समाज मुख्यधारा से अभी भी दूर है पहाड़िया समाज November 2, 2020 / November 2, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अमरेन्द्र सुमन दुमका, झारखंड संथाल परगना प्रमण्डल के हरित पर्वत मालाओं, घने जंगलों, स्वच्छंद नदी-नालों तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए अंग्रेजों, जमींदार और महाजनों जैसे शोषक वर्गों से लोहा लेने वाली आदिम जाति पहाड़िया समुदाय का अपना एक विशिष्ट इतिहास रहा है। इसे भारत की दुर्लभ जनजातियों में से एक माना जाता है। […] Read more » Pahadia society is still far from mainstream पहाड़िया समाज
समाज माता पिता की सेवा से सन्तानों को स्वर्गीय सुख प्राप्त होता है November 2, 2020 / November 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य सभी मनुष्यों के जीवन में माता-पिता होते हैं जो सन्तानों को जन्म देने के साथ उनका पालन भी करते हैं। सन्तान को जन्म देने में माता-पिता को अनेक कष्टों से गुजरना पड़ता है। माता-पिता यदि सन्तान की रक्षा व पालन न करें तो सन्तान का जीवित रहना भी सम्भव नहीं होता। […] Read more » Children get heavenly happiness from the service of parents माता पिता की सेवा माता पिता की सेवा से सन्तानों को स्वर्गीय सुख सन्तानों को स्वर्गीय सुख
महिला-जगत लेख विविधा समाज हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता October 28, 2020 / October 28, 2020 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment डॉ. शुभ्रता मिश्रा हिन्दू धर्म को समझने के लिए उसके प्राचीनतम और आधारभूत धर्मग्रन्थ अर्थात् ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद परम प्रमाण माने गए हैं। इन चारों वेदों में उद्धृत पवित्र मन्त्र वास्तव में ईश्वर की वाणी है, जिनके प्रति सभी हिन्दु धर्माबलंबियों की अगाध श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई है। सृष्टि के अनेक रहस्यों […] Read more » Hindu religion and female freedom कात्यायनी मैत्रयी वैदिक काल की गार्गी सुलभा हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता
समाज आखिर क्यों बदल रहे हैं मनोभाव और टूट रहे परिवार ? October 27, 2020 / October 27, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment भौतिकवादी युग में एक-दूसरे की सुख-सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा ने मन के रिश्तों को झुलसा दिया है. कच्चे से पक्के होते घरों की ऊँची दीवारों ने आपसी वार्तालाप को लुप्त कर दिया है. पत्थर होते हर आंगन में फ़ूट-कलह का नंगा नाच हो रहा है. आपसी मतभेदों ने गहरे मन भेद कर दिए है. बड़े-बुजुर्गों की […] Read more » why are emotions changing and families collapsing? टूट रहे परिवार बदल रहे हैं मनोभाव
लेख समाज मैला ढोने वालों की दुर्दशा October 26, 2020 / October 26, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment 28 साल पहले एक कानून के माध्यम से इस पर प्रतिबंध लगाने एवं तकनीकी प्रगति के बावजूद, मानव अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पैदा करने वाली , मैनुअल स्कैवेंजिंग भारत में बनी हुई है। मैनुअल स्कैवेंजिंग का तात्पर्य किसी भी तरीके से मैन्युअल रूप से सफाई करने, शुष्क शौचालयों और सीवरों से मानव उत्सर्जन ले जाने, […] Read more » Plight of scavengers मैनुअल स्कैवेंजिंग मैला ढोने वालों की दुर्दशा
विश्ववार्ता समाज आबादी घटने के संकेत और उसके प्रभाव October 22, 2020 / October 22, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारतीय आबादी के सिलसिले में नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) की सांख्यिकीय रिपोर्ट-2018 ने देश में आबादी घटने के संकेत दिए हैं। इस सर्वेक्षण के आधार पर 2018 में एक मां की उसके जीवनकाल में प्रजनन दर 2.2 आंकी गई। इस विषय के जानकारों का मानना है कि भारत की जनसंख्या स्थिर हो सकती […] Read more » Signs of population decline and its effects आबादी घटने के संकेत
महिला-जगत समाज कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत ? October 16, 2020 / October 16, 2020 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हाथरस गैंगरेप मामले में पुलिस के रवैए पर कई सवाल उठ रहे हैं? देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन करके और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करके आक्रोश जता रहे हैं. देश में किसी लड़की के साथ दरिंदगी का यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल […] Read more » How long will women be raped औरतों की अस्मत कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत
लेख समाज बच्चों के स्कूल नहीं लौटने का खतरा एक गंभीर चेतावनी October 16, 2020 / October 16, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment —प्रियंका सौरभ संयुक्त राष्ट्र की नीति के अनुसार शिक्षा पर महामारी के प्रभाव और सीओवीआईडी -19 की आर्थिक गिरावट के कारण 24 मिलियन बच्चों के स्कूल नहीं लौटने का खतरा अब सच में बदल गया है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक वित्तपोषण का अंतर भी एक तिहाई बढ़ने की संभावना है। दुनिया भर में 1.6 अरब […] Read more » child abuse amid corona increased children not returning to school amid corona pandemic गर्भावस्था बच्चों के स्कूल बाल विवाह लिंग आधारित हिंसा विश्व बैंक
लेख समाज कैसे रुक पाएंगे बाल तस्करी और बाल विवाह ? October 14, 2020 / October 14, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment — डॉo सत्यवान सौरभ, नेशनल चाइल्ड लाइन -1098 द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बाल अपराध के मामलों में कोरोना लॉकडाउन के दौरान भारी वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल चाइल्ड लाइन -1098 द्वारा लॉकडाउन के दौरान आंकड़े प्रदान किए गए हैं जो बाल तस्करी की एक अलग तस्वीर पेश करता है। देखे तो लॉकडाउन […] Read more » child marriage Child Trafficking child trafficking and child marriage stop? How will child trafficking and child marriage stop कैसे रुक पाएंगे बाल तस्करी कैसे रुक पाएंगे बाल विवाह
लेख समाज यह राक्षसीय विचार आख़िर आते कहाँ से हैं ? October 14, 2020 / October 14, 2020 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीसोशल मीडिया पर अपनी औक़ात दिखाने की एक और बेहद शर्मनाक व चिंताजनक घटना इन दिनों देश का ध्यान आकर्षित कर रही है। यह घटना देश के क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ी तथा देश के खेल जगत का गौरव समझे जाने वाले खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी से जुड़ी है। ग़ौर तलब है कि धोनी […] Read more » Where do these demonic thoughts finally come from? जीवा धोनी का बलात्कार राक्षसीय विचार
समाज पानी जब ज़हर बन गया October 12, 2020 / October 12, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रब नवाज आलम साहेबगंज, झारखंड दो साल से खाट पर पड़ा हूँ। हाथ-पैर काम नहीं करता। दर्द ऐसा कि सहा तक नहीं जाता। क्या करूँ बाबू, परिवार के लिए बोझ ही तो बन गया हूँ? बस अब पड़े-पड़े मौत का इंतजार कर रहा हूं! बांस और टाट से निर्मित एक टूटी सी झोपड़ी के अंधेरे […] Read more » When water became poison फ्लोरोसिस
लेख समाज सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग October 11, 2020 / October 11, 2020 by तनवीर जाफरी | 3 Comments on सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग तनवीर जाफ़रीभारत वर्ष की समाजिक व्यवस्था सदियों से धार्मिक व सामाजिक सद्भाव व सौहार्द पर आधारित रही है। देश के ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जो हमें यह बताते आ रहे हैं कि किस तरह हमारे पूर्वजों ने सौहार्द की वह बुनियाद रखी जिस का अनुसरण आज तक हमारा देश और यहाँ के बहुसंख्य लोग करते […] Read more » These narrow-minded people create social gaps नाचना इस्लाम के अनुसार हराम है फ़तवेबाज़ बंगला फ़िल्म अभिनेत्री व तृणमूल कांग्रेस की सासंद नुसरत जहां