विविधा ‘बिग बॉस’ की भूमिका में बिहार के नौकरशाह January 23, 2014 / January 23, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -आलोक कुमार- पिछले आठ सालों के सुशासनी शासन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री ने कई बार नौकरशाहों को गांवों की तरफ रुख करने के ‘दिखाऊ निर्देश’ दिए लेकिन न प्रमुख सचिव और सचिवों ने गांवों का रुख किया और न ही जिलाधिकारीओं और आयुक्तों ने गांवों के भ्रमण में रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री की सेवा और अधिकार यात्राओं […] Read more » "बिग बॉस“ की भूमिका में बिहार के नौकरशाह Bihar bureaucracts
विविधा चुनौती से बचकर नहीं भिड़कर चलने वाला सम्राटः पृथ्वीराज चौहान January 23, 2014 / January 23, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment -राकेश कुमार आर्य- पृथ्वीराज चौहान से पराजित होकर मोहम्मद गोरी रह-रहकर अपने दुर्भाग्य को कोस रहा था। गोरी स्वयं को बहुत ही अपमानित अनुभव कर रहा था। यह उसका सौभाग्य रहा और राजपूतों का प्रमाद कि जब वह युद्ध क्षेत्र में घायल पड़ा, अपने जीवन की अंतिम घडिय़ां गिन रहा था, तब उसे अपनी […] Read more » Prithvi Raj Chauhan चुनौती से बचकर नहीं भिड़कर चलने वाला सम्राटः पृथ्वीराज चौहान
विविधा सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ? January 20, 2014 / January 20, 2014 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment -इक़बाल हिंदुस्तानी- सोशल नेटवर्किंग दोधारी तलवार है, सोच-समझकर चलाना होगा! जिस तरह से चाकू बदमाश के हाथ में हो तो वह किसी की जान ले लेता है और वही चाकू डॉक्टर हाथ में आ जाये तो किसी मरीज़ की जान बचा लेता है, वैसे ही इंटरनेट के भी फायदों के साथ दुरुपयोग के नुक़सान मौजूद […] Read more » Sunanda Pushkar death twitter सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?
विविधा मरहूम सुनंदा पुष्कर : महत्वाकांक्षा की वेदी पर प्राणों की आहूति ? January 20, 2014 / January 20, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on मरहूम सुनंदा पुष्कर : महत्वाकांक्षा की वेदी पर प्राणों की आहूति ? -आलोक कुमार- सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या कर ली या उनकी हत्या हुई, इस रहस्य से अभी पर्दा उठना बाकी है और शायद कभी उठे भी नहीं। बात-बात पर ब्रेकिंग न्यूज़ बनाने वाली इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी कुछ ज्यादा सक्रिय नहीं है, क्योंकि मामला एक केंद्रीय कांग्रेसी मंत्री से जुड़ा हुआ है। सुनंदा पुष्कर की मौत […] Read more » Sunanda Pushkar death मरहूम सुनंदा पुष्कर : महत्वाकांक्षा की वेदी पर प्राणों की आहूति ?
विविधा ‘इस्लामी आतंकवाद’ के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता January 20, 2014 / January 20, 2014 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on ‘इस्लामी आतंकवाद’ के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता -तनवीर जाफरी- जिस प्रकार 1947 में स्वतंत्र भारत के उदय के साथ ही भारतवर्ष को पाकिस्तान के रूप में एक विभाजित राष्ट्र की त्रासदी का सामना करना पड़ा था और उस समय से लेकर अब तक कभी एक ही देश के नागरिक कहे जाने वाले लोगों के मध्य चला आ रहा तनावपूर्ण वातावरण इस […] Read more » 'इस्लामी आतंकवाद' के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता muslims unity
विविधा हिन्दुत्व का पराक्रमी वीर सम्राट पृथ्वीराज चौहान January 17, 2014 / January 17, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment -राकेश कुमार आर्य- पृथ्वीराज चौहान भारतीय त्याग, तपस्या, साधना और पौरूष का प्रतीक है। वह अपने गुणा-अवगुणों से तत्कालीन हिंदू राजाओं में से कई के लिए ईष्र्या और द्वेष का कारण बन गया था। कई इतिहासकारों ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के एक से अधिक विवाहों के होने का उल्लेख किया है। अत: थोड़ी सी […] Read more » Prithviraj Chauhan हिन्दुत्व का पराक्रमी वीर सम्राट पृथ्वीराज चौहान
विविधा 42 वर्षों का बांग्लादेश January 15, 2014 / January 15, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on 42 वर्षों का बांग्लादेश -फखरे आलम- 16 दिसम्बर 2013 को बांग्लादेश ने अपने स्थापना का 42वां वर्षगांठ मनाया। 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान टूटकर बांग्लादेश बना था। बांग्लादेश में लगातार स्थिति खराब होती जा रही है। वर्ष 71 में पाकिस्तानी सेना के साथ देने और बंगालियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए ध्ररना […] Read more » 42 वर्षों का बांग्लादेश America Bangladesh Iran
विविधा समानान्तर मीडिया खड़ा करने की बढ़ती जिम्मेदारी January 14, 2014 / January 14, 2014 by देवेन्द्र कुमार | 1 Comment on समानान्तर मीडिया खड़ा करने की बढ़ती जिम्मेदारी -देवेन्द्र कुमार- केके माधव के नेतृत्व में 1980 में पुनर्गठित द्वितीय प्रेस कमीशन ने 1982 में अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करते हुए देश के तात्कालीन प्रजातांत्रिक-सामाजिक हालात के मद्देनजर प्रेस की भूमिका एवं कार्यप्रणाली को पुनर्परिभाषित करते हुए यह अनुशंसा की थी कि चूंकि प्रेस में शहरी पक्षधरता मौजूद है। यह सिर्फ राजनीतिक उठापटक में […] Read more » media समानान्तर मीडिया खड़ा करने की बढ़ती जिम्मेदारी
विविधा भारत के पराक्रम और पतन का अद्भुत संगम January 5, 2014 / January 5, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment विश्व के ऐसे कितने ही देश हैं जिन्होंने दिन के प्रकाश में अपनी स्वतंत्रता को खो दिया और ऐसा खोया कि फिर कभी उसे प्राप्त न कर सके। ऐसी स्थिति उन्हीं लोगों की या देशों की हुआ करती है, जो अपनी जिजीविषा और जिज्ञासा को या तो शांत कर लेते हैं या उसे […] Read more » Prithvi Raj Chauhan भारत के पराक्रम और पतन का अद्भुत संगम
विविधा टेलीफोन सस्ता हो सकता है तो रेलवे और बिजली क्यों नहीं! January 4, 2014 / January 11, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- 90 के दशक के मध्य में एक नई चीज ईजाद हुई थी ‘पेजर’। बस नाम ही सुना था। जानकारी बस इतनी कि इसके माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान किया जा सकता था। दुनिया पेजर को जान-समझ पाती, इससे पहले ही मोबाइल फोन अस्तित्व में आ गया। हालांकि शुरू में इसे सेल्यूलर या […] Read more » Why not Railway and Electricity available at cheaper rate ! टेलीफोन सस्ता हो सकता है तो रेलवे और बिजली क्यों नहीं!
विविधा मेघालय के विकास में अवैध खनन की बाधकता December 22, 2013 / December 22, 2013 by कन्हैया झा | Leave a Comment मेघालय 22 हज़ार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ एक छोटा राज्य है. सन 72 में दक्षिण असम के तीन मुख्य प्रान्तों खासी, गारो एवं जनिता को मिलाकर मेघालय को एक अलग राज्य का दर्ज़ा दिया गया. दक्षिण में मेघालय की सीमा बंगलादेश से लगती है. यहाँ की आबादी लगभग 30 लाख है. इसकी राजधानी शिलांग […] Read more » मेघालय के विकास में अवैध खनन की बाधकता मेघालय में अवैध खनन
विविधा पूर्व जस्टिस गांगुली मामले में कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है! December 18, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment इस अत्यन्त अम्भीर और संवेदनशील मामले को सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ सभी दलों के राजनेताओं, महिला संगठनों और मीडिया द्वारा जितने हल्के से लिया जा रहा है, वह अपने आप में घोर आश्चर्य का विषय है! सच तो ये है कि हर ओर सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक अवमानना का भय व्याप्त है, इस कारण […] Read more » पूर्व जस्टिस गांगुली मामले में कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है!