इस सवाल का जवाब जरूरी है

Posted On by & filed under खेत-खलिहान

मेरे पूर्व लिखित लेखों में भूमि अर्जन, पुनस्र्थापन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता कानून-2013 के पक्ष में कई तर्क हैं। इन तर्कों को सामने रख कोई सहमत हो सकता है कि वह भूमि बचाने वाला कानून था। वह बहुमत की राय के आधार पर भूमिधर को भूमि बेचने, न बेचने की आजादी देता… Read more »

अन्ना, केजरीवाल के एक पृष्ठ बाद!

Posted On by & filed under विविधा

भारत में बहुत से आन्दोलन हुये है। हाल के वर्षों में हुये आन्दोलनों में अन्ना-केजरीवाल आन्दोलन सबसे प्रबल और सशक्त रहा। इनका मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार मिटाने को लेकर था। लेकिन आन्दोलन बिना किसी प्रतिफल के धाराशायी हो गया। भ्रष्टाचार को लेकर हमारे देश में पहले से ही इतने अधिक कानून है कि यदि उन्हीं कानूनों… Read more »

तस्वीरों की जंग में कौन विजयी होगा ?

Posted On by & filed under राजनीति

विनायक शर्मा बीते वर्ष से जहाँ एक ओर देश भ्रष्टाचार और काले धन के विरुद्ध योग गुरु राम देव और राष्ट्रवादी समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा चलाये जा रहे जन आन्दोलन और अनशन का साक्षी रहा है वहीँ इन दोनों के विरुद्ध व्यक्तिगत तौर से कांग्रेस के दिगविजय सिंह द्वारा विभिन्न माध्यमों से चलाये जा रहे… Read more »

अन्ना की नहीं 100 करोड़ जनता का अपमान है ?

Posted On by & filed under लेख

इक़बाल हिंदुस्तानी अगर नौकर मालिक की बात नहीं मानेंगे तो उनको हटाया जायेगा एक सोची समझी योजना के तहत खोखला और बोगस लोकपाल बिल लाया गया जो तयशुदा नाटक के बाद राज्यसभा में बिना मतदान के बजट सत्र तक के लिये लटका दिया गया। पहले विपक्ष सरकार पर यह आरोप लगा रहा था कि लोकपाल… Read more »

वैलडन अन्ना! लोहे को लोहा ही काटेगा अब

Posted On by & filed under लेख

इक़बाल हिंदुस्तानी  संसद को सर्वोच्च बताने वालों को पता नहीं जनता सबसे उूपर है? जनलोकपाल बिल पर अन्ना की मांगे ना ना करते करते एक के बाद एक मानकर कांग्रेस की हालत उस आदमी जैसी होती जा रही है जिस पर एक किस्सा याद आ रहा है। एक आदमी ने कोई गल्ती करदी। उस को… Read more »

अन्ना का हिसार में कांग्रेस विरोध

Posted On by & filed under प्रवक्ता न्यूज़, राजनीति

इक़बाल हिंदुस्तानी अन्ना का हिसार में कांग्रेस विरोध यानी गर्म लोहे पर करारी चोट कांग्रेस ने अन्ना को बदनाम-परेशान करने में कमी नहीं छोडी़ है! भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरा देश अब तक अन्ना हज़ारे के साथ एकजुट नज़र आ रहा था लेकिन अब एक वर्ग कांग्रेस के इस दुष्प्रचार का शिकार होता नज़र आ रहा… Read more »

अन्ना का अनशन और सरकार की कुटिलता

Posted On by & filed under राजनीति

अन्ना के अनशन का आज दसवां दिन है पर सरकार अब तानाशाही रवैया अपनाती हुई दिख रही है , लाखों करोड़ो लोग सड़कों पर है, हर गली मोहल्ले में प्रदर्शन हो रहे हैं पर हमारे नेतागण इतने बड़े आन्दोलन में आन्दोलनकारियों की जाति और उनका धर्म तलाशने में जुटे है, कहीं ये बताया जा रहा… Read more »

जिसकी भी ग़ैरत बाकी है

Posted On by & filed under कविता

जिसकी भी ग़ैरत बाकी है, जिसके भी सीने में दिल है सब उठो, चलो, आगे आओ, अब देर हुई तो मुश्क़िल है!   जिसने राह दिखाई, उस पर आँच नहीं अब आने दो जो तुम पर मरता है, यारों,उसको मत मर जाने दो…   ख़ुद से, मुल्क से, अन्ना से, गर करते होगे प्यार कहीं… Read more »

अन्ना, अनशन और सरकार

Posted On by & filed under विधि-कानून

  राजकुमार साहू भ्रष्टाचार के भस्मासुर को भस्म करने के लिए समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद ऐसा लगता है, जैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में भूचाल आ गया है और करोड़ों लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अन्ना के आंदोलन के बाद केन्द्र की यूपीए सरकार भी बैकफुट पर है। इसके लिए… Read more »

गाँधीवादी अन्ना पर कांग्रेसियों की विरासती सोच !!!!

Posted On by & filed under राजनीति

एल.आर.गाँधी ज्यों ज्यों अन्ना के अनशन का दिन निकट आ रहा है…सत्ताधारी राजनेताओं की बौखलाहट भी बढती जा रही है ..अन्ना का हश्र भी बाबा के अंजाम तक पहुँचाने की तैयारी भी जोर शोर से चल रही. आरोप प्रत्यारोपों का महांभारत छिढ़ गया है…. कांग्रेस के एक प्रवक्ता मनीष तिवाड़ी ने अन्ना पर अपने जन्म… Read more »