Bundelkhand

यूपीः बुंदेलखंड के लिये मोदी-योगी का रोडमैप

बुन्देलखण्ड क्षेत्र तीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इनमें से 24 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य है परन्तु इनमें से मात्र चार लाख हेक्टेयर भूमि की ही सिंचाई हो पा रही है, क्योंकि इस इलाके में खेती के विकास के लिए सिंचाई की ऐसी योजनायें ही नहीं बनाई गई, जिनका प्रबंधन कम खर्च में समाज और गाँव के स्तर पर ही किया जा सके। बड़े-बड़े बांधों की योजनाओं से 30 हजार हेक्टेयर उपजाऊ जमीन बेकार हो गई। ऊँची लागत के कारण खर्चे बढे,लेकिन यह बाँध कभी भी बहुज ज्यादा कारगर नहीं साबित हुए। बुंदेलखंड में पिछले एक दशक में 09 बार गंभीर सूखा पड़ा है। बुंदेलखंड में जंगल, जमीन पर घांस, गहरी जड़ें ना होने की कारण तेज गति से गिरने वाला पानी बीहड़ का इलाका पैदा कर रहा है। बुंदेलखंड को करीब से जानने वाले कहते हें कि केवल बारिश में कमी का मतलब सुखा ़ नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कारणों और विकास की प्रक्रिया के कारण पर्यावरण चक्र में आ रहे बदलाव सूखे के दायरे को और विस्तार दे रहे हैं।