विविधा ऑटोनॉमी अर्थात् भारत का पुन: विभाजन November 27, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on ऑटोनॉमी अर्थात् भारत का पुन: विभाजन -इन्द्रेश कुमार आज जम्मू-कश्मीर की धरती एवं जनता का सौदा हो रहा है। बंदूक उठाए आतंकवादी दल व उनके नेताओं की मांग है आजादी। देश के तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेता व भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरसिंह राव कहते थे, नहीं भाई आजादी नहीं देंगे परंतु आजादी से कुछ कम दे सकते हैं। देश के प्रधानमंत्री […] Read more » Jammu Kashmir ऑटोनॉमी जम्मू- कश्मीर स्वायत्तता
विविधा बादशाह खुश होगा तो ईनाम तो देगा ही November 27, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 7 Comments on बादशाह खुश होगा तो ईनाम तो देगा ही -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री रामजन्मभूमि पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय आ जाने के उपरान्त देश ने शन्ति की सांस ली लेकिन मार्क्सवादी प्राध्यापकों और अलीगढ़ स्कूल के प्राध्यापकों ,जिन्होंने पिछले कुछ अर्सें से अपने आपको स्वयं ही ख्यातिप्राप्त इतिहासकार लिखना शुरु कर दिया है , के खेमे में जबरदस्त खलबली मच गयी है। मार्क्सवादियों […] Read more » Prize ईनाम
विविधा कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन तथा राष्ट्रवादी प्रयत्न November 27, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन तथा राष्ट्रवादी प्रयत्न – इंद्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज से 50 वर्ष पूर्व अस्थायी धारा – 370 को संविधान से समाप्त कर कश्मीर घाटी में जनसंख्या का संतुलन स्थापित कर अलगाववादी व पाकिस्तानी षड़्यंत्रों का मूंहतोड़ जवाब देते हुए हिंदुस्तानपरस्त ताकतों को सशक्त करने का उपाय सुझाया था। परंतु कांग्रेस सदैव कट्टरतावाद के सामने झुकती रही […] Read more » Separatism अलगाववाद
विविधा क्या अलगाववादी भारत सरकार के समर्थन से काम कर रहे हैं November 27, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on क्या अलगाववादी भारत सरकार के समर्थन से काम कर रहे हैं -डॉ. सुरेन्द्र जैन पहले तो लगता था कि भारत में अलगाववादी आन्दोलन केन्द्रीय सरकार की लापरवाही के कारण चलते हैं परन्तु दिल्ली में आयोजित अलगाववादियों के सम्मेलन से अब यह स्पष्ट हो गया है कि समस्त अलगाववादी आंदोलन केन्द्रीय सरकार की शह पर ही चलते है। भारत सरकार की नाक के ठीक नीचे, नई दिल्ली […] Read more » Separatism अलगाववाद
विविधा रिश्वतखोरी तथा भ्रष्टाचार का पर्याय बनती भारतीय राजनीति November 26, 2010 / December 19, 2011 by तनवीर जाफरी | 4 Comments on रिश्वतखोरी तथा भ्रष्टाचार का पर्याय बनती भारतीय राजनीति -तनवीर जाफ़री हमारे देश में विशेषकर राजनैतिक व प्रशासनिक हल्कों में रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार हरामंखोरी तथा अपराधीकरण जैसी विसंगतियां कोई नई बात नहीं हैं। देश की स्वतंत्रता के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से ही सरकारी खरीद में घोटालों की खबरें आनी शुरु हो गई थीं। स्वतंत्रता के 63 वर्ष बीत जाने […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
विविधा धर्मक्षेत्रे भारतक्षेत्रे ………… November 23, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on धर्मक्षेत्रे भारतक्षेत्रे ………… -जयप्रकाश सिंह गीता का प्रथम श्लोक ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’ भारतीय मनीषा को उत्कृष्टतम अभिव्यक्ति देने वाले ग्रंथ की शुरुआत मात्र नहीं है, यह व्यवस्था की एक एक विशेष स्थिति की तरफ संकेत भी करता है। एक ऐसी जब सत्य और असत्य के बीच आमना -सामना अवश्यंभावी बन जाता है। इस स्थिति में पूरी व्यवस्था व्यापक बदलाव […] Read more » Religion धर्म
विविधा हेल्थ योगी बाबा रामदेव की राजनैतिक यात्रा November 22, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on हेल्थ योगी बाबा रामदेव की राजनैतिक यात्रा -हरीशंकर साही बाबा रामदेव ने योग की शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने का कभी प्रण किया था। उनके प्रण के पीछे ध्येय था कि वह भारत के लोगों को रोग मुक्त कराना चाहते हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वह एक ब्रह्मचारी संत है। ब्रह्मचारी संत आमतौर पर उन लोगो के लिए प्रयुक्त […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
विविधा अब तो धर्मयुध्द का शंखनाद हो चुका हैः बाबा रामदेव November 22, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on अब तो धर्मयुध्द का शंखनाद हो चुका हैः बाबा रामदेव बाबा रामदेव ने जब से राजनैतिक शुध्दिकरण अभियान का शंखनाद किया है एक राष्ट्रव्यापी बहस शुरू हो गई है। यह एक शुभ लक्षण है, प्रश्न से समाधन अथवा तर्क से निर्णय तक पहुँचने का। विगत 18 से 20 वर्ष के सामाजिक जीवन में श्रध्देय स्वामीजी महाराज ने लगभग 3 करोड़ लोगों को योग एवं राष्ट्रप्रेम […] Read more » Baba Ramdev धर्मयुध्द का शंखनाद बाबा रामदेव
विविधा हास्य-व्यंग्य/दोस्त है तो दुश्मन की जरूरत क्या है November 21, 2010 / December 19, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | 1 Comment on हास्य-व्यंग्य/दोस्त है तो दुश्मन की जरूरत क्या है -पंडित सुरेश नीरव कल सुबह-सुबह विद्रोहीजी आ धमके। बहुत गुस्से में थे। वह किसी व्यक्ति विशेष से गुस्सा नहीं थे। पूरे देश से वे गुस्सा थे। इतना अखिल भारतीय गुस्सा देखना तो दूर मैंने कभी सुना तक नहीं था। ये तो गनीमत है कि मेरे शाक-एब्जोर्बर्स इतने हाईक्वालिटी के हैं कि मैं उनके इस हाईवोल्टेज […] Read more » friends.foes दुश्मनी दोस्ती
विविधा यह कैसा न्याय? अपराध सिद्ध फिर भी सजा नहीं! November 21, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 2 Comments on यह कैसा न्याय? अपराध सिद्ध फिर भी सजा नहीं! इस बात को कोई साधारण पढालिखा या साधारण सी समझ रखने वाला व्यक्ति भी समझता है कि देश के खजाने को नुकसान पहुँचाने वाला व्यक्ति देशद्रोही से कम अपराधी नहीं हो सकता और उसके विरुद्ध कानून में किसी भी प्रकार के रहम की व्यवस्था नहीं होनी चाहिये, लेकिन जिन्दगीभर भ्रष्टाचार के जरिये करोडों का धन […] Read more » culprit punishment भ्रष्टाचार
विविधा व्यर्थ ही बीत गया जैव –विविधता वर्ष November 19, 2010 / December 19, 2011 by पंकज चतुर्वेदी | 2 Comments on व्यर्थ ही बीत गया जैव –विविधता वर्ष –पंकज चतुर्वेदी संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष २०१० को जैव –विविधता वर्ष घोषित किया है। ऐसा इस लिए की विश्व भर में जैव –विविधता गहरे संकट में है और इसे भी संरक्षण की जरुरत है। आदम सभ्यता ने अपने ऐश –आराम और सुख सुविधाओं के लिए सब को नजरअंदाज कर प्रकृति और पर्यावरण को बुरी […] Read more » Biodiversity जैव विविधता
विविधा १४ नवंबर, संकल्प दिवस पर विशेष : चीन से भारत भूमि छुडाने का संकल्प November 13, 2010 / December 20, 2011 by समन्वय नंद | 7 Comments on १४ नवंबर, संकल्प दिवस पर विशेष : चीन से भारत भूमि छुडाने का संकल्प १४ नवंबर की महत्ता दो कारणों से है । पहला इसे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की जन्मतिथि के रुप में मनाया जाता है । दुसरी महत्ता इसलिए है कि भारत की संसद ने अब तक के सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों से एक प्रस्ताव इसी दिन पारित किया था । साम्राज्यवादी चीन ने तिब्बत […] Read more » India चीन भारत