ब्रजेश कुमार झा

गंगा के तट से यमुना के किनारे आना हुआ, यानी भागलपुर से दिल्ली। यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से पढ़ाई-वढ़ाई हुई। कैंपस के माहौल में ही दिन बीता। अब खबरनवीशी की दुनिया ही अपनी दुनिया है।

व्यवस्था परिवर्तन बनाम गोविंदाचार्य – ब्रजेश झा

पंद्रहवीं लोकसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, कई गुम्फित चेहरे चुनावी उत्सव में भाग लेने सामने आते दिखलाई पड़ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से राजनीति की…

शब्द जो साथी है – ब्रजेश झा

अब जब हमारा वक्त कंप्यूटर पर ही टिप-टिपाते निकल जाता है। स्याही से हाथ नहीं रंगते, तो कई लोग इसे पूरा सही नहीं मानते। यकीनन, हाथ से लिखे को पढ़ने का अपना आनंद है।

सफर का सफरी सूटकेस – ब्रजेश झा

हाल ही में सफर (गैरसरकारी संस्था) ने राजधानी के दो-तीन जगहों पर इंडिया अनट्च्ड (लघु फिल्म) का पुनः प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी मेरे पास थी। हालांकि स्टालिन..

सिनेमाई गीत- संचार का बेजोड़ माध्यम -ब्रजेश झा

यह बात सहजता से कबूल है कि गाने संचार में महति भूमिका अदा करते है। उसपर से सिनेमाई गाने हों तो उसके क्या कहनें! खैर, जब कभी हिन्दी सिनेमाई गीतों पर बात छिड़ती नहीं कि तबीयत रूमानी हो जाती है।

लुप्त होता हुनर – ब्रजेश झा

भागलपुर शहर का एक खास इलाका है। नाम है चंपानगर। यहां कभी ‘चंपा’ नदी हुआ करती थी। और इसके पास बसे लोग बुनकर थे। मालूम नहीं कब यह नदी नाले का रूप पा गई।

डाक्यूमेंटरी तो बहस चाहती है – ब्रजेश झा

सुरुचिपूर्ण कार्यक्रम के अभाव में शहराती जीवन जीने वाले लोग दूरदर्शन को कब का भुला चुके हैं। अब इनके बच्चे क्यों याद रखें ? इनके लिए तो बाजार ने बड़ा विकल्प…

दिल है छोटा सा, छोटी सी आशा… – ब्रजेश झा

मजे की बात है कि स्लमडाग मिलिनेयर के संगीत व गीत के लिए ए. आर. रहमान को दो एकेडमी अवार्ड्स प्रदान किए गए। इससे हम हिन्दुस्तानी बड़े गदगद हैं…

उत्तरप्रदेश के मुसलिम मतदाता – ब्रजेश झा

इन दिनों देश में 15वीं लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। इस बाबत भाजपा के पूर्व नेता कल्याण सिंह और सपा के बीच हुए राजनीतिक गठजोड़ ने उत्तर भारत…

वैलेंटाइन का जादू – ब्रजेश कुमार झा

हिन्दी सिनेमा में मजाज़ी इश्क़ (सांसारिक प्रेम) पर लिखे गीतों के रुतबे को तो सभी महसूस करते ही होंगे ! इधर मैं कुछ दिनों से इश्क़-विश्क के उन गीतों को ढूंढ रहा था…

बाल अधिकार आयोग ने माना बच्चों की हालत ठीक नहीं

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष शान्ता सिन्हा ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्था बच्चों के जीवन के अधिकार को संरक्षित कर पाने में नाकाम रही है।

एसएमएस से भावनाओं का इजहार करने में आगे हैं महिलाएं

अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जब महिलाओं को किसी मेलजोल कार्यक्रम के दौरान मोबाइल के जरिए भावना का इजहार करने ..

बांग्लादेश में मिला रवींद्रनाथ का लिखा खत

बीसवीं सदी के प्रारंभ में नोबल पुरस्कार से सम्मानित विश्व विख्यात बांग्ला भाषी कवि रवींद्रनाथ ठाकुर का लिखा एक खत बांग्लादेश के बज्र देहाद में मिला है।