समाज दरिंदगी का शिकार होती नाबालिग व अबोध बच्चियां-दोषी कौन ? June 11, 2013 by नरेंद्र भारती | 1 Comment on दरिंदगी का शिकार होती नाबालिग व अबोध बच्चियां-दोषी कौन ? समझ नहीं आता कि जिस समय चैत्र नवरात्रों के अतिंम दिनों में देश भर में कन्या पूजन हो रहा था वही दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व मध्यप्रदेश जैसे राज्य में अबोध बालिकाएं दुष्कर्मियों का शिकार हो रही थी। इसे देश का दुर्भाग्य कहना गलत नहीं होगा। दुष्कर्म की तारीख बदल गई मगर स्थान दिल्ली […] Read more » दरिंदगी का शिकार होती नाबालिग व अबोध बच्चियां-दोषी कौन ?
विविधा समाज भारतीय जनसंख्या और मुस्लिम समुदाय June 10, 2013 / June 10, 2013 by डॉ.प्रेरणा चतुर्वेदी | 2 Comments on भारतीय जनसंख्या और मुस्लिम समुदाय प्रेरणा चतुर्वेदी भारतीय सभ्यता विश्व की उन दो महान सभ्यताओं में से एक है जो अति प्राचीन काल में उदित हुईं और अर्वाचीन काल तक प्रायः निर्बाध प्रवाहित होती रहीं हैं। भारत का भौगोलिक क्षेत्र चीन, यूरोप अथवा अमेरिका जैसा विस्तृत नहीं है। परन्तु सभ्यता के विकास के लिए आवश्यक प्राकृतिक साधनों की प्रचुरता अन्यों […] Read more » भारतीय जनसंख्या भारतीय जनसंख्या और मुस्लिम समुदाय मुस्लिम समुदाय
समाज माओवादी करतूत से उठते सवाल June 6, 2013 by इफ्तेख़ार अहमद | Leave a Comment मो. इफ्तेखार अहमद, छत्तीसगढ़ के जिरम घाटी से गुजरते हुए कांग्रेस पार्टी के काफिले पर 25 मई को हुए माओवादी हमले ने माओवादियों के सिद्धांतों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूं तो माओवादी महिलाओं, बच्चों और आमआदमी पर हमले नहीं करने का दावा करते हैं। लेकिन, इस हमले में 30 लोग मारे […] Read more » माओवादी माओवादी करतूत
विविधा समाज देश में बढते अपराध, बेलगाम होते अपराधी, जिम्मेवार कौन ? June 5, 2013 / June 6, 2013 by नरेंद्र भारती | 2 Comments on देश में बढते अपराध, बेलगाम होते अपराधी, जिम्मेवार कौन ? कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अपराधों का काला साया फैलता जा रहा है यह बहुत ही घातक व अशुभ संकेत है। विश्वगुरु के नाम से विख्यात भारत संगीन अपराधों के कारण कुख्यात होता जा रहा है। प्रतिदिन अपराधों की इबारतें लिखी जा रही हैं। खून की होली खेली जा रही है, हत्याओं ,बलात्कारों, की घटनाओं […] Read more » जिम्मेवार कौन ? देश में बढते अपराध बेलगाम होते अपराधी
राजनीति समाज पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा June 3, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा विशमता और शोषण से जुड़ी भूमण्डलीय आर्थिक उदारवादी नीतियों को जबरन अमल में लाने की प्रक्रिया ने देष में एक बड़े लाल गलियारे का निर्माण कर दिया है, जो पशुपति ; नेपालद्ध से तिरुपति ; आंध्रप्रदेशद्ध तक जाता है। इन उग्र चरमपंथियों ने पहले पश्चिम बंगाल की माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा […] Read more » पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा
मीडिया राजनीति समाज जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है! June 3, 2013 / June 3, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 1 Comment on जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है! छत्तीसगढ में नक्सलियों के हमले में अनेक निर्दोष लोगों सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के मारे जाने के बाद देशभर में एक बार फिर से नक्सलवाद को लेकर गरमागर्म चर्चा जारी है। यह अलग बात है कि नक्सलवादियों द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार निर्दोष लोगों की हत्याएँ की जाती रही हैं, लेकिन इस बारे में […] Read more » जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है!
समाज मैकाले और हमारे भ्रम June 2, 2013 / June 2, 2013 by डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री | 1 Comment on मैकाले और हमारे भ्रम ( डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री ) लार्ड मैकाले की आत्मा अगर कहीं से देख पाती होगी तो यह देखकर अवश्य ही संतोष का अनुभव करती होगी कि उसे उसके अपने देश ने भले ही भुला दिया हो, कोई वहां उसका नाम भी न लेता हो , पर इंडिया नाम की जिस असभ्य , गंवार , जंगली […] Read more » मैकाले मैकाले और हमारे भ्रम
समाज विकराल रूप धारण करती नक्सल समस्या June 2, 2013 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on विकराल रूप धारण करती नक्सल समस्या तनवीर जाफ़री छतीसगढ़ में पिछले दिनों बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की बाईस वाहनों के साथ चल रही परिवर्तन यात्रा पर माओवादियों द्वारा एक बड़ा हमला किया गया जिसमें 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। चूंकि इस हमले में कांग्रेस पार्टी के कुछ राज्यस्तरीय शीर्ष नेताओं को निशाना […] Read more » नक्सल समस्या विकराल रूप धारण करती नक्सल समस्या
समाज दिन का विवाह: समझदारी भरा एक कदम May 25, 2013 by विजय कुमार | 5 Comments on दिन का विवाह: समझदारी भरा एक कदम प्रायः लोग शादी-विवाह का निमन्त्रण पत्र तो यथासमय भेजते ही हैं; पर उसका दिन निश्चित होने पर फोन से भी बता देते हैं, जिससे व्यक्ति अपना वह दिन सुरक्षित कर ले। ऐसे फोन आने पर मैं प्रायः पूछता हूं कि विवाह दिन में है या रात में ? लोग आश्चर्य से कहते हैं – विवाह […] Read more » दिन का विवाह
समाज परिवार को कलंकित करते यह ‘होनहार’ May 23, 2013 / May 23, 2013 by निर्मल रानी | 1 Comment on परिवार को कलंकित करते यह ‘होनहार’ निर्मल रानी आईपीएल क्रिकेट मैच फिक्सिंग कांड इन दिनों मीडिया में भरपूर सुर्खियाँ बटोर रहा है। हालांकि क्रिकेट जैसे सबसे अधिक लोकप्रिय समझे जाने वाले खेल में सट्टेबाज़ी व मैच फिक्सिंग की बात कोई नई नहीं है। परंतु आईपीएल के अंतर्गत होने वाले मैच में मैच फिक्सिंग व सट्टेबाज़ी की खबर निश्चित रूप से पहली […] Read more » परिवार को कलंकित करते यह ‘होनहार’
शख्सियत समाज समाजसुधार और अद्वैतवादी समन्वय के प्रणेता राजा राममोहन राय May 21, 2013 / May 21, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on समाजसुधार और अद्वैतवादी समन्वय के प्रणेता राजा राममोहन राय अनिता महेचा राजा राम मोहनराय का जन्म 22 मई 1772 को बंगाल के हुगली जिले के राधानगर गांव में एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम रमाकान्त रॉय तथा माता का नाम फुल ठकुरानी था। राम मोहन की शिक्षा का प्रारम्भ गांव के एक स्कूल में हुआ। एक मौलवी से उन्हाेंने फारसी […] Read more »
समाज भारत में समलैंगिक(पुरूष) व्यभिचार May 18, 2013 / May 20, 2013 by डा.राज सक्सेना | Leave a Comment डा.राज सक्सेना समलैंगिक(पुरूष) व्यभिचार के सम्बन्ध में अनेक विद्वान लेखकों ने हर दिशा और हर दृष्टिकोण से खोंज की है | वे अपनी इस खोज को सुदूर अतीत में मैसोपोटामिया की संस्कृति तक ले जाने में सफल हुए हैं | इन खोज कर्त्ताओं में हैवलाक ऐलिस का नाम सर्वप्रमुख है | अधिकतर खोजकर्त्ता इसकी उत्पत्ति का […] Read more »