महिला-जगत 775 साल का लेडी पावर May 14, 2011 / December 13, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे आजादी के पहले महिलाओं को कमतर ही आंका जाता रहा है। महिलाओं को चूल्हा चैका संभालने और बच्चे पैदा करने की मशीन ही समझते थे सभ्य समाज में पुरूष वर्ग के लोग। अस्सी के दशक के उपरांत यह मिथक शनैः शनैः टूटने लगा। लोग मानते थे कि महिलाओं को अगर घर की दहलीज […] Read more » Woman नारीशक्ति महिला
महिला-जगत महज कानून बनाने से नहीं रूकने वाला महिला उत्पीड़न May 5, 2011 / December 13, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे पुरानी कहावत है -‘‘. . ., गंवार, पशु और नारी, ये सब हैं ताड़न के अधिकारी।‘‘ इसमें नारी को शामिल किया गया है। एक तरफ तो नारी को माता का दर्जा देकर सबसे उपर रखा गया है, वहीं दूसरी ओर नारी को ही प्रताड़ना का अधिकारी बताया जाना कहां तक न्यायसंगत है। नारी […] Read more » Woman Torture महिला उत्पीड़न
महिला-जगत पुरूष ही नहीं महिलाएं भी होती हैं दबंग : मध्यप्रदेश की एक मात्र जेल अधिक्षक सुश्री शैफाली तिवारी March 8, 2011 / December 15, 2011 by रामकिशोर पंवार | Leave a Comment अकसर महिलाओं को लेकर तमाम सवाल उठते रहे हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार का होना कोई नई बात नहीं हैं। पुरूष प्रधान समाज में जहां पर नारी को पैरो की जूती समझा जाता रहा हैं। उस पुरूष समाज में पहली बार किसी महिला ने अपनी दबंगाई दिखाते हुए उस चुनौती को स्वीकार किया जिसे […] Read more » Bold दबंग
महिला-जगत तुर्कमेन समाज में महिला दिवस के अनुभव – डा.सुधा सिंह March 8, 2011 / December 15, 2011 by रामकिशोर पंवार | 1 Comment on तुर्कमेन समाज में महिला दिवस के अनुभव – डा.सुधा सिंह 8 मार्च 2011 को विश्व महिला दिवस सारी दुनिया में मनाया जाता है। मैं यहां तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अस्काबाद में विश्वभाषा संस्थान में हिन्दी विभाग में प्रोफेसर हूँ, नया विभाग खुला है, मेरी यह दूसरी विदेश यात्रा है,पांच महिने गुजर चुके हैं यहां पर। महिला दिवस पर इस देश का माहौल देखकर आश्चर्य हो रहा […] Read more » Women's Day महिला दिवस
महिला-जगत जन्मी और अजन्मी कन्याओं की रक्षा कैसे हो ? February 17, 2011 / December 15, 2011 by सतीश सिंह | 2 Comments on जन्मी और अजन्मी कन्याओं की रक्षा कैसे हो ? सतीश सिंह कभी लब्धप्रतिष्ठ कवि तुलसीदास ने ’नारी को तारण का अधिकारी’ माना था। 21वीं सदी में भी हमारे विचार तुलसीदास से इतर नहीं हैं। आज भी हमारे समाज में अजन्मी और जन्मी कन्याओं की हत्या धड़ल्ले से बेरोक-टोक जारी है। पर हमारा समाज इस कत्लेआम को रोकने के बजाए उसे सही साबित करने पर […] Read more » Female feticide भ्रूण हत्या
धर्म-अध्यात्म महिला-जगत ईसाई धर्म और नारी मुक्ति February 1, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 6 Comments on ईसाई धर्म और नारी मुक्ति प्रो. कुसुमलता केडिया क्रिश्चिएनिटी की जिन मान्यताओं के विरोध में यूरोपीय नारी मुक्ति आंदोलन वीरतापूर्वक खड़ा हुआ, वे मान्यताएं हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म तथा विश्व के सभी धर्मों में कभी थी ही नहीं। यहां तक कि यहूदी धर्म और इस्लाम में भी ये मान्यताएं कभी भी नहीं थीं। भले ही स्त्रियों पर अनेक प्रतिबंध इस्लाम […] Read more » christanity Women's liberation ईसाई धर्म नारी मुक्ति
महिला-जगत आज के युग में पति द्वारा औरत को पीटना क्या जायज है? January 19, 2011 / December 16, 2011 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment एल.आर.गान्धी भारतीय राजनयिक अधिकारी अनिल वर्मा ने अपनी पत्नी को क्या पीट दिया ‘सारे सभ्य समाज में बवाल मच गया. भारत ने भी अपने अधिकारी को वापिस बुला लिया और उसके खिलाफ सख्त कारर्वाही की जाएगी? इसी बीच वर्मा की पत्नी प्रोमिता ने अपने और पांच वर्षीय बेटे के लिए लन्दन में शरण देने की […] Read more » Woman औरत पत्नी महिला
महिला-जगत पर आखिर पुरूष हैं कहां December 30, 2010 / December 18, 2011 by राखी रघुवंशी | Leave a Comment राखी रघुवंशी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से महिलाओं पर हिंसा पुरूषों की सुविधाओं को बरकरार रखने का असरदार हथियार है। हमने यह देखा है कि महज़ हिंसा की धमकी औरतों को चुप्पी साधने या फिर सब बातों को मानने के लिए बाध्य कर देती है। और फिर हिंसा का शिकार हुई औरत इस हिंसा का […] Read more » Woman Torture महिलाओं पर हिंसा
महिला-जगत मित्रता का स्त्रीवादी मर्म December 6, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment -विजया सिंह समस्त मानवीय संबंधों में मित्रता सबसे महत् संबंध है। यह साथ, साहचर्य, सहयोग, पारस्परिकता एवं स्वतंत्रता पर आधारित विशुध्द रूप से सकारात्मक संबंध है। जीवन की अनेकानेक पूर्णताओं के बावजूद मित्रहीन जीवन स्वीकार्य नहीं होता। स्वतंत्रता का विवेक, निजी व अन्य की अस्मिता का सहज, स्वाभाविक स्वीकार मित्रता के स्वरूप को प्रगाढ़ बनाते […] Read more » Friends मित्रता
महिला-जगत के बी सी से एक करोड़ की ‘राहत तसलीम’ किया जाना November 26, 2010 / December 19, 2011 by निर्मल रानी | 1 Comment on के बी सी से एक करोड़ की ‘राहत तसलीम’ किया जाना -निर्मल रानी भारत में समय समय पर कराए जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण प्राय:हमें यह आंकड़े देते हैं कि हमारे देश का मुस्लिम समाज अन्य समुदायों की तुलना में अधिक अशिक्षित है। विशेषकर मुस्लिम समाज की महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में चाहते हुए भी उतनी शिक्षा ग्रहण नहीं कर पातीं जितनी कि अन्य समुदायों […] Read more » Muslim मुसलमान राहत तसलीम
महिला-जगत मायके गई पत्नी को लिखा गया भैरंट लेटर November 6, 2010 / December 20, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on मायके गई पत्नी को लिखा गया भैरंट लेटर लेखक अनुज खरे प्रिय पत्नी जी, सादर प्रणाम। सादर प्रणाम इसलिए कि आपकी दिशा में किए गए मेरे सारे काम सादर एवं साष्टांग अवस्था में ही होते हैं। उपरोक्त तथ्य आपको पता ही है, लेकिन मेरे लिए आश्चर्य दूसरों के लिए सत्य कि यह तथ्य सर्वविदित है। आगे समाचार यह कि तुम्हारे बिना घर सूना-सूना […] Read more » Wife पत्नी
महिला-जगत क्या औरत को माँ बनने के लिए प्रोत्साहन की ज़रूरत है? October 21, 2010 / December 20, 2011 by सुधा सिंह | 5 Comments on क्या औरत को माँ बनने के लिए प्रोत्साहन की ज़रूरत है? -सुधा सिंह यूरोपीय समुदाय स्त्रियों के लिए मातृत्व के अवकाश को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यूरोप में अभी चौदह हफ्ते का मातृत्व अवकाश स्त्रियों को मिला हुआ है। इसे बढ़ाकर इक्कीस हफ्ते करने पर यूरोपीय संसद विचार कर रही है। क्या इसे स्त्री आंदोलनों की सफलता माना जाए? या फिर स्त्री आंदोलनों के […] Read more » Ma माँ