राजनीति आसान नहीं दिखती उमाश्री की राह April 13, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नई दिल्ली 10 अप्रेल। कभी भाजपा की फायरब्राण्ड नेत्री रही साध्वी उमाश्री भारती की भाजपा में घर वापसी के लिए राजग के पीएम इन वेटिंग लाल कृष्ण आडवाणी की कीर्तन मण्डली ने सारी ताकत झोंक दी है। अब आडवाणी मण्डली हर तरह से उमाश्री को हर कीमत पर भाजपा में वापसी के मार्ग प्रशस्त करने […] Read more » Uma Shree उमाश्री
राजनीति कुपोषित अमीरी April 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मशहूर शायर अदम गौढ़ ने ठीक ही कहा हैं, कि ”कोठियों से मुल्क की मैयार को मत आंकियें, असली हिन्दुस्तान तो फुटपात पर आबाद है” आज के संदर्भ में ये बात और स्पष्ट होती हैं जब देखते हैं कि भारत में हर वर्ष 31 लाख बच्चें की मृत्यु पांच वर्ष से कम उम्र में ही […] Read more » Rich अमीर
राजनीति कायर नक्सली और बहादुर सरकारें April 13, 2010 / December 24, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment लोकतंत्र विरोधी ताकतों से निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों द्वारा लगभग 76 जवानों की हत्या के बाद कहने के लिए बचा क्या है। केंद्रीय गृहमंत्री नक्सलियों को कायर कह रहे हैं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री नक्सलियों की कार्रवाई को कायराना कह रहे हैं पर देश की जनता को भारतीय […] Read more » Naxalite कायर नक्सली बहादुर सरकारें संजय द्विवेदी
राजनीति कैसे हो प्रकृति की विनाशकारी लीलाओं से बचाव? April 13, 2010 / December 24, 2011 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment कुछ समय पूर्व पूरे विश्व की निगाहें कोपनहेगन में हुए उस विश्वस्तरीय सम्मेलन पर लगी थीं जोकि दुनिया में बढ़ती जा रही ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के उपायों पर चर्चा करने हेतु बुलाया गया था। परंतु जैसी कि सम्मेलन से पूर्व ही उम्मीद की जा रही थी उसी के अनुसार कोपनहेगन वार्ता लगभग बेनतीजा रही। लगभग सभी […] Read more » Destructive tricks विनाशकारी लीलाओं
राजनीति आतंकवाद की समस्या का समाधान April 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on आतंकवाद की समस्या का समाधान आतंकवाद से सारी दुनिया जुझ रही है| आतंकवाद एक विश्व व्यापी समस्या बन गयी है और इसकी जड़े सारे ससार में फैलती जा रही हैं| दरअसल आतंकवाद प्राचीन काल से ही इस संसार में एक बड़ी समस्या के रूप में विद्यमान रहा है| इस समस्या के निदान के लिए भगवान राम का चरित्र याद आता […] Read more » terrorism आतंकवाद
राजनीति कहां गए मानवाधिकार के नुमाइंदे April 13, 2010 / December 24, 2011 by गोपाल सामंतो | Leave a Comment देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला पूरी तरह से शांत हो चुका है, जहां हमला हुआ था वो ‘चिंतलनार ‘ भी शांत हो गया है। पर कहीं न कहीं चिंतलनार के उन सूनी रास्तों में पड़े हुए खून के छींटे और हमारे वीर जवानों के अवशेष चींख-चींख कर इस बर्बर कृत्य को बयान कर रही […] Read more » Human Rights मानवाधिकार
राजनीति अब चुप क्यों हैं मानवाधिकार कार्यकर्ता? April 13, 2010 / December 24, 2011 by नीरज कुमार दुबे | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले में हुए बर्बर माओवादी हमले की निंदा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को छोड़ कर सारा देश कर चुका है। आज जब इस बर्बर हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के परिवार के प्रति देश भर में संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं,ऐसे में इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शायद अपने मुंह पर पट्टी बांध ली […] Read more » Human Rights नीरज कुमार दुबे मानवाधिकार मानवाधिकार कार्यकर्ता
राजनीति लड़े बिना युद्ध जीतने की वाह-वाह लूटना चाहती है यूपीए April 13, 2010 / December 24, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | Leave a Comment आतंकवादी माओवादी नक्सलिये देश के शत्रु ”भारत युद्धग्रस्त है”। ”भारत पर सब से बड़ा हमला”। यह हैं कल के कुछ समाचारपत्रों की सुर्खियां, जिनमें उन्होंने छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों पर हमले के समाचार दिये हैं। इस घटना से अब इतना तो स्पष्ट ही हो गया है कि वर्तमान भारत सरकार सीमा पार से परोक्ष युद्धतथा […] Read more » UPA यूपीए
राजनीति नक्सलवाद को कुचलना ही होगा – आशुतोष April 13, 2010 / December 24, 2011 by आशुतोष | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवादियों ने चिंतलनार और टारमेटला गांव के बीच घने जंगलों में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 76 जवानों की हत्या कर दी। यह अभी तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला है। हमले के बाद पारंपरिक सरकारी कवायद शुरू हो गयी। प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री से बात की। गृहमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को […] Read more » Naxalism आशुतोष नक्सलवाद
राजनीति यह कैसी विचारधारा है जो खून मांगती है…? April 13, 2010 / December 24, 2011 by गिरीश पंकज | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों की हिंसा के कारण ७८ से ज़्यादा लोगों की जानें चली गयी. बेशक नक्सली अपनी सफलता का जश्न मना रहे होंगे. लेकिन मानवता खून के आँसू रो रही है. लोग सवाल कर रहे है कि यह कैसा नक्सलवाद है..? यह कैसी विचारधारा है..? ये कैसा माओवाद है जो खून से […] Read more » Girish Pankaj गिरीश पंकज
परिचर्चा राजनीति परिचर्चा: ‘नक्सलवाद’ के बारे में आपका क्या कहना है… April 7, 2010 / April 9, 2014 by संजीव कुमार सिन्हा | 52 Comments on परिचर्चा: ‘नक्सलवाद’ के बारे में आपका क्या कहना है… एक तरफ दिल्ली में 7 फरवरी, 2010 को आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कहते हैं, ‘नक्सलवाद आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।’ वहीं दूसरी ओर, 4 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के नक्सलवाद प्रभावित इलाकों-लालगढ़ और मिदनापुर के दौरे पर गए हमारे गृहमंत्री पी. चिदंबरम माओवाद विरोधी अभियान […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति आँख से आंसू नहीं शोले निकलने चाहिए April 6, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 16 Comments on आँख से आंसू नहीं शोले निकलने चाहिए एक बार अपनी गाड़ी के नीचे एक गिलहरी के दब कर मर जाने के बाद नेहरू की प्रतिक्रिया थी कि इस जैसा फुर्तीला जानवर इसलिए मृत्यु को प्राप्त हुआ क्योंकि वह ऐन गाडी के सामने आ जाने पर तय ही नहीं कर पाया कि उसको आखिर जाना किधर है. आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले के […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद