ब्रजेश कुमार झा

गंगा के तट से यमुना के किनारे आना हुआ, यानी भागलपुर से दिल्ली। यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से पढ़ाई-वढ़ाई हुई। कैंपस के माहौल में ही दिन बीता। अब खबरनवीशी की दुनिया ही अपनी दुनिया है।

मिर्जा गालिब और सिनेमाई गीत

मिर्जा गालिब से जुड़ा एक अखबारी लेख याद आता है- अली सरदार जाफरी एक गोष्ठी में बोल रहे थे कि जिंदगी के हर वाक़ये पर गालिब याद आते हैं। कुछ समय पहले एक मित्र का पैर टूटा…

सहयोगियों की तलाश में निकले राजनीतिक खिलाड़ी

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पंद्रहवीं लोकसभा चुनाव में खंडित जनादेश मिलने वाला है। उन स्थितियों से निपटने के लिए राजनीति के माने हुए खिलाड़ी नए सहयोगियों को तलाशने…

लुधियाना में नीतीश और मोदी साथ-साथ

पंद्रहवीं लोकसभा के पांचवें चरण के चुनाव प्रचार के दौरान रविवार को गुजरात और बिहार के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार एक मंच पर दिखे। लुधियाना में आयोजित एक जनसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है।

टोल टैक्स का गोरख-धंधा

परिवहन मंत्रालय टोल टैक्स (चुंगी वसुली) के माध्यम से निजी क्षेत्र की निर्माण कंपनियों को बेहिसाब फायदा पहुंचाने में जुटी है। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस हाईवे पर रोजाना टोल टैक्स के रूप में होने वाली…

राजनैतिक गीत इस मोड़ से जाते हैं – ब्रजेश कुमार झा

दुनिया को मालूम है कि हिन्दुस्तानी फिल्म में गीतों को जितना तवज्जह मिला उतना संसार के किसी भी दूसरे फिल्मीद्योग में नहीं मिला है। यहां तो फिल्में आती हैं, चली जाती हैं। सितारे भी…

पराठे वाली गली का मजा लीजिए

दिल्ली का मुगलकालीन बाजार, यानी चांदनी चौक। यह इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है। यहां की पराठे-वाली गली के क्या कहने हैं ! भई, जो भी गली में आया, इसका मुरीद बनकर रह गया..

अमेठी बनाम कलावती – ब्रजेश कुमार झा

अमरावती की दलित गरीब महिला कलावती और अमेठी की दलित गरीब महिला शकुंतला की कहानी राहुल गांधी की सियासी मार्केटिंग को समझने का माध्यम है। राहुल ने संसद में…

राष्ट्रीय पुनर्निर्माण सम्मेलन से उपजे चुनावी मुद्दे- ब्रजेश झा

पंद्रहवीं लोकसभा चुनाव की बयार देशभर में है। लेकिन, सप्ताह भर पहले तक राजनीतिक पार्टियों के बीच मुद्दा का टोटा छाया हुआ है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक…

मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक–

यह है मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक ! लालकिले से दो-तीन फर्लांग दूर एक मुगलकालीन इलाका है। नाम है- चांदनी चौक। पुरानी दिल्ली का यह तंग इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है…