राजनीति कैसे हो प्रकृति की विनाशकारी लीलाओं से बचाव? April 13, 2010 / December 24, 2011 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment कुछ समय पूर्व पूरे विश्व की निगाहें कोपनहेगन में हुए उस विश्वस्तरीय सम्मेलन पर लगी थीं जोकि दुनिया में बढ़ती जा रही ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के उपायों पर चर्चा करने हेतु बुलाया गया था। परंतु जैसी कि सम्मेलन से पूर्व ही उम्मीद की जा रही थी उसी के अनुसार कोपनहेगन वार्ता लगभग बेनतीजा रही। लगभग सभी […] Read more » Destructive tricks विनाशकारी लीलाओं
राजनीति आतंकवाद की समस्या का समाधान April 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on आतंकवाद की समस्या का समाधान आतंकवाद से सारी दुनिया जुझ रही है| आतंकवाद एक विश्व व्यापी समस्या बन गयी है और इसकी जड़े सारे ससार में फैलती जा रही हैं| दरअसल आतंकवाद प्राचीन काल से ही इस संसार में एक बड़ी समस्या के रूप में विद्यमान रहा है| इस समस्या के निदान के लिए भगवान राम का चरित्र याद आता […] Read more » terrorism आतंकवाद
राजनीति कहां गए मानवाधिकार के नुमाइंदे April 13, 2010 / December 24, 2011 by गोपाल सामंतो | Leave a Comment देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला पूरी तरह से शांत हो चुका है, जहां हमला हुआ था वो ‘चिंतलनार ‘ भी शांत हो गया है। पर कहीं न कहीं चिंतलनार के उन सूनी रास्तों में पड़े हुए खून के छींटे और हमारे वीर जवानों के अवशेष चींख-चींख कर इस बर्बर कृत्य को बयान कर रही […] Read more » Human Rights मानवाधिकार
राजनीति अब चुप क्यों हैं मानवाधिकार कार्यकर्ता? April 13, 2010 / December 24, 2011 by नीरज कुमार दुबे | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले में हुए बर्बर माओवादी हमले की निंदा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को छोड़ कर सारा देश कर चुका है। आज जब इस बर्बर हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के परिवार के प्रति देश भर में संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं,ऐसे में इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शायद अपने मुंह पर पट्टी बांध ली […] Read more » Human Rights नीरज कुमार दुबे मानवाधिकार मानवाधिकार कार्यकर्ता
राजनीति लड़े बिना युद्ध जीतने की वाह-वाह लूटना चाहती है यूपीए April 13, 2010 / December 24, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | Leave a Comment आतंकवादी माओवादी नक्सलिये देश के शत्रु ”भारत युद्धग्रस्त है”। ”भारत पर सब से बड़ा हमला”। यह हैं कल के कुछ समाचारपत्रों की सुर्खियां, जिनमें उन्होंने छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों पर हमले के समाचार दिये हैं। इस घटना से अब इतना तो स्पष्ट ही हो गया है कि वर्तमान भारत सरकार सीमा पार से परोक्ष युद्धतथा […] Read more » UPA यूपीए
राजनीति नक्सलवाद को कुचलना ही होगा – आशुतोष April 13, 2010 / December 24, 2011 by आशुतोष | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवादियों ने चिंतलनार और टारमेटला गांव के बीच घने जंगलों में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 76 जवानों की हत्या कर दी। यह अभी तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला है। हमले के बाद पारंपरिक सरकारी कवायद शुरू हो गयी। प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री से बात की। गृहमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को […] Read more » Naxalism आशुतोष नक्सलवाद
राजनीति यह कैसी विचारधारा है जो खून मांगती है…? April 13, 2010 / December 24, 2011 by गिरीश पंकज | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों की हिंसा के कारण ७८ से ज़्यादा लोगों की जानें चली गयी. बेशक नक्सली अपनी सफलता का जश्न मना रहे होंगे. लेकिन मानवता खून के आँसू रो रही है. लोग सवाल कर रहे है कि यह कैसा नक्सलवाद है..? यह कैसी विचारधारा है..? ये कैसा माओवाद है जो खून से […] Read more » Girish Pankaj गिरीश पंकज
परिचर्चा राजनीति परिचर्चा: ‘नक्सलवाद’ के बारे में आपका क्या कहना है… April 7, 2010 / April 9, 2014 by संजीव कुमार सिन्हा | 52 Comments on परिचर्चा: ‘नक्सलवाद’ के बारे में आपका क्या कहना है… एक तरफ दिल्ली में 7 फरवरी, 2010 को आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कहते हैं, ‘नक्सलवाद आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।’ वहीं दूसरी ओर, 4 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के नक्सलवाद प्रभावित इलाकों-लालगढ़ और मिदनापुर के दौरे पर गए हमारे गृहमंत्री पी. चिदंबरम माओवाद विरोधी अभियान […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति आँख से आंसू नहीं शोले निकलने चाहिए April 6, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 16 Comments on आँख से आंसू नहीं शोले निकलने चाहिए एक बार अपनी गाड़ी के नीचे एक गिलहरी के दब कर मर जाने के बाद नेहरू की प्रतिक्रिया थी कि इस जैसा फुर्तीला जानवर इसलिए मृत्यु को प्राप्त हुआ क्योंकि वह ऐन गाडी के सामने आ जाने पर तय ही नहीं कर पाया कि उसको आखिर जाना किधर है. आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले के […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति भाजपा : आकार लेना एक वटवृक्ष का…! April 5, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 2 Comments on भाजपा : आकार लेना एक वटवृक्ष का…! भाजपा के इकतीसवें स्थापना दिवस पर विशेष भारत की पश्चिमी घाट को महिमा मंडित करने वाले महासागर के किनारे खड़े होकर मैं यह भविष्यवाणी करने का साहस करता हूं कि अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा….! भारतीय जनता पार्टी के पहले अधिवेशन में अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा अपने भाषण का उपसंहार इन शब्दों के साथ […] Read more » Bhajpa भाजपा
राजनीति कमलनाथ और रमेश की तनातनी सडकों पर April 5, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नई दिल्ली 05 अप्रेल। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री कमल नाथ और वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के बीच खिचीं अघोषित तलवारों की खनक अब सडकों पर भी सुनाई देने लगी हैं। यद्यपि कमल नाथ ने उनके विभाग की परियोजनाओं के पूरा होने में अभी तक वन एवं पर्यावरण मंत्री के अडंगे की बात नहीं […] Read more » Jairam Ramesh कमलनाथ जयराम रमेश
राजनीति भाजपा….सूरज ना बन पाये तो, बन के दीपक जलता चल…! April 5, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | Leave a Comment रामायण का प्रसंग है। भगवान राम कहते हैं, न भीतो मरणादस्मि, केवलम् दूषितो यश: यानि मैं मरने से नहीं डरता, केवल कलंक या अपयश से डरता हूं। आज भाजपा जब अपनी स्थापना के तीस वर्ष पूरे करने जा रही है तो भाजपाजनों को यह ध्यान रखना होगा कि पार्टी के रामराज की भावना का सूत्र […] Read more » bjp भाजपा