महिला-जगत लिंग आधारित बजट महिला सशक्तिकरण December 23, 2014 by डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी | 1 Comment on लिंग आधारित बजट महिला सशक्तिकरण लिंग आधारित बजट महिला सशक्तिकरण का साधन के रूप में डॉ. रमेश प्रसाद द्विवेदी प्रस्तावना: किसी भी समाज के निर्माण एवं विकास में महिला और पुरूष दोंनों की परस्पर सहभागिता व साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। महिला व पुरूष को समाज रूपी गाड़ी के दो पहिए के समान माना गया है। अतः समाज के विकास एवं निर्माण […] Read more » women empowerment महिला सशक्तिकरण लिंग आधारित बजट
कविता महिला-जगत जल गया जीवन सारा December 21, 2014 by वैदिका गुप्ता | 2 Comments on जल गया जीवन सारा तेजाब के हमले में घायल एक लड़की के दिल से निकली कुछ पंक्तियाँ ——————————- चलो, फेक दिया सो फेक दिया अब कसूर भी बता दो मेरा तुम्हारा इजहार था मेरा इंकार था बस इतनी सी बात पर फुख दिया तुमने चेहरा मेरा । गलती शायद मेरी थी प्यार तुम्हारा देख न सकी इतना पाक प्यार […] Read more » जल गया जीवन सारा
कविता महिला-जगत खूँटी पर टंगी ज़िन्दगी December 19, 2014 / December 19, 2014 by रामानुज मिश्र | Leave a Comment टांग दी जाती हैं ज़िन्दगियाँ खूटियों पर जो गड़ी हैं भीतर तक भीत पर। मुँह अंधेरे ही निकाल ली जाती हैं इनके भीतर की मशीनें और लगा दी जाती हैं बर्तन मांजने, झाड़ू पोछा घर आँगन, सहन लीपने-पोतने में। मशीनें न आवाज करती हैं न हँसती हैं न ही मुस्कराती हैं चलता रहता है […] Read more » खूँटी पर ज़िन्दगी
महिला-जगत नाक में नथ November 24, 2014 / November 24, 2014 by डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री | Leave a Comment भारतीय स्त्रियों का के प्रति प्रेम जगप्रसिद्ध है। यों तो भारतीय पुरुष भी इस मामले में पीछे नहीं रहे हैं, पर ‘ प्रसिद्धि ‘ स्त्रियों को ही मिली है। वे सिर से लेकर पैर तक तरह – तरह के सौंदर्य प्रसाधनों और आभूषणों का प्रयोग करती हैं। यह माना जाता है कि इससे उनकी सुंदरता […] Read more » Indian women's cosmetics Indian women's love for cosmetics and jewelery nose pin नाक में नथ भारतीय स्त्रियों का सौंदर्य प्रसाधन सौंदर्य प्रसाधनों एवं आभूषणों
महिला-जगत महिला आरक्षण पर भाजपा की नीयत November 22, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी वक्त बदलता है तो परिस्थितियां कैसे बदलती हैं, इसका अंदाजा कम-ज्यादा सभी को रहता ही है। लेकिन ऐसा बहुत कम होता है कि होने वाले बदलाव एकदम व्यापक पैमाने पर देखने को मिल जायें। देश में सोलहवीं लोकसभा में व्यापक जन समर्थन के साथ सरकार बनाने में भाजपा के सफल होने के […] Read more » Women Reservation महिला आरक्षण
महिला-जगत सीजर अधिक क्यों ? September 23, 2014 by डा. कौशल किशोर श्रीवास्तव | Leave a Comment डा. कौशल किशोर श्रीवास्तव एक आम आदमी की धारण है कि सामान्य प्रसव से सीजर बहुत अधिक होते है। उनके अनुसार महिला चिकित्सक रूपयों (पैसे तो बंद ही हो गये) के लालच में ऐसा करते है। दूसरा तर्क वे ये देते है कि रात खरबा न हो इसलिये महिला चिकित्सक ऐसा कर देती हैं […] Read more » सीजर अधिक क्यों ?
महिला-जगत नारी का सम्मान July 14, 2014 / July 14, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -दीपक तिवारी- ‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमंते देवता:” अर्थात् जहां नारी की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास होता है। कहने को तो यह भारतीय संस्कृति की एक प्रगाढ़ मान्यता है, लेकिन वर्तमान समय में संस्कृत के इस श्लोक का चरितार्थ होता नहीं दिख रहा है। वरन् ठीक इसके विपरित आज भारतीय समाज में […] Read more » नारी नारी का सम्मान महिला सम्मान
महिला-जगत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : कितनी बदली है महिलाओं की जिन्दगी March 8, 2014 / March 8, 2014 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम 08 मार्च को हम महिला सशक्तीकरण के 40 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे. 1975 का वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष के रूप में मनाया गया था. 39 साल पहले की तारीखों में दर्ज चुनौतियां कहीं गहरी हुई हैं. विकास और प्रगति के तमाम दावों के बावजूद देश की आधी आबादी अपने हालातों से जद्दोजहद […] Read more » international women's day अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
महिला-जगत समाज महिला सशक्तिकरण, शुरुवात परिवार से हो- March 7, 2014 by अरुण कान्त शुक्ला | 4 Comments on महिला सशक्तिकरण, शुरुवात परिवार से हो- आज से 104 वर्ष पहले जब क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आव्हान किया था तो उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि कुछ ही दशकों में पूंजीवादी बाजार इस दिन पर भी अपना कब्जा कर लेगा और दुनिया की तमाम देशों की सरकारें और बाजार की निहित स्वार्थी […] Read more » महिला सशक्तिकरण
महिला-जगत हर औरत से घबराने का क्या मतलब है? December 22, 2013 / December 22, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on हर औरत से घबराने का क्या मतलब है? इक़बाल हिंदुस्तानी 0फारूक अब्दुल्ला और नरेश अग्रवाल अपने गिरेबान में भी झांके! केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला और सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि अधिकारी और नेता औरतों को सचिव रखने में भी डरने लगे हैं। उनका यह भी कहना था कि औरतों की तरफ से अगर इसी तरह से मर्दों पर यौन उत्पीड़ने […] Read more »
महिला-जगत विश्ववार्ता डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से………? December 2, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी 0विचार की ताक़त के सामने बड़े बड़े हथियार बौने पड़ जाते हैं! पाकिस्तान में आजकल लाल रॉकबैंड का यह गाना बड़ा लोकप्रिय हो रहा है- डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से……. बिना नाम लिये लोग जानते हैं कि बंदूकों वाले पाक के तालिबान हैं और निहत्थी लड़की मलाला है। हालांकि अभी […] Read more »
महिला-जगत मीडिया तरूण तेजपाल जैसे लोग महिलाओं की प्रगति में बाधा हैं! December 2, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on तरूण तेजपाल जैसे लोग महिलाओं की प्रगति में बाधा हैं! इक़बाल हिंदुस्तानी 0दूसरों से नैतिकता चाहने वाले खुद इतनी नीचता पर क्यों हैं? तरूण तेजपाल ने तहलका डॉटकॉम में अपने अधीन काम करने वाली एक जूनियर पत्रकार को अपनी हवस का शिकार बनाकर यह साबित कर दिया है कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं। अपने अपराध को भूल या […] Read more »