राजनीति मध्यप्रदेश में सुप्रभात : मयंक चतुर्वेदी May 11, 2010 / December 23, 2011 by मयंक चतुर्वेदी | 2 Comments on मध्यप्रदेश में सुप्रभात : मयंक चतुर्वेदी दुनिया में वैसे तो प्रतिदिन सुबह होती है। प्रभात होते ही जीवन गतिशील हो उठता है। चिडिया चहचहाने लगती हैं और प्रत्येक दिशा में सक्रियता नजर आती है। किन्तु भारत के राज्य मध्यप्रदेश में आठ मई का दिन विशेष प्रभात का दिन था। क्योंकि इसी दिन प्रदेश की राजधानी भोपाल में देश की शीर्ष राजनीतिक […] Read more » bjp Madhya Pradesh Prabhat Jha प्रभात झा भाजपा
राजनीति जन्मदिन पर विशेष – कार्ल मार्क्स की लोकप्रियता का रहस्य May 5, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 3 Comments on जन्मदिन पर विशेष – कार्ल मार्क्स की लोकप्रियता का रहस्य ( 5 मई 1818 – 14 मार्च 1883) कार्ल मार्क्स का आज जन्मदिन है। यह ऐसे मनीषी का जन्मदिन है जो आज भी दुनिया के वंचितों का कण्ठहार बना हुआ है। आज भी मार्क्स की लिखी ‘पूंजी‘ दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब है। आज भी पूंजीवाद और शोषण का कोई भी विमर्श मार्क्स […] Read more » Karl Marx कार्ल मार्क्स
राजनीति सुनो जनता कुछ कहती है! May 5, 2010 / December 23, 2011 by पीयूष पंत | Leave a Comment – पीयूष पंत दंतेवाड़ा, लालगढ़, सिंगूर या फिर नियामगिरी- ये हैं कुछ ऐसे नाम जहां जनता अपनी आजीविका के प्रकृति प्रदत्त संसाधनों को देशी-विदेशी कंपनियों की गिद्ध-दृष्टि से बचाए रखने के लिए आर-पार की लउ़ाई लउ़ रही है। एक तरफ आंदोलनरत स्थानीय जनता है, तो दूसरी तरफ है उन्हें उनकी ही ज़मीन, उनके ही जंगलों […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति माओवादी अधिनायकों का विदा होना May 4, 2010 / December 23, 2011 by पीयूष पंत | 1 Comment on माओवादी अधिनायकों का विदा होना – पीयूष पंत मुझे अच्छी तरह याद है साठ के दशक के अंतिम चरण में बंगाल के नक्सलबाड़ी से उठी क्रांति के बिगुल की गूंज 80 के दशक तक सुनाई देती रही। ग़रीब व शोषित किसानों के इस क्रांतिकारी आंदोलन ने अचानक चारू मजूमदार, कानू सान्याल, जंगल संथाल और नागभूषण पटनायक जैसे चमत्कारी जन नेताओं […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति फोन टैपिंग बनाम निजता का अधिकार May 4, 2010 / December 23, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment -सतीश सिंह अंग्रेजी पत्रिका ”आउटलुक” में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, कृषि मंत्री श्री शरद पवार, मार्क्सवादी नेता श्री प्रकाश करात एवं कांग्रेस नेता श्री दिग्विजय सिंह के फोन टेप होने की खबर प्रकाषित होने के बाद एक बार फिर से निजता के अधिकार का मुद्दा गर्म हो गया है। सत्ताा के गलियारों से […] Read more » Phone Taping निजता का अधिकार फोन टैपिंग
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान/ यह है जनसेवकों का असली चेहरा May 3, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | 2 Comments on ये है दिल्ली मेरी जान/ यह है जनसेवकों का असली चेहरा •लिमटी खरे• एक समय था जब जनसेवक वाकई में जनसेवा को अपना असली धर्म माना करते थे, आज जमाना बदल गया है, जनसेवकों के लिए निहित स्वार्थ ही सबसे आगे आ गया है। अपनी रोजी रोटी और विलासिता को जनसेवकों ने अपना कर्तव्य समझ लिया है, रही बात आवाम की तो उनका मानना है चूल्हे […] Read more » Delhi
राजनीति ममता के गुरुर से गठजोड़ का सारा गुड़ गटर में May 3, 2010 / December 24, 2011 by प्रकाश चण्डालिया | Leave a Comment -प्रकाश चण्डालिया वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन,उसे इक खूबसूरत मोड़ देकर छोडऩा अच्छा पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और ममता बनर्जी की पार्टी के बीच निगम चुनावों को लेकर सीटों की छीना-झपटी के सियासी खेल की पूर्णाहुति जिस अंदाज में हुयी, उस पर हिन्दी फिल्म का यह मशहूर गाना बहुत फिट बैठता […] Read more » Mamta Benerji कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी
राजनीति अतिवादी लाल, दलाल और वाम मीडिया से पिसता अवाम May 1, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 28 Comments on अतिवादी लाल, दलाल और वाम मीडिया से पिसता अवाम – पंकज झा बुद्धत्व से पहले:- एक थी सुजाता। संस्कारों में पली-बढ़ी राजकुमारी। वनदेवता का पूजा करना और उन्हें पत्र पुष्पाजंलि के साथ प्रसाद समर्पित करना उसका दैनिक कार्य था। अपने इसी कार्य के सिलसिले में वो सारी पूजा सामग्री के साथ वन देवता के समर्पण को पहुंची. वहां देखती है कि एक युवक निस्तेज […] Read more » Left वामपंथ
राजनीति ममता मगरूर है, सोनिया मजबूर है April 30, 2010 / December 24, 2011 by प्रकाश चण्डालिया | 1 Comment on ममता मगरूर है, सोनिया मजबूर है -प्रकाश चण्डालिया कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शकील अंसारी ने जिस जलेबिया अंदाज में गुरुवार शाम संवाददाताओं के समक्ष अपनी बात रखी, उससे साफ है कि ममता बनर्जी पूरे प्रदेश से कांग्रेस को भले बुहार दें, आलाकमान उनकी गुलामी नहीं छोडऩे वाला। उम्मीद तो थी कि शकील अंसारी तृणमूल सुप्रीमो की मनमानियों पर प्रहार करते हुए […] Read more » Soniya Gandhi सोनिया
राजनीति किसको कातिल मैं कहूं किसको मसीहा समझूं April 29, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 3 Comments on किसको कातिल मैं कहूं किसको मसीहा समझूं -पंकज झा. अखबारों की अपनी सीमाएं हैं. एक तरफ अत्यधिक तेज़ी से बदलते घटनाक्रम और दूसरी तरफ अगले ही दिन अखबार के छप पाने की मजबूरी! पता चला आपने किसी घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया लिखी और अखबार प्रकाशित होते तक उस पूरे खबर का सन्दर्भ ही बदल गया. तो इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए भले ही […] Read more » Bhajpa झामुमो झारखंड भाजपा शिबू सोरेन
राजनीति विवाद और सोरेन का चोली दामन का साथ April 29, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment झारखण्ड के मुख्यंत्री शिबू सोरेन कहीं रहें और वे विवादित और चर्चित न हों एसा कैसे हो सकता है। सोरेन और विवाद का तो चोली दामन का साथ है। केंद्र हो या सूबाई सरकार। जब कभी भी सोरेन की ताजपोशी की गई उसके बाद से ही उनके पदच्युत होने की खबरें फिजां में तैरती रहीं […] Read more » Jharkhand झामुमो झारखंड भाजपा शिबू सोरेन
राजनीति अपने ही गठबंधन पर कुल्हाड़ी मार रही ममता April 29, 2010 / December 24, 2011 by प्रकाश चण्डालिया | 2 Comments on अपने ही गठबंधन पर कुल्हाड़ी मार रही ममता गठबंधन की सियासत में न कोई नीति होती है न आचारसंहिता. अगर कुछ होता है तो केवल स्वार्थ, मनमानापन और तानाशाही. ममता बनर्जी ने जिस पाठशाला में राजनीति का शास्त्र पढ़ा है, उसमे यही सिखाया गया होगा. शायद इसी सीख का नातीजा है कि १४१ सीटों वाले कोलकाता नगर निगम में कांग्रेस की रजामंदी के […] Read more » Mamta Benarji कांग्रेस तृणमूल ममता बनर्जी