ब्रह्मचर्य

“मनुष्य को बुरा नहीं सोचना चाहिये तथा सभी बुराईयों की जड़ बुरे विचार ही हैं : वीरेन्द्र शास्त्री”

मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज लक्ष्मण चौक, देहरादून के तीन दिवसीय 52 वें विर्षकोत्सव के प्रथम…

शाकाहार का विचार और गाँधी जी

बाल्यकाल में गांधी को मांस खाने का अनुभव भी मिला। उनकी जिज्ञासा के उत्साहवर्धक में उनके मित्र शेख मेहताब का सहयोग मिला । शाकाहार का विचार भारत की हिंदु और जैन परम्पराओं में कूट-कूट कर भरा हुआ था .उनकी मातृभूमि गुजरात में ज्यादातर हिंदु शाकाहारी ही थे।