विविधा “आत्मा की आवाज़” बनाम “लोग क्या कहेंगे?” December 17, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 2 Comments on “आत्मा की आवाज़” बनाम “लोग क्या कहेंगे?” डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ दुनिया के सामने दिखावा अधिक जरूरी है या अपनी आत्मा की आवाज़ सुनकर उसे मानना और उस पर अमल करना? यह एक ऐसा ज्वलंत सवाल है, जिसका उत्तर सौ में से निन्यानवें लोग यही देना चाहेंगे कि अपनी आत्मा की आवाज़ सुनकर उसे मानना और उस पर अमल करना ज्यादा जरूरी […] Read more »
विविधा जॉबलेस ग्रोथ कब तक ? December 14, 2013 / December 14, 2013 by कन्हैया झा | Leave a Comment पिछले दो दशकों के विकास को ‘बिना रोज़गार का विकास’ अथवा Jobless Growth कहा गया है. भारत जैसे युवा देश के लिए ऐसे विकास पथ पर आगे चलते रहना खतरे से खाली नहीं होगा. विकास या विलास सन 1970 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण से छोटे किसानों एवं उद्योगधंधों को क़र्ज़ मिलना शुरू हो […] Read more » जॉबलेस ग्रोथ कब तक ?
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा डॉ. कोएनराड एल्स्ट सम्मान गोष्ठी 13 जनवरी को December 12, 2013 / December 12, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment बेल्जियन विद्वान डॉ. कोएनराड एल्स्ट (1959 – ) के सम्मान में उनके भारतीय पाठकों, प्रशंसकों ने 13 जनवरी 2014 की संध्या इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, दिल्ली में एक छोटा सा स्नेह-आयोजन रखा है। आप जानते ही हैं, डॉ. एल्स्ट को दिवंगत मनीषी-द्वय रामस्वरूप और सीताराम गोयल की बौद्धिक-योद्धा परंपरा का प्रखर दीपक माना जाता है। उन […] Read more » koenraad elst
विविधा वंदे मातरम्: राष्ट्र की अस्मिता का गीत December 2, 2013 by डॉ. सौरभ मालवीय | 1 Comment on वंदे मातरम्: राष्ट्र की अस्मिता का गीत डॉ. सौरभ मालवीय ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ अर्थात् जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है. फिर अपनी मातृभूमि से प्रेम क्यों नहीं ? अपनी मातृभूमि की अस्मिता से संबद्ध प्रतीक चिन्हों से घृणा क्यों? प्रश्न अनेक हैं, परंतु उत्तर कोई नहीं. प्रश्न है राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का. क्यों कुछ लोग इसका इतना विरोध करते […] Read more » Vande Mataram वंदे मातरम्
महत्वपूर्ण लेख विविधा हमारा परमोच्च शब्द रचना शास्त्र, भाग–दो November 30, 2013 / November 30, 2013 by डॉ. मधुसूदन | 9 Comments on हमारा परमोच्च शब्द रचना शास्त्र, भाग–दो डॉ. मधुसूदन प्रवेश: आलेख में (१) व्युत्पत्ति, एटीमॉलॉजी से परिचय करेंगे। कुछ प्राकृतें और हिंदी/संस्कृत एवं अंग्रेज़ी के उदाहरण देखेंगे। हमारी शब्द रचना के भी उदाहरण ही दिए जाएंगे। रचना विधि इस आलेख में नहीं समझाई है। सीधे उदाहरण ही दिए हैं। (एक) शब्दमूल हैं संस्कृत के धातु यदि हम हमारे शब्दों के मूल […] Read more »
विविधा विदेशों से घटिया जूता खरीद November 29, 2013 by विकास कुमार गुप्ता | 2 Comments on विदेशों से घटिया जूता खरीद विकास कुमार गुप्ता सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए घटिया खरीद पर उच्चतम न्यायालय ने तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि ”हम परमाणु क्षमता रखते हैं। मंगल पर यान भेज रहे हैं, फिर जूते जैसी छोटी-छोटी चीजें विदेश से क्यो मंगा रहे हैं और वह भी खराब क्वालिटी के“। विदेशी सामग्रियों की बिक्री, आयात और […] Read more »
विविधा आरूषि-हेमराज हत्याकांड:सुलगते सवाल November 28, 2013 / November 28, 2013 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी देश की अब तक सबसे बहुचर्चित दोहरे कत्ल संबंधी मर्डर मिस्ट्री का अदालत की ओर से पटाक्षेप हो चुका है। लगभग साढ़े पांच वर्ष पूर्व 16 मई 2008 को नोएडा में हुए आरूषि तलवार व हेमराज के $कत्ल पर $गाजि़याबाद की सीबीआई अदालत ने अपना $फैसला सुनाते हुए आरूषि के माता-पिता नुपुर तलवार […] Read more » आरूषि-हेमराज हत्याकांड
विविधा औरों को दुःखी न करें, यह हिंसा से भी बढ़कर है November 26, 2013 by डॉ. दीपक आचार्य | 1 Comment on औरों को दुःखी न करें, यह हिंसा से भी बढ़कर है डॉ. दीपक आचार्य हिंसा का यही मतलब नहीं है कि किसी की हत्या कर देना या हिंसक प्रवृत्तियों में लगे रहना। हिंसा का संबंध हिंसक मानसिकता और क्रूर व्यवहार से आरंभ होता है यही सूक्ष्म मानसिकता जब व्यवहार रूप में परिणत हो जाती है तब स्थूल आकार पाकर घृणित हो जाती है। आजकल हिंसा अपनाने […] Read more »
विविधा देश की नहीं, वोट की चिंता है राजनेताओं को ? November 26, 2013 by शादाब जाफर 'शादाब' | 3 Comments on देश की नहीं, वोट की चिंता है राजनेताओं को ? शादाब जफर ‘‘शादाब’’ देश में फैले दंगाग्रस्त क्षेत्रों में जिन राजनीतिज्ञों से आम जनता को यह उम्मीद रहती है कि वे लोगों को हिंसा से बचाने, बिगड़े हुए माहौल को शांत करने, सदभाव कायम करने तथा हिंसक वातावरण को अहिंसापूर्ण माहौल में बदलने की कोशिश करेंगे। वही ठीक इसके विपरीत आज सांप्रदायिकता फैलाने नफरत के […] Read more »
विविधा हैदराबाद एक्शन को लेकर नेहरु-पटेल मतभेदों पर डा. मुंशी का प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य November 21, 2013 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment लालकृष्ण आडवाणी गत् वर्ष सरदार पटेल की जयन्ती की पूर्व संध्या यानी 30 अक्टूबर, 2012 को नई दिल्ली से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक पायनियर ने एक समाचार प्रकाशित किया जिसके अनुसार हैदराबाद में सेना भेजने के सरदार पटेल के फैसले के विरोध के फलस्वरुप प्रधानमंत्री नेहरु द्वारा उन पर की गई तीखी टिप्पणियों के चलते सरदार […] Read more »
विविधा सीबीआई की वैधता का सवाल कायम November 19, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को असंवैधानिक करार दिए जाने वाला गुवाहाटी उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जरुर दे दिया है लेकिन उसकी वैधता का सवाल अपनी जगह कायम है। सीबीआई को अवैध ठहराने का फैसला हैरत में डालने वाला जरूर लगता है,लेकिन इस बड़े सवाल को एकाएक नजरअंदाज किया […] Read more »
विविधा मीडिया को फुर्सत नहीं कि इस ओर झांके? November 18, 2013 / November 18, 2013 by गिरीश पंकज | 6 Comments on मीडिया को फुर्सत नहीं कि इस ओर झांके? दिल्ली में गौ भक्त फैज़ और साथियों का आमरण अनशन गिरीश पंकज भारत में गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर 10 नवम्बर से 9 लोग आमरण अनशन कर रहे हैं. ये लोग अपना जीवन होम करने का संकल्प ले कर बैठे हैं, मगर धन्य है इस देश का मीडिया जिसे फुरसत नहीं […] Read more »