लेखक परिचय

जयराम 'विप्लव'

जयराम 'विप्लव'

स्वतंत्र उड़ने की चाह, परिवर्तन जीवन का सार, आत्मविश्वास से जीत.... पत्रकारिता पेशा नहीं धर्म है जिनका. यहाँ आने का मकसद केवल सच को कहना, सच चाहे कितना कड़वा क्यूँ न हो ? फिलवक्त, अध्ययन, लेखन और आन्दोलन का कार्य कर रहे हैं ......... http://www.janokti.com/

Posted On by &filed under प्रवक्ता न्यूज़, विधि-कानून.


new delhi . BASPA पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी तथा पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हाथी’ की मूर्तियां लगवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने बसपा प्रमुख मायावती को नोटिस भेजा है। आयोग ने मूर्तियों के रूप में अपनी तथा चुनाव चिह्न ‘हाथी’ पर खर्च हो रही धनराशि के साथ-साथ चुनाव चिह्न के दुरूपयोग पर नोटिस भेजकर 12 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा है। रविकांत और सुकुमार ने 15 जुलाई को निर्वाचन आयोग को दी अपनी याचिका में कहा है कि बसपा प्रमुख ने पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हाथी’ की मूर्तियां लगवाकर आदर्श चुनाव संहिता का उल्लंघन किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि मायावती अपनी तथा चुनाव चिह्न ‘हाथी’ की जिस तरह से मूर्तियां लगवा रही हैं उससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हो रहा है। याचिका में मायावती को चुनाव लड़ने से रोकने तथा चुनाव चिह्न के दुरूपयोग के चलते बसपा के चुनाव चिह्न को जब्त किए जाने की मांग की गई है। इस याचिका के साथ-साथ निर्वाचन आयोग को दो और याचिकाएं स्वयंसेवी संस्था ‘राष्ट्र निर्माण’ के अतुल कुमार सिंह की आ॓र से 18 जून को तथा ‘कॉमनकाज’ के निदेशक कमलकांत जायसवाल की आ॓र से 25 जून को मिली थी।

4 Responses to “हाथी की मूर्तियों पर बसपा को नोटिस”

  1. Ravindra Nath Yadav,

    yehi hum sab Bhartiyon ki ‘niyati’ hai ki hamare shashakon (Rulers) ne hi ‘jiwit murtiyon’ ya yun kahe Bhagwan ki jeewit rachana ki ghor upeksha kar kabhi un shashkon ne Bhagwan ki murtyan, mandir,masjid ,samadhi, Tajmahal’ ya janwaron ki murtiyan ya smarak bana kar hamara aur hamari sthiyon ka uphaas kiya hai aur Itihas me ‘amar’ hone ki un shashkon ki lipsa hamesha rahi hai.

    Reply
  2. Abhijeet

    बसपा जैसी पार्टीयों से सामाजिक असमानता तो दूर की बात है जातिगत उभार ही लाया जा सकता है।और यह भी स्पष्ट है कि वर्ग विहीन और जातिविहीन समाज के लियेदलितों को एक नया रास्ता तलासना होगा।जो वर्तमान में चल रहे अलोकतांत्रिक लोकतंत्र का रास्ता नहीं होगा।

    Reply
  3. arti tagore

    behenji uttar pradesh me har chorahe par apne nam ka jhanda gadne me lagi hai aur janta ke paiso ka khub durupyog kar rahi hai agar mayawatiji in fizul cheezo ke alawa pradesh ke vikas par aur vyavastha par dhayan de to shsyad aagami chunavo ke behtar nateeje baspa ko milenge.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *