लेख शख्सियत समाज स्वामी दयानन्द सरस्वतीः क्रांतिकारी धर्मगुरु व राष्ट्रनिर्माता February 10, 2023 / February 10, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती – 12 फरवरी 2023 पर विशेष– ललित गर्ग-स्वामी दयानन्द सरस्वती ऐसे दिव्य महापुरुष हैं, जिन्होंने समाज-सुधार एवं आडम्बर मुक्ति का आलोक ही नहीं फैलाया बल्कि राष्ट्र-निर्माण में अपूर्व योगदान दिया। उनकी कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं है। उनका लोकहितकारी चिन्तन त्रैकालिक, सार्वभैमिक एवं सार्वदेशिक है और युग-युगों तक […] Read more » Revolutionary religious leader and nation builder Swami Dayanand Saraswati स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती - 12 फरवरी
लेख शख्सियत समाज हरियाणा का विश्वास, कृषि मंत्री जयप्रकाश February 9, 2023 / February 9, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment कृषि मंत्री बनते ही अपने पहले भाषण में जयप्रकाश दलाल ने एक आम सभा में कहा था कि आपने जो ताकत दी है; उसे सवाया करके लौटाऊंगा और चंडीगढ़ से सारे अधिकारी थारे खातिर बुलाया करूंगा, थारी कोई समस्या नहीं छोडूंगा। और आज अक्षरशः ऐसा ही हो रहा है।लोहारू के लाल चौधरी जयप्रकाश दलाल, किसान […] Read more » Agriculture Minister Jaiprakash
राजनीति समाज डीलिस्टिंग: सामाजिक न्याय के मार्ग मे मील का पत्थर February 9, 2023 / February 9, 2023 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment जनजातीय मुद्दों पर प्रतिदिन अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकने वाले विभिन्न संगठन व राजनैतिक दल डिलिस्टिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप क्यों हैं? स्पष्ट है कि वे कथित धर्मान्तरित होकर जनजातीय समाज के साथ छलावा और धोखा देनें वाले लोगों के साथ खड़े हैं. ये कथित दल, संगठन और एनजीओ भोले भाले वनवासी जनजातीय समाज […] Read more » डीलिस्टिंग
लेख शख्सियत समाज पराक्रम के प्रेरणापुंज थे नेता जी January 23, 2023 / January 23, 2023 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment पराक्रम का शाब्दिक अर्थ है शौर्य या बल। पराक्रम (परा +क्रम) में परा उपसर्ग और क्रम मूल शब्द है। परा अर्थात नाश और क्रम अर्थात स्थिति या व्यवस्था। किसी स्थिति या व्यवस्था का नाश ही पराक्रम कहलाता है। यहां स्थिति या व्यवस्था का तात्पर्य गुलामी से है। पराक्रम, स्वतंत्रता को इंगित करता है। ऐसा बल […] Read more » सुभाष चंद्र बोस
राजनीति शख्सियत समाज मां भारती के श्रीचरणों में अपने प्राणों की आहुति देने वाले योद्धा अमर शहीद हेमू कालाणी January 23, 2023 / January 23, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 21 जनवरी 2023 को अमर शहीद हेमू कालाणी के बलिदान दिवस पर विशेष आलेख इतिहास गवाह है कि मां भारती को अंग्रेजों के शासन से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से चलाए गए स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में देश के कोने कोने से कई वीर सेनानियों ने भाग लिया था। इन वीर सेनानियों में से भारत के कई […] Read more » Amar Shaheed Hemu Kalani the warrior who sacrificed his life at the feet of Maa Bharti
राजनीति शख्सियत समाज राजनीतिक नींव एवं मील के पत्थर थे शरद यादव January 16, 2023 / January 16, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग नए साल ने अभी अपनी गति पूरी तरह से पकड़ी भी नहीं है, लेकिन हिंदुस्तान की सियासत ने अपना एक धुरंधर, जांबाज, कद्दावर का नेता जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को हमसे छीन लिया। बिहार से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, उनका निधन न […] Read more » Sharad Yadav was the political foundation and milestone
लेख शख्सियत समाज स्वामी विवेकानंद ने अध्यात्म के बल पर भारत को विश्व गुरु बनाने के किए थे प्रयास January 11, 2023 / January 11, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment स्वामी विवेकानन्द जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकत्ता में हुआ था। आपका बचपन का नाम श्री नरेंद्र नाथ दत्त था। बचपन से ही आपका झुकाव आध्यात्म की ओर था। आपने श्री रामकृष्ण परमहंस से दीक्षा ली थी एवं अपने गुरु जी से बहुत अधिक प्रभावित थे। आपने बचपन में ही अपने गुरु जी से […] Read more »
लेख शख्सियत समाज देशभक्त एवं भारतीय पुनर्जागरण के पुरोधा संतपुरुष : स्वामी विवेकानन्द January 11, 2023 / January 11, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment स्वामी विवेकानन्द जन्म जयन्ती-12 जनवरी 2023 पर विशेष-ललित गर्ग- स्वामी विवेकानंद भारत की आध्यात्मिक चेतना के एक ऐसे उज्ज्वल नक्षत्र है, जिन्होंनेे परंपराओं और आधुनिक विचारों को मथकर ऐसे मोती चुने, जिनसे भारत का गौरव दुनिया में बढ़ा है। उनकी कीर्ति युग-युगांे तक जीवंत रहेगी, क्योंकि उनका मानवहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी हैं, वे एक […] Read more » स्वामी विवेकानन्द जन्म जयन्ती-12 जनवरी
महत्वपूर्ण लेख लेख समाज सार्थक पहल कितना पूरा हुआ बालिका शिक्षा पर सावित्री बाई फुले का सपना? January 3, 2023 / January 3, 2023 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद्, समाज सुधारक और मराठी लेखक व कवियत्री थीं. उन्होंने उन्नीसवीं सदी में अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र के साथ साथ स्त्री अधिकारों, छुआछुत, सतीप्रथा, विधवाविवाह, बालविवाह, अंधविश्वास, के खिलाफ संघर्ष किया. सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को […] Read more » How fulfilled is Savitri Bai Phule's dream on girl child education?
लेख समाज सार्थक पहल अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण वर्ष-भर चर्चित रहा नारनौल का मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट December 30, 2022 / December 30, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment अपने आईपीएस बेटे मनुमुक्त ‘मानव’ की असमय मृत्यु उपरांत दुनिया-भर के युवाओं में मनु के अक्स को देखते हुए, उन्हें ट्रस्ट के माध्यम से पुरस्कार प्रदान कर, आगे बढ़ने के हेतु प्रेरित करते हैं ट्रस्टी कांता भारती और चीफ ट्रस्टी डॉ रामनिवास ‘मानव’।यह संभवतः दुनिया का एकमात्र ट्रस्ट है, जिसे बेटे की स्मृति में माता-पिता […] Read more » मनुमुक्त 'मानव' मेमोरियल ट्रस्ट
लेख समाज डिजिटल इंडिया का अधूरा सपना कब पूरा होगा? December 28, 2022 / December 28, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शीराज़ अहमद मीरमंडी, पुंछ बैंक जैसी सुविधाओं का होना हर व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि हर व्यक्ति चाहता है कि वह जो कमाए उसे बचाए और मुश्किल समय में उसका उपयोग करे. नौकरीपेशा वर्ग को भी अपना मासिक वेतन बैंक की सहायता से मिलता है. इसके साथ ही दिव्यांगों और अन्य […] Read more » When will the unfulfilled dream of Digital India be fulfilled?
लेख समाज सभ्य समाज में जीवन से हार मानते लोगों का बढ़ना December 28, 2022 / December 28, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- महज 20 वर्ष की उम्र में मशहूर टीवी एक्ट्रेस तनीषा शर्मा ने अपने सीरियल की शूटिंग के सेट पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इसी तरह पिछले कुछ सालों में बालीवुड या टेलीविजन में अभिनय की दुनिया में अपनी अच्छी पहचान बनाने वाले सुशांत सिंह राजपूत, वैशाली ठक्कर, आसिफ बसरा और कुशल […] Read more » Increase in people giving up on life in a civilized society