समाज भूतों की उछलकूद: अंधविश्वास का महा नाटक February 18, 2026 / February 18, 2026 by सुरेश गोयल धूप वाला | Leave a Comment गत दिवस सुबह एक टीवी प्रसारण में देश के एक लोकप्रिय बाबा को भूत-प्रेत और आत्माएँ भगाने का दावा करते देखा। मंच पर बैठे भयभीत लोग, तेज़ ढोल-नगाड़े, मंत्रोच्चार, चीख-पुकार और बाबा के तथाकथित चमत्कार—यह पूरा दृश्य किसी धारावाहिक या नाटक से कम नहीं लगा। कैमरे की रोशनी में डर और चमत्कार का यह प्रदर्शन […] Read more » Ghosts भूतों की उछलकूद
बच्चों का पन्ना समाज नोमोफोबिया: फोन छूटने का डर February 18, 2026 / February 18, 2026 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment डा. शिवानी कटारा हमारे हाथ में हर समय मौजूद स्मार्टफोन अब केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं रहा। वह हमारी अलार्म घड़ी है, पढ़ाई का सहारा है, दोस्तों से जुड़ने का माध्यम है और कई बार अकेलेपन का विकल्प भी। लेकिन जब यही फोन न हो और उसके बिना रहने का विचार ही बेचैनी, घबराहट या […] Read more » fear of missing the phone Nomophobia नोमोफोबिया
मीडिया समाज एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026 के नीतिगत-समूहगत वैश्विक मायने February 16, 2026 / February 16, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में 16-20 फरवरी 2026 को आयोजित एक प्रमुख वैश्विक आयोजन है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और समावेशी विकास पर केंद्रित है। यह समिट ग्लोबल साउथ के लिए पहला बड़ा AI शिखर सम्मेलन है, जो 100+ देशों से 35,000+ प्रतिनिधियों को एकजुट कर […] Read more » AI Impact Summit 2026 एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026
समाज भारतीयता के विस्तार का महत्त्वपूर्ण आधार है परिवार February 16, 2026 / February 16, 2026 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ समाज की सक्रियता और राष्ट्र के निर्माण की प्राथमिक इकाई के तौर पर सम्पूर्ण ब्रह्मांड में स्वीकार्य चेतना का नाम, सशक्तिकरण का एकाधिकार, सामंजस्य की भूमिका और समन्वय का अनूठा उदाहरण यदि सृष्टि पर कहीं है, तो वह परिवार है। देश, समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार के सशक्त होने से ही राष्ट्र की […] Read more » Family is an important basis for the expansion of Indianness. परिवार
समाज हाथ से लिखना: तेज़ रफ्तार समय में मन का ठहराव February 16, 2026 / February 16, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment – डॉ. प्रियंका सौरभ आज का समय गति का है। सुबह आँख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन चमकने लगती है, सूचनाओं की बाढ़ हमारे भीतर उतरने लगती है और दिन कब शुरू होकर कब थकान में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। ई-मेल, व्हाट्सऐप, नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया—सब मिलकर हमारे ध्यान, हमारी भावनाओं और हमारे […] Read more » हाथ से लिखना
समाज दिल्ली: राजधानी या लापता होती ज़िंदगियों का शहर? February 7, 2026 / February 16, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -डॉ० सत्यवान सौरभ देश की राजधानी दिल्ली को अक्सर सत्ता, सुरक्षा और आधुनिकता का प्रतीक बताया जाता है। ऊँची इमारतें, स्मार्ट सिटी के दावे, चौबीसों घंटे निगरानी के कैमरे और दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस व्यवस्थाओं में से एक—ये सब मिलकर यह भरोसा दिलाते हैं कि दिल्ली सुरक्षित है। लेकिन वर्ष 2026 के पहले पंद्रह […] Read more » लापता होती ज़िंदगियों का शहर
समाज गड्ढों वाली व्यवस्था और खतरे में पड़ता जीवन February 7, 2026 / February 16, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- गड्ढों में गिरी व्यवस्था में समाप्त होता जीवन आज के भारत की एक ऐसी विडंबना बन चुका है, जिसे देखकर मन भीतर तक सिहर उठता है। नोएडा में कार सवार युवा इंजीनियर की गड्ढे में गिरकर मौत का दर्द अभी समाज के मन से उतरा भी नहीं था कि दिल्ली में बाइक […] Read more » गड्ढों वाली व्यवस्था
लेख समाज विदेशी विश्वविद्यालय: शिक्षा का वैश्वीकरण या नई असमानता की शुरुआत February 6, 2026 / February 6, 2026 by राजेश जैन | Leave a Comment राजेश जैन हाल ही में खबर आई थी कि नौ ब्रिटिश विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में यह टर्निंग पॉइंट 2023–24 से आया था। तभी से दुनिया के नामी विश्वविद्यालयों ने हमारे देश की ज़मीन पर अपने स्वतंत्र कैंपस खोलना शुरू किया। यह […] Read more » शिक्षा का वैश्वीकरण
समाज आस्था व विश्वास को यदि हथियार बना देंगे तो धर्म का क्या होगा? February 6, 2026 / February 6, 2026 by गौतम चौधरी | Leave a Comment गौतम चौधरी अभी हाल ही में बांग्लादेश में एक नए प्रकार के कथित लोकतंत्र समर्थित आन्दोलन में ऐसा बहुत कुछ हुआ जो समझ से पड़े है। उसमें से एक घटना कथित तौर पर ईशनिंदा का भी सामने आया है। मसलन ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू मज़दूर की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी। […] Read more » आस्था व विश्वास
समाज नर्सरी से कॉलेज तक, एडमिशन की युद्धभूमि February 3, 2026 / February 3, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment दाख़िले की इस दौड़ में सबसे पहले निशाने पर आता है मासूम बच्चा। वह उम्र, जब खेलना, कल्पना करना और सवाल पूछना चाहिए, उसी उम्र में उसे फ़ॉर्म, इंटरव्यू, टेस्ट और रैंक के बोझ Read more » एडमिशन की युद्धभूमि दाख़िले की दौड़ में बच्चों पर बढ़ता दबाव
समाज कच्चे घरों के बीच पक्की उम्मीदों का सपना February 3, 2026 / February 3, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment कच्चे घरों के बीच पक्की उम्मीदों का सपना Read more »
समाज नारी देह, नारी अधिकारः माहवारी पर सुप्रीम कोर्ट की दृष्टि February 2, 2026 / February 2, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment माहवारी पर सुप्रीम कोर्ट Read more »