लेख भारत रत्न के बनते ‘खुदरा बाजार’ से उठते सियासी सवाल? January 14, 2026 / January 14, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment बता दें कि 1980 में कांग्रेस सरकार ने पुनः इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान को प्रारम्भ किया। आमतौर पर इसे गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है जिसमें पदक और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। प्रति वर्ष अधिकतम तीन व्यक्तियों तक सीमित रहता है हालांकि कभी-कभी इससे अधिक घोषित होते हैं। Read more » 'भारत रत्न' दिलवाने की होड़
लेख समाज स्वास्थ्य-योग पैसे के अभाव में दम तोड़ते लोग January 7, 2026 / January 7, 2026 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment आर्थिक तंगी और अधूरा इलाज Read more » People dying due to lack of money आर्थिक तंगी और अधूरा इलाज पैसे के अभाव में दम तोड़ते लोग
लेख सड़क दुर्घटना मुआवज़ा और संविधान : आय से परे मानवीय गरिमा की तलाश January 6, 2026 / January 6, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment मोटर वाहन अधिनियम में अपनाई गई ‘मल्टीप्लायर पद्धति’ पीड़ित की आय, आयु और आश्रितों की संख्या के आधार पर मुआवज़ा निर्धारित करती है। इसका उद्देश्य यह माना गया कि दुर्घटना से पूर्व जिस आर्थिक स्थिति में परिवार था, उसे यथासंभव पुनर्स्थापित किया जा सके। किंतु इस पद्धति की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह मनुष्य के जीवन Read more » Road Accident Compensation and the Constitution The Search for Human Dignity Beyond Income
लेख समाज विश्व पटल पर बालिकाओं का नवयुगः बदली सोच, उभरी शक्ति January 6, 2026 / January 6, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment पिछले 25 वर्षों में दुनिया ने लगभग 70 लाख बच्चियों को बचाया है, यह मानवीय प्रगति का बड़ा प्रमाण है। परंतु यह भी उतना ही कड़वा सत्य है कि आज भी हर साल दस लाख से अधिक बच्चियां गर्भ में ही खत्म कर दी जाती हैं और बीते 45 वर्षों में यह संख्या पाँच करोड़ से अधिक रही है। Read more » बालिकाओं का नवयुगः
पर्यावरण लेख बढता जल संकट: भविष्य की बड़ी चेतावनी December 31, 2025 / December 31, 2025 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment भारत जैसे देश में, जहां एक ओर गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अनेक शहरों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। Read more » Growing water crisis बढता जल संकट
लेख तैयार हैं हम संकल्प और उमंग के साथ ? December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment उमंग और उत्साह बाहरी नहीं, भीतरी ऊर्जा होनी चाहिए। नूतन साल अक्सर जोश और उमंग का प्रतीक माना जाता है। लोग कहते है इस साल कुछ बड़ा करेंगे। पर आधुनिक सोच यह कहती है कि उमंग का स्रोत बाहर नहीं, भीतर होना चाहिए। क्षणिक उत्साह, जो कुछ दिनों में बुझ जाए, वह परिवर्तन नहीं ला सकता। सच्ची उमंग वह है जो कठिन परिस्थितियों में भी हमें आगे बढ़ने की शक्ति दे। Read more » नया साल
लेख कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मनोज बिसारिया सर्दियाँ शुरु होते ही सरकार रैन-बसेरों की व्यवस्था में लग जाती है। कहीं सरकारी ख़र्च पर अलाव जलाए जाते हैं तो कहीं संस्थाओं द्वारा कंबल बांटे जाते हैं। ऐसा लगभग हर साल होता है लेकिन ये भी सच है कि बावजूद इसके बहुत -से लोगों को ख़ुले आसमां तले सोना ही पड़ता है। […] Read more » कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज
पर्व - त्यौहार लेख नववर्ष जीवन को मंगलमय बनाने के लिए संकल्प लेने का दिन December 31, 2025 / December 31, 2025 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment र्तमान में हमारे देश में आंग्ल संवत्सर एवं वर्ष का प्रचलन है। इस आंग्ल अर्थात अंग्रेजी वर्ष का आरम्भ 2026 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म वर्ष व उसके एक वर्ष बाद हुआ था। Read more »
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment नववर्ष केवल कैलेंडर की तारीख बदलने का नाम नहीं है बल्कि यह आत्ममंथन, आत्मसमीक्षा और नए संकल्पों का अवसर होता है। हर नया साल हमें यह सोचने का मौका देता है कि बीते समय Read more » नववर्ष का संकल्प
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment आज जब समाज अनेक तरह की चुनौतियों—असमानता, भेदभाव, जातिवाद, सांप्रदायिकता और सामाजिक विघटन—से जूझ रहा है, तब नववर्ष पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसा समाज, जहां व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म, भाषा या वर्ग से नहीं बल्कि उसकी मानवता से हो. जहां हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान और न्याय मिले—यही एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। Read more » नववर्ष का संकल्प
लेख पेंशन का सवाल: नेता और विधायक मालामाल, जनता और कर्मचारी बेहाल December 29, 2025 / December 29, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment एक से अधिक पेंशन, यात्रा भत्ते की सर्वसम्मति और 60 साल सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित कर्मचारी—लोकतंत्र की उलटी प्राथमिकताओं की कहानी Read more » the public and employees are in trouble The question of pension: leaders and MLAs are rich पेंशन
पर्यावरण लेख अरावली: जनता के दबाव में झुकी सरकार, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है December 29, 2025 / December 29, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली वही क्षेत्र मानी जाएगी जिसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। इस फैसले के बाद यह डर पैदा हुआ कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा। ऐसा होने पर वहां खनन और रियल-एस्टेट जैसी गतिविधियां करने, अरावली की हत्या करने के लिए रास्ता खुल जाएगा। Read more » अरावली