शिवपाल

सपा परिवार में फिर खिंची तलवारें

समाजवादी परिवार में जर्बदस्त कलह के बाद परिवार के छोटे-बड़े सदस्यों/नेताओं के बीच सुलह का जो माहौल दिखाई दे रहा था,वह बनावटी था। असल में किसी ने भी ‘हथियार’ नहीं डाले थे। समय का चक्र ऐसा घूम रहा था जिसने समाजवादी लड़ाकुओं को ऐसा करने के लिये मजबूर कर दिया था, अगर ऐसा न होता तो विधान सभा चुनाव में सपा की सियासत कौड़ी के भाव निलाम हो जाती।

नेताजी के कुनबे में राजनीतिक भूचाल?

चाचा-भतीजे की लड़ाई में विपछी पार्टियां खूल चुटकियां ले रही हैं वहीं कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मुलायम सिंह अपने कुनबे को तो सभाल नहीं पा रहे हैं तो यूपी क्या सभालेंगे। वे यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि पैर उतने ही पसारने चाहिए कि जितनी बड़ी चादर हो वरना ढंड लग जाएगी।