हिंदी का राजनैतिक व मानसिक विरोध ?

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   मृत्युंजय दीक्षित हिंदी भारत की सबसे अधिक प्राचीन,सरल, लचीली ,लोकप्रिय व सीखने में आसान भाषा है। हिंदी का इतिहास भी बहुत ही प्राचीन है। हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। इसलिये यह भाषा देवनागरी लिपि भी कही जाती है। देवनागरी में 11 स्वर और 33 व्यंजन भी होते हंै।  हिंदी भाषा का अब… Read more »

दशम विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमन्त्री मोदी हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के संकल्प की घोषणा करें

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सभी क्षेत्रीय भाषाओं को यथास्थान यथायोग्य सम्मान देते हुए हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा घोषित किया जाना अभी शेष है। अगले सप्ताह 10-12 सितम्बर को भोपाल में दशम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जा रहा है। इसमें भारत के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। मैं विदेशमन्त्री श्रीमती सुषमा स्वराज… Read more »