विविधा भ्रष्टाचार की भागवत का अंतिम अध्याय December 11, 2010 / December 19, 2011 by अनिल त्यागी | 3 Comments on भ्रष्टाचार की भागवत का अंतिम अध्याय अनिल त्यागी ऐसे समय में जब ट्रासपेरेंसी इन्टरनेशनल के कर्ताधर्ताओं ने भारत को भ्रष्टतम देशों की जमात में सबसे ऊपर रखा है। आम भारतीय का सिर शर्म से झुक रहा है। उ.प्र. में पुराने खाद्यान्न घोटाले का जिन्न फिर बोतल से बाहर निकल पडा है। इस घोटाले का अभी यह निश्चित अनुमान लगाने में ही […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
विविधा मदर टेरेसा-नोबेल शांति पुरस्कारों के विवादों में! December 11, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on मदर टेरेसा-नोबेल शांति पुरस्कारों के विवादों में! हरिकृष्ण निगम कुछ दिनों पहले उन विवादित एवं सर्वत्र चर्चित प्रतिभाओं को जिन्हें पिछले दशकों में स्वीडिश अकादमी ने नोबेल शांति पुरस्कार दिया था जिन्हें एक अमेरिकी सर्वेक्षण में इसके योग्य नहीं माना गया था उनमें एक नाम भारत की परिचित एवं संत की त्याग और करूणा की छवि वाली अल्बानियाई मूल की मदर टेरेसा […] Read more » Mother Teresa मदर टेरेसा
विविधा भ्रष्टाचार : हम किसी से कम नहीं… December 10, 2010 / December 19, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | 2 Comments on भ्रष्टाचार : हम किसी से कम नहीं… फ़िरदौस ख़ान पिछले काफ़ी अरसे से देश की जनता भ्रष्टाचार से जूझ रही है और भ्रष्टाचारी मज़े कर रहे हैं. पंचायतों से लेकर संसद तक भ्रष्टाचार का बोलबाला है. सरकारी दफ़्तरों के चपरासी से लेकर आला अधिकारी तक बिना रिश्वत के सीधे मुंह बात तक नहीं करते. संसद के अन्दर भ्रष्टाचार को लेकर हौ-हल्ला होता […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
विविधा जनता के पैसे के दुरूपयोग पर चुप्पी, क्यों..? December 10, 2010 / December 19, 2011 by नन्दलाल शर्मा | Leave a Comment -नन्दलाल शर्मा हालियॉ रिलीज फिल्म ‘नाँकआउट’ का एक चरित्र कहता है। ‘ क्या तुम्हें पता है कि हजार रुपए का नोट ‘ गुलाबी क्यों होता हैं’। क्यों कि वह देश की जनता के खून से रंगा होता है। लेकिन शायद कांग्रेसियों को इस बात का इल्म नहीं हैं कि उनके पालतू पैसाखोरों ने जिस पैसों […] Read more » Corruption कांग्रेस भ्रष्टाचार सोनिया गांधी
विविधा वाराणसी में विस्फोट: आस्था और विश्वास पर हमला December 10, 2010 / December 19, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे आस्था के केंद्र वाराणसी में मंगलवार को हुए बम हादसे ने कुछ दिनों की खामोशी को तोड़ दिया है। बनारस में जो कुछ भी हुआ वह इस बात को रेखांकित करने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है कि रियाया की सुरक्षा के लिए केंद्र और राज्यों की सरकारें कितनी संजीदा हैं। 24 […] Read more » Varanasi वाराणसी में विस्फोट
विविधा साम्यवाद एवं पूंजीवाद का विकल्प है एकात्म मानवतावाद December 10, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on साम्यवाद एवं पूंजीवाद का विकल्प है एकात्म मानवतावाद -राजीव मिश्र स्वतंत्रता के उपरांत के अपने आर्थिक इतिहास के खतरनाक दौर में हम पहूंच गए हैं जबकि सारी व्यवस्था ही टूटती हुई दिखायी पड़ रही है। आज भारत एवं संपूर्ण विश्व एक चौराहे पर किंकर्तव्यविमूढ़ सा खड़ा है उसे मार्ग नहीं दिख रहा है। उसके सामने यह यक्ष प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि वास्तविक […] Read more » communism एकात्म मानववाद पूंजीवाद साम्यवाद
विविधा उल्लासधर्मा है भारत का मन December 10, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हृदयनारायण दीक्षित भारत का मन उल्लासधर्मा है। व्यक्ति की तरह राष्ट्र का भी अंतर्मन होता है। भारत का मन हजारों वर्ष प्राचीन संस्कृति के अविरल प्रवाह का सुफल है। संस्कृति के निर्माण में वेद, उपनिषद्, पुराण, महाकाव्य और सतत् जिज्ञासा वाले वैज्ञानिक दृष्टिकोण की खास भूमिका है। वेदों में भरा पूरा समाज है। ‘ऋग्वेद’ विश्व […] Read more » India भारत
विविधा भारतीय चिंतन में रसानुभूति December 10, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on भारतीय चिंतन में रसानुभूति हृदयनारायण दीक्षित मनुष्य आनंद अभीप्सु है। भक्तों के अनुसार प्रभु का भजन ही आनंद का स्रोत है। भक्त मुक्ति या मोक्ष नहीं मांगते। प्रभु प्रीति में ही आनंद सागर देखते हैं। महात्मा बुध्द संसार को दुखमय देखते थे। उन्होंने दुखों का कारण ‘अविद्या’ बताया और विद्या को मुक्ति का उपाय। मुक्ति ही आनंद है। बाकी […] Read more » Indian रसानुभूति
विविधा स्वार्थ अप्रतिम, मूल्यवान, अनिन्दनीय December 10, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हृदयनारायण दीक्षित अपना सुख सबकी कामना है। अपनों का सुख इसी अपने का हिस्सा है। तुलसीदास की आत्मानुभूति प्रगाढ़ थी। उन्होंने इसी अपनेपन के लिए एक प्रीतिकर शब्द दिया-‘स्वान्तः सुखाय’। रामकथा उन्होंने ‘स्वान्तः सुखाय’ ही गायी। सभी प्राणी अपने सुख के लिए ही कर्म करते हैं। दूसरों के सुख की बात करने वाले राजनीति करते […] Read more » Precious मूल्यवान
विविधा खुलेआम भ्रष्टाचार… मौन तोड़ो! December 9, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on खुलेआम भ्रष्टाचार… मौन तोड़ो! -सुनील अम्बेकर एक बालक ने बड़ी उत्सुकता से किसी से पूछा- ‘यह 2जी क्या होता है?’ उसने भी सारी तकनीकी जानकारी तथा इससे होने वाले फायदे गिनाने शुरू किये। तभी बालक ने कहा- ‘मैंने तो सुना है कि यह पैसे कमाने की कोई नयी तकनीक आयी है जिसमें राजा नाम का कोई व्यक्ति काफी कुशल […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार यूपीए
विविधा कब तक सहता रहेगा भारत अपनी अस्मिता पर होते ये वार? December 9, 2010 / December 19, 2011 by नरेश भारतीय | 6 Comments on कब तक सहता रहेगा भारत अपनी अस्मिता पर होते ये वार? -नरेश भारतीय वाराणसी के शीतला घाट पर ७ दिसम्बर २०१० को आरती के समय हुए आतंकवादी हमले के समाचार ने पुनरपि इस तथ्य को उजागर किया है कि वर्तमान छद्म पंथनिरपेक्षता की छत्रछाया में भारत की मूल धार्मिक उदारवादिता सुरक्षित नहीं है. इसलिए, क्योंकि यह कथित पंथनिरपेक्षता राजनीति प्रेरित होने के कारण प्राय: समूचे समाज […] Read more » Varanasi Blast वाराणसी बम विस्फोट
विविधा व्यवसाय बन चुकी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद December 9, 2010 / December 19, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on व्यवसाय बन चुकी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद -लिमटी खरे पालकों और विद्यार्थियों को आकर्षित करने की गरज से निजी शालाओं के संचालकों की यही तमन्ना होती है कि वे किसी भी तरह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की संबद्धता (एफीलेशन) प्राप्त कर लें। ‘साम, दाम, दण्ड और भेद‘ की नीति अपनाकर निजी शालाओं के संचालक अपनी जुगत में कामयाब भी हो जाते […] Read more » Profession केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड