गज़ल-मैंने देखा खून आज

life

(राघवेन्द्र कुमार “राघव”)

मैंने देखा खून आज , राह में गिरा हुआ ।

पूछा खून किसका है, कोई तो बताइए ।

क्या हुआ जो आप सब, क्रोध में उबल रहे ।

व्यर्थ ही सामर्थ्य आप, ऐसे ना जलाइए ।

खून कौन हिन्दू है, कौन खून मुसलमान ।

सिखों का है खून कौन आइए बताइए ।

जाति – पांति भेद भाव, सियासती उसूल हैं ।

नफरतों के बीज यूं, न घर – घर गिराइए ।

मैंने देखा खून आज, राह में गिरा हुआ ।

पूछा खून किसका है, कोई तो बताइए ।।

 

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