लेखक परिचय

विपिन किशोर सिन्हा

विपिन किशोर सिन्हा

जन्मस्थान - ग्राम-बाल बंगरा, पो.-महाराज गंज, जिला-सिवान,बिहार. वर्तमान पता - लेन नं. ८सी, प्लाट नं. ७८, महामनापुरी, वाराणसी. शिक्षा - बी.टेक इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय. व्यवसाय - अधिशासी अभियन्ता, उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि., वाराणसी. साहित्यिक कृतियां - कहो कौन्तेय, शेष कथित रामकथा, स्मृति, क्या खोया क्या पाया (सभी उपन्यास), फ़ैसला (कहानी संग्रह), राम ने सीता परित्याग कभी किया ही नहीं (शोध पत्र), संदर्भ, अमराई एवं अभिव्यक्ति (कविता संग्रह)

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बुरा न मानें होली है —

एक ठे स्पेसल फगुआ

केकरा संग खेलहूं फाग
इटली दूर बसत है
इटली दूर बसत है
केकरा संग खेलहूं फाग
कि नैहर दूर बसत है।

परणव से मोहे लाज लगत है
मोदिया के मन बेईमान
नैहर दूर बसत है
केकरा संग खेलहूं फाग
नैहर दूर बसत है।

दिग्गी मगन अमरिता के संगवा
सिंघवी हउवे बउराह
नैहर दूर बसत है
केकरा संग खेलहूं फाग
नैहर दूर बसत है।

3 Responses to “केकरा संग खेलहूं फाग”

  1. ​शिवेंद्र मोहन सिंह

    हा हा हा हा हा हा जबरदस्त

    Reply
  2. डॉ. मधुसूदन

    डॉ. मधुसूदन

    बहुत सुन्दर विपिन किशोर जी।

    Reply
  3. बी एन गोयल

    बी एन गोयल

    अरे भैय्या इस बार अचरज हुई गया – खूबही जम के होली खेली

    Reply

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