भाजपा के लिए उत्तरप्रदेश का सबक

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राष्ट्रीय राजनीति के लिए सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव उत्तरप्रदेश का ही होता है, इसमे संभवतः किसी को कोई संदेह नहीं होगा. और यह चुनाव भाजपा के लिए किसी झटके से कम नहीं रहे. यहाँ यह समझना आवश्यक है कि भाजपा जब देश में कही नहीं थी तब भी उत्तरप्रदेश में थी. आज जबकि भाजपा 8… Read more »

उ.प्र.: चुनावी संग्राम में ‘मुद्दों का तड़का’

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 संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में चुनाव का शोर सब तरफ सुनाई देने लगा है। अपने को पाक-साफ और दूसरे की टोपी उछालने के इस खेल में कोई उन्नीस नहीं दिख रहा है। किसकी राजनीति की खेती ज्यादा लहलहाएगी यह कोई नहीं जानता,मगर अपने को सभी श्रेष्ठ बताने में जुटे हैं। प्राय: सभी राजनैतिक पार्टियां अंदरूनी… Read more »

उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रयोग

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डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आने वाले वर्षों में देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश की भूमिका शायद पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होने जा रही है। ऐसा सोनिया कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों को एहसास होने लगा है। वैसे तो देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश की सदा से ही महत्ता रही है। ऐसा… Read more »

भाजपा में वरिष्ठ नागरिकों की दशा

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वीरेन्द्र जैन पिछले दिनों विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित एक गैर सरकारी संस्था ‘सम्पूर्णा’ की ओर से वरिष्ठ नागरिकों क सम्मान किया गया था। इस सम्मान समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा था कि न केवल समाज सेवी संस्थाएं और सरकार अपितु औद्योगिक घरानों… Read more »

भाजपा में विरासत की लड़ाई तेज हो रही है

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वीरेन्द्र जैन भाजपा ने यह भ्रम फैलाया हुआ था कि वह एक अलग तरह की पार्टी है जिसे अंग्रेजी में ‘पार्टी विथ ए डिफ्रेंस’ कहा गया था। बाद में जैसे जैसे उसके झगड़े सड़क पर आते रहे थे तो अंग्रेजी अखबारों ने उसे ‘पार्टी विथ डिफ्रेंसिज’ कह कर मजाक उड़ाया था। प्रारम्भिक भ्रम यह भी… Read more »

हास्य-व्यंग्य/पग घुंघरू बांध सुषमा नाची रे….

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पंडित सुरेश नीरव नृत्य हमारी परंपरा है। यक्ष,किन्नर,मरुत,देवी-देवता और-तो और भूत-पिशाच तक की नाचना एक प्रबल-प्रचंड हॉबी है। देवराज इंद्र के दरबार में तो नृत्य के अलवा भी कोई काम होता हो इसकी पुख्ता जानकारी कहीं नहीं मिलती। चौबीस घंटे बस नृत्य का अखंड आयोजन होता रहता है। मेनका,तिलोत्तमा,रंभा,संभा और उर्वशी-जैसी तमाम नर्तकियों की शिफ्टें… Read more »

उमा भारती की घर वापसी के मायने

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डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लगभग छह साल बाद उमा भारती वापस भाजपा में लौट आई हैं। उस समय भी भाजपा से उनका निष्‍कासन किसी वैचारिक मुद्दे पर नहीं हुआ था, बल्कि एक स्वभावगत अप्रिय प्रंसग के चलते हुआ था। लेकिन इन छह वर्षों में भाजपा के किसी कार्यकर्ता को शायद ही कभी ऐसा लगा हो… Read more »

भाजपा में गतिशील नेतृत्व का अभाव

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बृजनन्दन यादव जब से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की नियुक्ति हुई है तब से भाजपा के कार्यकर्ताओं में जान आ गई है। पार्टी में सक्रियता भी आई है। पार्टी की सक्रियता से वरिष्ठ नेताओं में भी सक्रियता दिखाई पड़ती है। उसके बाद जैसे-जैसे समय बीत रहा है, यू.पी. कि चिन्ता सब में हैं।… Read more »

उत्तर प्रदेश : कांग्रेस में जान फूंकने को बेताब राहुल

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संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में सियासत के रंग धीमे-धीमे चटक होने लगे है। वैसे तो सभी राजनैतिक दल अपने-अपने हिसाब से चुनावी माहौल को ‘रंगीन’ करने में जुटे हैं,लेकिन कांग्र्रेस इस काम में कुछ ज्याद ही तेजी दिखा रही है। माया सरकार के खिलाफ भट्टा पारसौल के किसानों ने ‘हलाहल’ क्या उगला कांग्रेस के युवराज… Read more »

भाजपा पर मेहरबान माया

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संजय सक्सेना   ऊपर से कड़क दिखाई दे रहीं बसपा सुप्रीमो मायावती भीतर से सहमी हुई हैं। कई मोर्चो पर मिली नाकामी ने उनका दिन का चैन और रातों की नींद हराम कर रखी है। शासन-प्रशासन में उनकी सख्ती काम नहीं आ रही है जिसका असर उनकी कड़क छवि पर भी पड़ रहा है। बसपाई… Read more »