दिलीप कुमार

“एक और बार ” के समवेत स्वर वाला विज्ञापन देश में इस वक्त ये  दिन रात  संचार माध्यमों में आ रहा है ।पान मसाला वाले ये विज्ञापन घुट्टी की तरह ऐसे लोगों को पिला रहे हैं जैसे इमरान खान अपनी जमीं को बहादुर और खुद मुख्तार लोगों की जमीं होने की घुट्टी पिलाते रहते हैं।पाकिस्तान,जहाँ तिरपन लाख गधे रहते हैं।उन गधों के लिये पाकिस्तान की सरकार दिन रात अस्पताल और बाकी सुविधाएं देने में मसरूफ है ।जबकि अवाम को फिलहाल तसल्ली रखने को कहा गया है क्योंकि गधे डॉलर  कमाकर देते हैं,और अवाम बैठ कर खाती है फिर भी नारा लगाती है –     “जीवे जीवे पाकिस्तान”,।।          अवाम का पाकिस्तान के हुक्मरानों के लिये बस यही एक काम रह गया है।पाकिस्तान के  अल्लामा इकबाल ने पाकिस्तान के हुक्मरानों को पहले ही समझा दिया था कि “जम्हूरियत वो तर्जे हुकूमत है कि जिसमें बंदों को गिना नहीं करते ,तोला करते हैं “यानी जिसकी वैल्यू कम हो उससे तुरंत तोल-मोल करो,ना माने तो उसे जेल में डाल दो,”।।                                          इमरान ने ठीक यही किया,देश के दो सबसे बड़े नेताओं आसिफ अली जरदारी और नवाज शरीफ को जेल में डाल दिया ,परवेज मुशर्रफ पहले से ही फरार है और वहीं से इमरान को अंगूठा दिखा रहे हैं कि “मैं तेरे हाथ नहीं आने वाला”।                          पाकिस्तानी भारत के इस “एक और बार “के ऐड से बहुत खौफजदा हैं  और भूले से भी इसे अपने होठों तक नहीं लाते ।क्योंकि अगर कहीं खुदा ने।          “एक और बार”इमरान की  सरकार”की अर्ज मान ली तो एक और बार अगर इमरान खान चुन कर आ गया तो,? फिर तो अवाम कंगाल  होकर पाताल में चली जाएगी।।वैसे एक और बार एड के सबके अपने अपने मायने हैं ,कल बशीर मियां मिल गए ,मैंने इस एड का जिक्र किया तो पान थूकते हुए बोले -“अमां वस्ताद,बात को समझो वो धंधा बढ़ाने को बोल रहे हैं,”।मैंने कहा “समझा नहीं ,क्रिकेट कप की बात हो रही है या धंधे की “।उन्होंने पान मसाला थूकते हुए कहा- “बड़े अहमक हो यार,अरे जब जावेद अख्तर की शायरी आर्थो तेल को चमका सकती है ,तो क्रिकेट भी पान मसाला को चमका चमका सकता है।मोदी जी ने सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास करने की बात कही है सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों की।तो इस विज्ञापन को समझो मियां कि जिस दिन सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी ,सभी के साथ,विश्वास से पान मसाला खाएंगे उस दिन पान मसाला इंडस्ट्री का कितना विकास हो जायेगा, देश का कितना विकास हुआ ये तो बाद की बात है “।बशीर मियां की बात सुनकर मैं हैरान रह गया,मैंने उनसे कहा- “अब समझा ,एक और बार का मतलब”।उन्होंने गर्व से कहा “अभी आधा ही समझे “।”अभी भी कुछ बाकी है क्या इसमें”मुझे फिर से जिज्ञासा हुई।बशीर मियां ने मुंह बनाते हुए कहा “बिल्कुल अक्ल से पप्पू हो क्या यार ,अरे जरा सोचो जब सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी एक और बार इस पान मसाले को खाकर अपनी टीम को वर्ल्ड कप के लीग और बाकी मैचों में जिताने का प्रयास करेंगे तब हमारी टीम को सम्बल मिलेगा ,पान मसाला वाली कम्पनी को तो मिलेगा ही।देश हित में तुम्हें भी पान मसाला खाना और खिलाना चाहिए।यहाँ तक कि रोहिंग्या और अवैध बंगलादेशी भी मिल जाएं तो उनको भी समझाओ कि पान मसाला खरीद कर खाने मे ही उनका और हमारी क्रिकेट टीम का कितना फायदा हो सकता है,इसलिये दो चार पान मसाला तुम्हे रोज खाना चाहिए और दस बीस पान मसाला रोज दूसरों को भी खिलाना चाहिये, इसमें मैं तुम्हारी मदद करूँगा,”।ये कहते हुए उन्होंने दस पैकेट पान मसाला दुकानदार से ले लिया और हाथ के इशारे से मुझे और उसे बताते हुए चले गए कि पैसा मुझसे ले लेंगे,देश हित में।उनके जाते ही दुकानदार शुक्ला जी ने मुझसे पूछा-“ये बताइये कि शिखर धवन की चोट कब ठीक होगी ,मुझे बड़ी चिंता है “।मैं उनके क्रिकेट प्रेम और क्रिकेट प्रेम को लेकर मुदित हो गया,उनसे कहा -“चिंता ना करें ,शुक्ला जी वो जल्द ही मैदान पर लौटेंगे,आपको उनकी इतनी फिक्र है “।उन्होंने मुझे एक इश्तहार दिखाया जिसमें शिखर धवन बल्ला लिए गब्बर सिंह की तरह खड़े थे और नीचे शिखर पान मसाला चिपका दिया गया था और  जिसमें हाथ से  लिखा था ,”शिखर खाओ,शिखर बनो”,।फिर बोले -“पिछले साल भर से पीछे क्रिकेट का जो मैदान है ,उसमें खेलने वाला हर लड़का शिखर  ब्रांड का पान मसाला खरीद कर ले जाता है और ये टोटका भी मानता है कि शिखर पान मसाला से वो शिखर धवन की तरह शिखर पर पहुंच जाएगा ।वैसे ऐसा कभी शिखर धवन और पान मसाला वालों ने कहा नहीं जैसे विराट कह रहे हैं कि वे उसी ब्रांड के सरिया से बने घर में रह रहे हैं ,जिसका वो प्रचार कर रहे हैं।मगर लौंडों को ना जाने क्या चस्का चढ़ा है ,इंटरव्यू देने जाते हैं तो रजनीगंधा खाकर जाते हैं कि काम बन जायेगा और क्रिकेट खेलने जाते हैं तो शिखर पान मसाला खाकर जाते हैं।जिस दिन शिखर धवन ने वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेंचुरी मारी थी ,उस दिन तीन गत्ता माल निकल गया था शिखर पान मसाला का।हम तो कई गत्ते माल ले आये थे,लेकिन चोट ने सब गुड़ गोबर कर दिया,काश रोहित और बुमराह के नाम की सुपारी या इलायची का कोई ब्रांड होता तो हमारा घाटा कम हो जाता”।।                                                मुझे उनके इतने दूरदर्शी होने का अंदाज़ा नहीं था ,मैंने कहा  –                                                          “ब्रांड की बड़ी जानकारी रहती है आपको “।       उन्होंने मुझे समझाते हुए बताया –                    “देखिये बिजनेस लाइन में ये सब रखना पड़ता है।सामने मोटवानी साहब ने जिम खोला अपनी बिजनेस को सेट करने के लिये पूरा जिम अक्षय कुमार की फ़ोटो,पेंटिंग से भर दिया,दिन भर लड़के अक्षय कुमार की हेल्थ टिप्स फॉलो करते थे ,तेल मसाले से परहेज रखते थे,और मॉडल या एक्टर बनने के सपने देखा करते थे,बगल की गुप्ता जी डेयरी लगभग बन्द होने की कगार पर आ गयी थी ,इधर कुछ महीनों से अक्षय कुमार ने अपना ट्रेंड बदल लिया है ,अब वो कहते हैं “घी खाओ देशी,ट्रेक्टर हो मैसी”ये स्लोगन आते ही लड़कों ने जिम जाना छोड़ दिया,गुप्ता जी की डेयरी की रातों रात किस्मत बदल गयी ,दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की हुई घी की बिक्री में ,लड़कों ने विद्रोह कर दिया कि अब हम खेती किसानी करेंगे और मैसी का ही ट्रैक्टर चलाएंगे।अक्षय कुमार की वजह से ददलानी साहब के शोरूम से दनादन ट्रेक्टर बिक रहे हैं ।अरे साहब ,इसी तरह पिपलानी साहब की भी किस्मत चमक गयी और श्रीवास्तव साहब की भी।”
“वो कैसे”इस बार भी मेरे हैरान होने की बारी थी।
मेरी हैरानी पर मुस्कराते हुए शुक्ला जी ने कहा -“पिपलानी साहब कह रहे हैं कि ट्रैक्टर भले ही अक्षय कुमार वाला खरीदो,पर उसमें टायर सनी देवल वाला ही लगाना,बीकेटी टायर,सो अक्षय कुमार का मैसी बिकता गया,और उसके टायर खराब हुए तो सनी देवल के ब्रांड के टायर खूब बिके तो ददलानी साहब के साथ पिपलानी साहब का भी तो खूब फायदा हुआ ना”।”लेकिन इसमें श्रीवास्तव जी का क्या फायदा था”ये बात मैंने असंतोष से कही।शुक्ला जी ने कहा-                                           “अमां ठंड रखो ,क्यों ब्लड प्रेशर बढ़ाते हो अपना ।आपको भी पद्मश्री सुपरस्टार सैफ अली खान की मम्मी शर्मिला टैगोर वाला एक्यूश्योर लेना चाहिये,तभी आप एक्यूरेट और श्योर बातें सुन और समझ पाओगे। ये मशीन जरूर खरीद लेना,महारानी होने के बावजूद अगर उनको बुढ़ापे में मशीनें बेचनी पड़ रही हैं तो समझो कि हालात कितने विकट हैं।अब मुद्दे की बात ददलानी साहब के ट्रेक्टर का लोन खरीदने के लिये लोन की रकम की जरूरत पड़ती है।और श्रीवास्तव जी का इंजीनियर बेटा जो बरसों से बेरोजगार था कुछ महीने पहले  गहने गिरवी रखने वाली उसी कम्पनी में भर्ती हुआ है जिसका दिन रात प्रचार प्रसार अमिताभ बच्चन करते रहते हैं।युवाओं ने टैक्टर खरीदने के लिये अपनी माताओं को अमिताभ बच्चन के कम्पनी में होने का भरोसा दिया और अमिताभ के जेवर गिरवी रखने के उत्कृष्ट तरीकों को देखकर माताओं ने अपने जेवर युवाओं को दे दिये।उन युवाओं ने श्रीवास्तव जी के बेटे के जरिये अमिताभ की प्रचार वाली कम्पनी से गहने गिरवी रखकर उधार पैसे लिए।तो श्रीवास्तव जी के बेटे की भी तो चांदी हो गयी ।और अक्षय कुमार,सनी देवल और अमिताभ बच्चन चूंकि देशभक्ति के ब्रांड हैं इसलिये एक राष्ट्रवादी पार्टी ने ददलानी जी को व्यापार प्रकोष्ठ का अध्यक्ष,पिपलानी जी को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का और  श्रीवास्तव जी के बेटे के गिरवी सम्बन्धी सेवाओं के लिये श्रीवास्तव जी को नगर का अध्यक्ष बनाया दिया है।”
“अच्छा,मुझे तो ये पता नहीं था”मैंने अनभिज्ञता जताई।उन्होंने मुझे एक गिलास पानी देते हुए कहा- “पानी पीजिये,केंट आरओ का है ,हेमा मालिनी जी का मैं बचपन से फैन रहा हूँ ,आपके पिता जी भी थे।आपको उनका लिहाज करना चाहिये।फिर हेमा जी देश को स्वच्छ पानी पिला रही हैं,देश के युवाओं को बीमारी से दूर कर रही हैं।मोदी जी स्वच्छ भारत अभियान को मजबूत कर रही हैं।फिर मोदी जी को मजबूत करके आप देश को मजबूत करेंगे और पित्र ऋण से भी थोड़ा बहुत उऋण हो जाएंगे।””वो कैसे”मैं थोड़ा असमंजस में पड़ गया।”केंट का आर ओ लगवाकर,मेरा लड़का लगाता है ,उसी के पास एजेंसी है,कब भेज दूँ उसे आपके घर इस नेक और पुनीत काम के लिये और देश का जो भला होगा वो अलग से “।
मैं पानी हाथ में लिये सोचने लगा कि ये पानी ना पियूँ तो देशद्रोही हो जाऊंगा शुक्ला जी की नजर में ,और अगर पी लूं तो राष्ट्रवादी ।नेपथ्य में कहीं “जय श्री राम “और “एक और बार” के स्लोगन गूंज रहे थे ।आपने भी सुना क्या?

️समाप्त- कृते-दिलीप कुमार,

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