महत्वपूर्ण लेख विविधा आपरेशन बटाला हाउस के शहीद इन्स्पेक्टर मोहनचन्द शर्मा February 23, 2012 / February 27, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 5 Comments on आपरेशन बटाला हाउस के शहीद इन्स्पेक्टर मोहनचन्द शर्मा कलम आज उनकी जय बोल विपिन किशोर सिन्हा १९ सितंबर, २००८ को सवेरे दिल्ली पुलिस को यह खुफिया जानकारी मिली कि नई दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र की चार मंजिली इमारत बटाला हाउस में पांच खूंखार आतंकवादी भविष्य के वारदात की योजना बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस के इन्सपेक्टर मोहनचन्द शर्मा ने अविलंब कार्यवाही का […] Read more » mohanchand sharma
विविधा कालाधन : यथा राजा तथा प्रजा February 22, 2012 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on कालाधन : यथा राजा तथा प्रजा प्रमोद भार्गव चाणक्य ने कहा था, किसी भी देश में न्यूनतम र्इमानदार और न्यूनतम ही बेर्इमान होते हैं किंतु जब बेर्इमानों पर नकेल कसने में शासन-प्रशासन कमजोर पड़ते हैं अथवा वे खुद बेर्इमान हो जाते हैं तो देश के ज्यादातर लोग बेर्इमानी का अनुसरण करने लग जाते हैं। इसी सच्चार्इ का पर्याय यह लोकोकित है, […] Read more » कालाधन
विविधा युवा हिंदुस्थान का नेतृत्व कैसा हो? February 21, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on युवा हिंदुस्थान का नेतृत्व कैसा हो? दत्तात्रेय होसबळे युवकों के नेतृत्व का विचार करने के पूर्व ‘युवा’ कौन, इसका वेध लेना चाहिए| जिनके नेतृत्व का विचार करने का समय आया है, उन युवकों की संकल्पना ही सही मायने में समझे बिना उनके नेतृत्व का विचार किया गया, तो सारा मंथन ही निष्प्रभ सिद्ध होगा| भारत यह युवकों का देश है, विश्व […] Read more » युवा
विविधा सामाजिक कुरीतियां हैं महिला शिक्षा की दीवार February 18, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment शकिला खालिक मैं अपने खानदान की ऐसी पहली लड़की हूं जिसने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। मैंने अभी अभी स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। मुझे इस बात की खुशी है कि सभी तरह के विरोधों के बावजूद मेरे गरीब माता-पिता उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लगातार उत्साहित करते रहते हैं। मुझे अपने माता-पिता […] Read more » महिला शिक्षा सामाजिक कुरीति
विविधा एक बिहार में शिक्षा के दो रूप February 18, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राजीव कुमार सिंह कभी देश के मानचित्र पर बिहार एक ऐसे राज्य के रूप जाना जाता था जहां विकास नाममात्र की थी। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। बिहार तेजी से तरक्की करता देश का दूसरा राज्य बन चुका है। यहां अर्थव्यवस्थाएं फलफूल रहीं हैं। सड़कों का निर्माण हो रहा है। गांव-गांव तक बिजली पहुंचार्इ […] Read more » बिहार शिक्षा
विविधा जारवा नहीं, हम हैं असभ्य February 18, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on जारवा नहीं, हम हैं असभ्य जुबैर अहमद अंडमान निकोबार स्थित जारवा समुदाय के साथ अमानवीय हरकतों की दास्तां परत दर परत जैसे जैसे खुल रही है, वैसे वैसे स्वंय को सभ्य कहने वाले इंसानों का असली चेहरा उजागर हो रहा है। अब तक तो यही पता था कि जारवा समुदाय की स्त्रियों के अर्धनग्न वीडियो क्लिप कुछ लोगों ने फिल्माए […] Read more » jarwa जारवा
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया राजीव रंजन प्रसाद के उपन्यास “आमचो बस्तर” का विमोचन February 18, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment बस्तर के अतीत और वर्तमान पर आधारित राजीव रंजन प्रसाद के उपन्यास “आमचो बस्तर” का विमोचन १५ फरवरी, २०१२ को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री डा० रमन सिंह ने किया। समारोह की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा० प्रेम जनमेजय ने की तथा कार्यक्रम के विशिष्ठ वक्ता थे […] Read more » amcho bastar आमचो बस्तर
विविधा युवक सामाजिक मूल्यों को स्थापित करें February 7, 2012 / February 9, 2012 by क्षेत्रपाल शर्मा | 2 Comments on युवक सामाजिक मूल्यों को स्थापित करें क्षेत्रपाल शर्मा (वार्ष्णेय महाविद्यालय अलीगढ में सांस्कृतिक कार्यक्रम में 02 फ़रवरी 12 को संबोधन) जहां सुमति वहां संपत्ति नाना, पर पीड़ा अघ…. साथ ही कवि भवानी प्रसाद मिश्र जी की कविता ” बुनी हुई रस्सी ” की निहित भावना को समझाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में उक्त कार्यक्रम में यह रेखांकित किया, कि युवक […] Read more » युवक सामाजिक मूल्यों को स्थापित करें
विविधा सवाल ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की सीमाओं के निर्धारण का? February 6, 2012 / February 6, 2012 by तनवीर जाफरी | 5 Comments on सवाल ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की सीमाओं के निर्धारण का? तनवीर जाफरी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन मनुष्य की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे प्रबल पक्षधर है। होना भी चाहिए। निश्चित रूप से दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात को व्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए। इसकी स्वतंत्रता होनी चाहिए। परंतु ठीक इसके विपरीत आए दिन दुनिया के किसी न किसी कोने से ऐसे समाचार आते […] Read more » अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
विविधा अंडमान-निकोबार के जारवा आदिवासियों को नचाने का मामला February 4, 2012 / February 4, 2012 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on अंडमान-निकोबार के जारवा आदिवासियों को नचाने का मामला आदिवासियों की लाचारी को भुनाने का गुनाह प्रमोद भार्गव जब किसी भी समाज की दशा और दिशा अर्थतंत्र तय करने लगते हैं तो मापदण्ड तय करने के तरीके बदलने लग जाते हैं। यही कारण है हम जिन्हें सभ्य और आधुनिक समाज का हिस्सा मानते हैं, वे लोग प्राकृतिक अवस्था में रह रहे लोगों को इंसान […] Read more » अंडमान-निकोबार जारवा आदिवासियों
विविधा सीमावर्ती गांव की असली तस्वीर February 1, 2012 / February 1, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सीमावर्ती गांव की असली तस्वीर इरफान अहमद लोन भारत को गांव का देश कहा जाता है क्योंकि यहां की अधिकतर आबादी आज भी गांव में ही निवास करती है। प्रकृति की गोद में ही जीवन बसर करती है और प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से जीवन के साधन जुटाती है। शहरों की सुख-सुविधा से दूर इनकी जिंदगी कितनी कठिनार्इयों से गुजरती […] Read more » जम्मू- कश्मीर सीमावर्ती गांव
विविधा अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार February 1, 2012 / February 1, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 11 Comments on अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार प्रो. हरिओम दुनिया ने लेखक सलमान रुश्दी की सराहना की है, जो मुम्बई के रहने वाले हैं और उन्हें एनआरआई पासपोर्ट मिला हुआ है। पहले कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार और बाद में राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने उनके भारत दौरे पर प्रतिबंध लगाया ताकि वह जयपुर साहित्यिक सम्मेलन (जेएलएफ) में भाग न ले सकें। इसके बाद […] Read more » सलमान रुश्दी