विविधा अबुझमाड़ में पत्रकारों की पदयात्रा नक्सलियों से संवाद की नयी क्रांति February 3, 2014 / February 3, 2014 by लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर पत्रकार | Leave a Comment अबुझमाड़ से लौटकर – युवा साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मी नारायण लहरे अबुझमाड़ के ओरछा से बीजापुर तक 16 पत्रकारों की दल पदयात्रा कर सकुशल वापस आ गये। अबुझमाड में पत्रकारों ने जगह-जगह जनताना सरकार से मिलने की कोशिश की पर जनताना सरकार के करिंदे पत्रकारों से मिलने से बचते रहे और अबुझमाड़ में पत्रकारों के लिये […] Read more » Abujhmad naxal journalsits talk with naxals अबुझमाड़ में पत्रकारों की पदयात्रा नक्सलियों से संवाद की नयी क्रांति
जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख विविधा तराइन का दूसरा युद्घ और चौहान, जयचंद व गौरी का अंत February 3, 2014 / February 4, 2014 by राकेश कुमार आर्य | 7 Comments on तराइन का दूसरा युद्घ और चौहान, जयचंद व गौरी का अंत -राकेश कुमार आर्य- तराइन का युद्धक्षेत्र पुन: दो सेनाओं की भयंकर भिड़ंत का साक्षी बन रहा था। भारत के भविष्य और भाग्य के लिए यह युद्ध बहुत ही महत्वपूर्ण होने जा रहा था। भारत अपने महान पराक्रमी सम्राट के नेतृत्व में धर्मयुद्ध कर रहा था, जबकि विदेशी आततायी सेना अपने सुल्तान के नेतृत्व में भारत की अस्मिता को […] Read more » Jaychand and Gori Tarain second world war जयचंद व गौरी का अंत तराइन का दूसरा युद्घ और चौहान
विविधा ‘प्राचीन काल में भारत से दूर देशों में मनुष्यों का जीवन’ February 3, 2014 / February 3, 2014 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य- सत्यार्थ प्रकाश के 13वें समुल्लास का अध्ययन करते हुए हमारे मन में कई बार विचार आया कि लगभग दो हजार वर्ष पहले यरूशलम व उसके आसपास तथा योरूप आदि के लोगों का जीवन व दिनचर्या किस प्रकार की रही होगी। इसका कारण बाइबिल में जो विचार दिये गये हैं, […] Read more » ‘प्राचीन काल में भारत से दूर देशों में मनुष्यों का जीवन’ A depth literature of ved
विविधा मन के खेल निराले मेरे भैय्या ! February 3, 2014 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | 1 Comment on मन के खेल निराले मेरे भैय्या ! -डॉ. अरविन्द कुमार सिंह- नीत्शे से किसी ने एक बार पूछा- तुम हमेशा हंसते रहते हो, प्रसन्न रहते हो। नीत्शे ने कहा- ‘‘अगर तुमने पूछ ही लिया है तो मैं असलियत भी बता दूं। मैं इसलिये हंसता रहता हूं कि कहीं रोने न लगूं। आदमी बिल्कुल वैसा नहीं है, जैसा दिखाई पड़ता है। भीतर […] Read more » Human natute soul मन के खेल निराले मेरे भैय्या !
विविधा सैन्य शासन की प्रबल संभावनाओं के मध्य पाकिस्तान (Military rule in Pakistan Between strong prospects) February 2, 2014 / February 2, 2014 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment Chaos in Pakistan and extremists strong grip on the country at the national and international level to identify the country has made the country of terrorists. Increasing violence is the major issue from which Paksitan has not been getting rid of it. -तनवीर जाफरी- पाकिस्तान वैसे तो गत दो दशकों से हिंसा खासतौर पर लक्षित […] Read more » Military rule Military rule in Pakistan Military rule in Pakistan Between strong prospects pakistan violence in Pakistan
विविधा बेलगाम पुलिस पर चुप्पी February 1, 2014 / February 1, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- पिछले एक पखवाड़े से राजनीतिक हलकों और मीडिया में अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार में कानून मंत्री सोमनाथ भारती को तो आरजक व संवैधानिक व्यवस्था के प्रतिकूल आचरण का दोषी ठहराया जा रहा है, किंतु उस पुलिस का क्या हुआ। इसका अराजक आचरण चरित्र का स्थायी भाव बना हुआ है। वह हमेशा […] Read more » AAP Arvind Kejrival Delhi Government Delhi police बेलगाम पुलिस पर चुप्पी
विविधा अपने ही देश में… February 1, 2014 / February 1, 2014 by बीनू भटनागर | 1 Comment on अपने ही देश में… -बीनू भटनागर- दिल्ली में एक युवक को ज़रा सी बात पर पीट-पीटकर मार दिया गया, इससे दर्दनाक और दुखद बात क्या हो सकती है! पोलिस ने भी दोबारा उस युवक को उसी स्थान पर लाकर छोड़ा, जहां उसकी पिटाई हुई थी, उसे उसके घर पर जहां वह ठहरा हुआ था, छोड़कर आना चाहिये था। यह […] Read more » India why dispute in India ? अपने ही देश में...
विविधा टाइगर के बाद अब पैंथर भी गायब February 1, 2014 / February 1, 2014 by विनोद उपाध्याय | Leave a Comment -विनोद उपाध्याय- भोपाल। प्रदेश में 20 से 27 जनवरी तक चली वन्य प्राणियों की गणना में प्रारंभिक तौर पर जो तथ्य सामने आए हैं वह चौकाने वाले हैं। अभी तक जो जानकारी आई है उसके मुताबिक अभयारण्यों में बाघ (टाइगर) के होने के तो बहुत सबुत मिल रहे हैं, लेकिन तेंदुए (पैंथर) […] Read more » Panther Panther are vanishing Panthers are vanishing Tiger टाइगर के बाद अब पैंथर भी गायब
विविधा सुंदरता के बाजार से जन्मीं नई विषमताएं January 31, 2014 / January 31, 2014 by संजय कुमार बलौदिया | Leave a Comment -संजय कुमार बलौदिया- पिछले दिनों द इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी का सर्वे प्रकाशित हुआ जिसके मुताबिक कॉस्मेटिक सर्जरी के मामले में अमेरिका, चीन और ब्राजील के बाद भारत चौथे स्थान पर आता है। यह आंकड़ा भारत की कुल आबादी पर आधारित है। सोशल न्यूज नेटवर्क वोकेटिव के अनुसार सर्जरी का बड़ा कारण […] Read more » Beauty Beauty funda सुंदरता के बाजार से जन्मीं नई विषमताएं
विविधा गौरव खोता वेटिकन January 31, 2014 / January 31, 2014 by आर.एल. फ्रांसिस | Leave a Comment -आर.एल. फ्रांसिस- जिनेवा स्थित एक संयुक्त राष्ट्र पैनल ने रोमन कैथोलिक पादरियों द्वारा हजारों बच्चों के यौन शोषण पर वेटिकन अधिकारियों की एक रिपोर्ट पर सुनवाई शुरू कर दी है। इसके पहले वेटिकन इस तरह की कोई जानकारी संयुक्त राष्ट्र के साथ साझा करने से इनकार करता रहा है। वेटिकन का शुरू से […] Read more » vetican popes गौरव खोता वेटिकन
विविधा ईशनिंदा पर पाक में ब्रितानी नागरिक को मौत की सजा January 31, 2014 / January 31, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on ईशनिंदा पर पाक में ब्रितानी नागरिक को मौत की सजा -प्रमोद भार्गव- खुद को पैगम्बर बताने वाले एक ब्रिटिश मूल के मुस्लिम नागरिक को पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। इससे जाहिर होता है कि पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरवाद के जहर की पैरवी वहां कानून और अदालत भी करते हैं। ईशनिंदा के बहाने, मौत के ऐसे फरमान प्रतिक्रियास्वरूप अन्य […] Read more » Britain citizen condemned by pak court pakistan ईशनिंदा पर पाक में ब्रितानी नागरिक को मौत की सजा
विविधा सुभाष बोस को किसी सांसद की श्रद्धांजलि की आवश्यकता नहीं! January 30, 2014 / January 30, 2014 by बी एन गोयल | Leave a Comment -बीएन गोयल- सुभाष चन्द्र बोस – एक श्रद्धांजलि कैसी विडम्बना कि गत 23 जनवरी को देश के सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्ति नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिन के अवसर पर संसद में श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री से लेकर सभी मंत्री, सांसद, लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्य सभा के अध्यक्ष आदि में (एक अपवाद स्वरुप मात्र अडवाणी जी को छोड़कर) सभी नदारद […] Read more » subhash chandra bose सुभाष बोस को किसी सांसद की श्रद्धांजलि की आवश्यकता नहीं