समाज आजाद देश के गुलाम नागरिक October 1, 2009 / December 26, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on आजाद देश के गुलाम नागरिक लार्ड मैकाले ने फरवरी 1835 में ब्रिटिश संसद में कहा था कि, मैंने भारत के कोने-कोने की यात्रा की है और मुझे एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं दिखाई दिया, जो भिखारी हो या चोर हो। मैंने इस देश में ऐसी संपन्नता देखी, ऐसे ऊंचे नैतिक मूल्य देखे कि मुझे नहीं लगता कि जब तक हम […] Read more » Independent country आजाद देश
समाज कंडोम के उचित उपयोग ढ़ूँढने की जरूरत September 30, 2009 / December 26, 2011 by अमरेन्द्र किशोर | 6 Comments on कंडोम के उचित उपयोग ढ़ूँढने की जरूरत आज से सात साल पहले वाराणसी के एक पत्रकार श्री राजीव दीक्षित के एक खोजपूर्ण रिर्पोट को लेकर जमकर बावेला मचा। उक्त रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाने के गरज से मुफ्त में बाटाँ जानेवाला कंडोम दम्पतियों के बेडरूम में जाने के बजाय साड़ी बुनकरों […] Read more » Condom कंडोम
समाज साठ में से चार पोस्ट सेक्स पर क्या लिखा हो गया बबाल September 28, 2009 / December 26, 2011 by जयराम 'विप्लव' | 2 Comments on साठ में से चार पोस्ट सेक्स पर क्या लिखा हो गया बबाल अरे , भाई यह क्या गजब हो गया .मैंने तो सेक्स / काम - चर्चा की कड़ियाँ लिखनी शुरू कर दी .अब लोगों को कैसे साबित करूँगा कि मैं ब्लॉग हित ,देश हित ,जन हित .... में लिखता हूँ ! . सेक्स /काम का जन से क्या सरोकार ! कुछ अन्य ब्लॉगर को देखो धर्म -चर्चा में विलीन हैं, अपने -अपने ब्लॉग पर अवतारों की चर्चा करते हैं , और मैं मूढ़ सेक्स की बात करता हूँ ! छि छि छि ..... Read more » Love Osho Sex and Society Sex in Indian Philosophy Spritualism Vatsyayan Kamsutra सेक्स चर्चा
समाज बलिदानियों का एक गांव स्यूंटा September 26, 2009 / December 26, 2011 by राजेंद्र जोशी | 4 Comments on बलिदानियों का एक गांव स्यूंटा देहरादून। इतिहास में बावन गढ़ों के नाम से प्रसिद्ध गढ़वाल के वीरों की गाथाएं प्रदेश और देश की सीमाओं में नहीं बंधी हैं। गढ़ योद्धाओं की वीरता की गूंज फ्रांस के न्यू चैपल समेत इटली से लेकर ईरान तकसुनी जा सकती है। क्रूर मौसम भले ही खेत में खड़ी फसलों को चौपट कर दे, लेकिन […] Read more » Sacrificer बलिदानियों
समाज सेक्स चर्चा (भाग-४) September 25, 2009 / December 26, 2011 by जयराम 'विप्लव' | 2 Comments on सेक्स चर्चा (भाग-४) पिछले दिनों कई पोस्ट में मैंने सेक्स और समाज को मुद्दा बना लिखा .आम तौर पर लोगों ने मज़े लेने के लिए पढ़े और वाहवाही कर चलते बने . हाँ कुछेक साथियों ने बहस में भाग लेने की कोशिश जरुर की जो कामयाब न हो पाई . सेक्स की बात सुन कर हम मन ही मन रोमांचित होते हैं .जब भी मौका हो सेक्स की चर्चा में शामिल होने से नहीं चूकते .इंटरनेट पर सबसे अधिक सेक्स को हीं सर्च करते हैं . Read more » Osho Sex and Society Sex in Indian Philosophy Sex in Life Spritualism Vatsyayan Kamsutra सेक्स सेक्स चर्चा
समाज क्या आप भावनात्मक रूप से बुद्धिमान है? September 23, 2009 / December 26, 2011 by अमित भटनागर | 1 Comment on क्या आप भावनात्मक रूप से बुद्धिमान है? संजय ऑफिस से घर लौट कर आया, बेटे से पानी लाने को कहा, बेटा टी.वी. देखने में मशगुल था, उसने अनसुना कर दिया। संजय अपना आप खो बैठा, पास पड़े डंडे से उसने बेटे की बुरी तरह पिटाई कर डाली। कारण बड़ा सामान्य था, संजय का दिन काफी परेशानी भरा था, वह अपना प्रोजेक्ट समय […] Read more » imotional भावनात्मक
समाज विद्यालयों में संस्कृत क्यों पढ़ानी चाहिए September 22, 2009 / December 26, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 18 Comments on विद्यालयों में संस्कृत क्यों पढ़ानी चाहिए भारत के विभिन्न प्रान्तों में विद्यालयों में भाषा सम्बद्ध नीति समान नहीं है। कहीं दो भाषाएँ पढ़ाई जाती है तो कहीं तीन। उनमें जो एक भाषा सब प्रान्तों में अनिवार्य रूप में पढ़ाई जाती है वह अंग्रेजी है। अधिकांश पढ़े लिखे लोगों के 62 वर्षों के अथक प्रयत्नों के पश्चात् भी हमारे देश के 10 […] Read more » School विद्यालय
समाज बुंदेलखंड के सन्दर्भ में- बदहाली में पलायन September 19, 2009 / December 26, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मध्यप्रदेश के छतरपुर के अकोना गांव के गुरवा अहिरवार आज अपनी कच्ची झोंपड़ी में अपनी बुजुर्ग पत्नी और तीन नातियों के साथ रह रहे हैं। उनके दो बेटे और बहू रोजगार की तलाश में जुलाई में ही दिल्ली जा चुके हैं। बुंदेलखण्ड के इस इलाके के किसी भी बस अड्डे और रेल्वे स्टेशन पर आपको […] Read more » Bundelkhand बुंदेलखंड
धर्म-अध्यात्म समाज सेक्स चर्चा (भाग -3) September 18, 2009 / December 26, 2011 by जयराम 'विप्लव' | 11 Comments on सेक्स चर्चा (भाग -3) हम जीवन के मूल तत्व ' काम ' अर्थात 'सेक्स' के ऊपर विभिन्न विचारकों और अपने विचार को आपके समक्ष रखेंगे . काम का जीवन में क्या उपयोगिता है ? सेक्स जिसे हमने बेहद जटिल ,रहस्यमयी ,घृणात्मक बना रखा है उसकी बात करने से हमें घबराहट क्यों होती है ? क्यों हमारा मन सेक्स में चौबीस घंटे लिप्त रहने के बाद भी उससे बचने का दिखावा करता है Read more » Osho Sex and Society Sex in Indian Philosophy Sex in Life Spritualism Vatsyayan Kamsutra सेक्स चर्चा
प्रवक्ता न्यूज़ समाज कलक्टर का अप्रत्यक्ष ब्यान ; कंधमाल के दंगों के पीछे धर्मांतरण की भूमिका हो सकती है September 17, 2009 / December 26, 2011 by जयराम 'विप्लव' | 1 Comment on कलक्टर का अप्रत्यक्ष ब्यान ; कंधमाल के दंगों के पीछे धर्मांतरण की भूमिका हो सकती है कंधमाल में पिछले साल हुए दंगों के मामले में जांच कर रहे न्यायिक आयोग को पूर्व जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि 2004 से 2007 के बीच धर्मांतरण के मामले आधिकारिक तौर पर दर्ज दो मामलों से ज्यादा थे। वहां धर्मातरण के कई मामले थे, लेकिन कुछ ही जानकारी जिला प्रशासन को मिली। कंधमाल में विहिप नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद बड़े स्तर पर सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। Read more » Hinduism कंधमाल धर्मांतरण नरेंद्र मोदी विहिप हिन्दुत्व
समाज ‘लव जिहाद’ September 17, 2009 / December 26, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on ‘लव जिहाद’ अपने जीवन के 17 बसन्त देख चुकी श्रुति (काल्पनिक नाम) को यह नहीं मालूम था कि जो युवक विद्यालय जाते समय रास्ते में मिलता रहा और वे एक दूसरे के काफी नजदीक आ गये थे वह उससे प्रेम नहीं करता है बल्कि पूर्वांचल में चल रहे लव जिहाद का एक जेहादी है और वह उसे […] Read more » 'लव जिहाद' Love Jehad
समाज उठो और श्रेष्ठता के लिए युद्ध करो September 9, 2009 / December 26, 2011 by रामस्वरूप रावतसरे | 4 Comments on उठो और श्रेष्ठता के लिए युद्ध करो महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था, दोनों तरफ सेनायें खड़ी थी। श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन के रथ को रणभूमि के मध्य में खड़ा किया और अर्जुन से युद्ध के लिए पांचजन्य का उद्घोष करने के लिए कहा। अर्जुन ने दूर तक नजर पसार कर देखा, दोनों तरफ उसके परिजन एवं प्रजाजन ही खड़े […] Read more » War युद्ध