ललित कौशिक

ललित कौशिक एक पत्रकार हैं और कई समाचार पत्रों में काम कर चुके हैं, जैसे "हरिभूमि", "आज समाज" और "उत्तम हिन्दू"

जम्मू-कश्मीर, लौहपुरुष और संघ 

पाकिस्तान नेयुद्ध का सहारा लेकर कबाइलियोंको कश्मीर पर आक्रमण करने के लिए उकसाना शुरू कर दिय​|​अब महाराजा खुद को बड़ी मुश्किल में फंसा हुआ पा रहे थे ​|
ऐसे नाजुक दौर में महाराजा की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघसामने आया और महाराज को यह समझाने का सफल प्रयास किया कि भारत केसाथ राज्य का विलय करने में भी उनकी और राज्य की जनता की भलाई है।राज्य की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी।सरदार पटेल और महात्मा गांधी ने भीमहाराजा को मनाने का प्रयास किया, पर महाराजा नेहरू की अधिसत्ता को माननेके लिए तैयार नहीं थे।

चलो ना माँ अपने घर, जो घर “अपना” है

सारे कश्मीरी पंडितो के घर के दरवाजो पर नोट लगा दिया जिसमें लिखा था, “या तो मुस्लिम बन जाओ” या “कश्मीर में अपनी बहु, बेटियों को छोड़ कर भाग जाओ या फिर मरने के लिए तैयार हो जाओ”।