले पर्व में न केवल बढ़ चढ़कर भाग लेते रहे है बल्कि देश भर के छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले दिल्ली […] Read more »
मीडिया राजनीति पूर्वाग्रह रखकर किसी का विरोध नहीं किया जाना चाहिये ! September 9, 2012 / September 9, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी हम निष्पक्ष व ईमानदार होकर मसले आसानी से हल कर सकेंगे! पूरा देश एक होकर भी एक नहीं है। दलगत आधार की तो बात ही छोड़ दीजिये जाति, धर्म और क्षेत्र के साथ ही अब हम व्यक्तिगत विरोध और समर्थन पर उतर आये हैं। मिसाल के तौर पर पिछले दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री […] Read more »
आर्थिकी राजनीति सबको ढ़ाल बनाने की प्रवृत्ति ……………. September 9, 2012 / September 9, 2012 by वीरेंदर परिहार | 1 Comment on सबको ढ़ाल बनाने की प्रवृत्ति ……………. वीरेन्द्र सिंह परिहार कोयला खदानो के मनमानी आवंटन और उसमें एक लाख 76 हजार करोड रू. के नुकसानी को लेकर कैग की रिपोर्ट के चलते मुख्य विपक्षी दल भाजपा और उसके सहयोगियों ने संसद का वर्षाकालीन सत्र नही चलने दिया। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा इस तरह […] Read more » coal scam कोयला खदानो के मनमानी आवंटन
राजनीति अथःश्री थोरियम घोटाला कथा और राम सेतु September 8, 2012 / September 12, 2012 by अभिनव शंकर | 8 Comments on अथःश्री थोरियम घोटाला कथा और राम सेतु अभिनव शंकर संसद का मानसून सत्र समाप्त हो चुका है।कोयले घोटाले की आंच ने सरकार को संसद में बैठने नहीं दिया।1.86 लाख करोड़ के घोटाले ने हर भारतीय के दिमाग की नसें हिला दी है। पहली बार किसी ने इतने बड़े घोटाले के बारे में पढ़ा है।इस बारे में काफी कुछ लिखा जा चुका है […] Read more » thorium ghotala थोरियम घोटाला राम सेतु
राजनीति दूर की कौड़ी है मध्यावधि चुनाव September 7, 2012 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | Leave a Comment डॉ. आशीष वशिष्ठ कोयला घोटाले को लेकर संसद तक हंगामे का माहौल कायम है। भाजपा पीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है और सरकार खुलकर फ्रंटफुट पर खेल रही है। इस आपा-धापी और शोर-शराबे के बीच सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह मोर्चे की कवायद में जोर-शोर से जुटे हैं। मुलायम सिंह पिछले कई महीनों से […] Read more » मध्यावधि चुनाव
राजनीति प्रधानमन्त्री की चुप्पी दे रही कई सवालों को जन्म September 6, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment लोकतांत्रिक, संसदीय मर्यादाओं को भी कर रही तार तार .. प्रसंग – वाशिंगटन पोस्ट बेहुस्न बेपर्दा है तिरा खामोशां, बात सवालात मेरे बड़े नंगे है! तू क्या समझें अचकन तिरी बड़ी तंग और उस पर बख्तरबंद!! स्वतन्त्रता के बाद से अब तक भारतीय राजनीति ने तरह तरह के दौर और चक्र देखें है और भारतीय […] Read more » डॉ. मनमोहन सिंह
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान September 6, 2012 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे एलजाईमर की जद में आला नेता कहते हैं ढलती आयु के साथ ही मस्तिष्क को शरीर के अंदर से उतपन्न पोषक तत्व मिलने कम हो जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यही कारण है कि ब्रेन सिकुडने लगता है और याददाश्त तेजी से घटने लगती है। इस बीमारी को एलजाईमर कहा जाता है। देश […] Read more »
राजनीति संसद ठप्प कर भाजपा क्या हासिल करेगी? / मा. गो. वैद्य September 4, 2012 / September 4, 2012 by मा. गो. वैद्य | 3 Comments on संसद ठप्प कर भाजपा क्या हासिल करेगी? / मा. गो. वैद्य एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है, हमारी सार्वभौम संसद ठप्प है; और उसके ठप्प होने का श्रेय कहे, या अपश्रेप, भारतीय जनता पार्टी इस हमारे जैसे अनेकों के आस्था या अभिमान का विषय रही राजनीतिक पार्टी को जाता है. मुझसे अनेकों के पूछॉं कि, इससे भाजपा क्या हासिल कर रही है? मैं उस […] Read more » भाजपा संसद
राजनीति ‘राज’नीति पर बिहार सरकार का ढुलमुल रवैय्या September 4, 2012 / September 4, 2012 by भवेश नंदन झा | 4 Comments on ‘राज’नीति पर बिहार सरकार का ढुलमुल रवैय्या भवेश नंदन झा केंद्र और महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार का वरदहस्त पाकर मनसे नेता राज ठाकरे एक राज्य विशेष बिहार के लोगों से अभद्रता से पेश आ रहे हैं। उन्होंने महराष्ट्र में रह रहे बिहार के लोगों को अपने ही देश में खुलेआम “घुसपैठिया” करार दिया और क्षोभ का विषय यह है कि अभी तक […] Read more » नीतिश कुमार बिहार राज ठाकरे
राजनीति ‘राज’ नीतिक आतंकवाद से भी सख्ती से निपटें September 4, 2012 / September 4, 2012 by नीरज कुमार दुबे | Leave a Comment नीरज कुमार दुबे हाल ही में अफवाहें फैलाकर पूर्वोत्तर भारत के लोगों को देश के विभिन्न राज्यों से पलायन के लिए मजबूर करने वाली साजिशों के खिलाफ केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों ने तेजी से कार्रवाई की जिससे देश की एकता कायम रह सकी लेकिन दूसरी ओर उत्तर भारतीयों खासकर महाराष्ट्र में रह रहे बिहार […] Read more » raj thackeray आतंकवाद राज ठाकरे
राजनीति पी. चिदम्बरम को बदनाम करने का मुआवजा क्या? September 4, 2012 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment अब इस न्यायिक परिदृश्य में सबसे बड़ा और न्यायसंगत सवाल ये है कि पी. चिदम्बरम जो देश के एक सम्मानित मंत्री हैं और देश के वरिष्ठ राजनेता भी हैं, उनके ऊपर लगातार व्यक्तिगत आक्षेप करने वाले राजनैतिक दलों, व्यक्तियों और संगठनों की ओर से लम्बे समय तक जो सुनियोजित अभियान चलाया गया और उनकी छवि […] Read more » पी.चिदम्बरम