शराबबंदी

नोटबंदी की तरह शराबबंदी भी

आज जरुरत इस बात की है कि देश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। इस प्रतिबंध के बावजूद शराब रुकेगी नहीं, जैसे कि हत्याएं नहीं रुकतीं। इस्लाम में शराब की मनाही है लेकिन इस्लामी देशों के घरों में शराब के भंडार भरे होते हैं। इसीलिए कानून से भी ज्यादा संस्कार की जरुरत है। बचपन से ही यदि शराब या नशाबाजी के खिलाफ संस्कार दिए जाएं तो शराबबंदी के कानून का पालन सही ढंग से हो सकता है।

नीतीश की शराबबंदी ठीक, लेकिन….?

यदि किसी के घर या दफ्तर में शराब की बोतल पाई जाए तो उस घर और दफ्तर के सभी सदस्यों को 10 साल की सजा हो जाए, इसे कौन ठीक मान सकता है? इससे तो वे महिलाएं भी जेल चली जाएंगी, जो शराबबंदी की समर्थक हैं और जिन्होंने नीतीश को वोट दिए हैं। यदि शराब का सुराग देने वालों को पुरस्कार का कानून बने तो यह कहीं बेहतर होगा। शराबबंदी के मामले में नीतीश के उत्साह की जितनी तारीफ की जाए कम है लेकिन हम उनसे यह आशा भी करते हैं कि वे कानून ऐसा बनाएं, जो व्यावहारिक हो।

शराबबंदी और लोकायुक्त के लिए एक प्रतिबद्ध गांधीवादी ने त्यागे प्राण

शैलेन्द्र चौहान राजस्थान में सम्पूर्ण शराबबंदी और मजबूत लोकायुक्त कानून बनाए जाने की मांग को