boycott chinese product

खिसियानी बिल्ली खंबा नोंचे

अब तो चीन की उपहास भरी टिप्पणियों का जवाब यही होना चाहिए कि चीनी सामान की बिक्री जो 20 से 25 प्रतिशत घटी है वह 100 प्रतिशत तक नीचे कैसे जाए? जिस दिन भी यह चमत्कार हमने कर दिखाया उस दिन चीन को भारत के आगे नतमस्तक होने को मजबूर होना होगा। निश्चित ही यह काम कठिन है और चीन आज जो हमारा उपहास उड़ा रहा है, हमारे खिलाफ भद्दी टिप्पणियां कर रहा है, इसके पीछे का सच भी बड़ा कड़वा है।

चीनी वस्तुओं पर भारी पड़ी देशभक्ति

देश में पूर्व से ही कई संस्थाओं ने विदेशी सामानों का विरोध किया है और आज भी कर रहे हैं। महात्मा गांधी भी पूरी तरह से विदेशी वस्तुओं के विरोध में रहे। यहां तक कि हमारे देश में स्वतंत्रता से पूर्व देश भाव के प्रकटीकरण के लिए विदेशी वस्तुओं की होली जलाई थी, ऐसा केवल इसलिए किया गया ताकि देश में स्वदेशी का भाव प्रकट हो सके, लेकिन आज हम क्या कर रहे हैं। स्वयं ही विदेशी सामान खरीदकर उनको आमंत्रित कर रहे हैं। यह बात सही है कि कोई देश भारत में व्यापार करके भारत का भला नहीं कर सकता, इस व्यापार के माध्यम से वह अपने आपको ही मजबूत करता है।

चीन की गिरगिट वाली औकात?

चीन ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का पानी रोका अब हम सब चीन की कोई भी प्रोडक्ट बाजार से न खरीदें अब हम सब भारतवासी हैं तो चीन को सबक सिखाने का इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा। आज पुरी दुनिया में चाईनीज चीजों का बोल बाला है और यह हम सब जानते हैं। बाजारों में जहां नजर उठाकर देखो वहीं चाइनीज चीजें ही दिखाई देती हैं।