धर्म-अध्यात्म “क्या हमें अपना व अपने अतीत और भविष्य का पता है?” September 21, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम इस जन्म में मनुष्य योनि में उत्पन्न हुए हैं। हम क्या हैं, यह अधिकांश मनुष्यों को ज्ञात नहीं है। कारण यह है कि न तो हमारे माता-पिता और न ही हमारे स्कूलों के आचार्य ही जानते हैं कि मनुष्य की आत्मा का स्वरूप क्या है? स्कूलों में हमें यह विषय पढ़ाया […] Read more » अध्ययन अन्तहीन अमर अविनाशी जन्म चिन्तन ज्ञान नित्य मनन लेखन विचार विद्वानों की संगति
न्यूज़ “आर्यसमाज से जुड़े श्री ओम् प्रकाश गैरोला को सभी बैंको की राष्ट्रीय स्तर की संयुक्त हिन्दी निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार” September 20, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, श्री ओम् प्रकाश गैरोला हमारे 40 वर्षों से अधिक समय से एक घनिष्ठ एवं प्रिय मित्र हैं। हम दोनों एक साथ जनवरी, 1978 में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून (आईआईपी) में लिपिक के पद पर नियुक्त हुए थे। मैं तब से इसी कार्यालय में कार्य करता रहा और कुछ समय बाद मेरी तकनीकी […] Read more » आर्यसमाज ऋषि दयानन्द टिहरी गढ़वाल पीएनबी की राष्ट्रीय स्तर श्री गैरोला जी साहित्य
धर्म-अध्यात्म “सृष्टि को बनाने व पालन करने वाला ईश्वर कैसा है?” September 19, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम इस संसार में उत्पन्न हुए और जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जन्म के समय हमने जब पहली बार आंखे खोली तो हमें अपनी माता, कुछ अन्य लोग व पिता के दर्शन हुए थे। तब हम कुछ जानते व समझते नहीं थे। कुछ समय बाद जब हमें घर से बाहर लाया गया […] Read more » चिन्तन-मनन ध्यान यज्ञ सन्ध्योपासना स्वाध्याय
धर्म-अध्यात्म ‘दिल्ली के पूर्व पुलिस डिपूटी कमिश्नर ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना का गुरुकुल पौंधा का भ्रमण एवं ब्रह्मचारियों को सम्बोधन’ September 18, 2018 | 1 Comment on ‘दिल्ली के पूर्व पुलिस डिपूटी कमिश्नर ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना का गुरुकुल पौंधा का भ्रमण एवं ब्रह्मचारियों को सम्बोधन’ मनमोहन कुमार आर्य, कल हमारी ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना जी से देहरादून के प्रसिद्ध गुरुकुल में भेंट हुई। श्री ज्ञानेन्द्र जी दिल्ली पुलिस विभाग में डिपूटी कमिश्नर रहे हैं। वह 1 अगस्त, 2018 को वह सेवानिवृत हुए। कल फेसबुक पर उनका मैसेज मिला की वह देहरादून में हैं और मिलना चाहते हैं। सायं चार बजे […] Read more » आचार्य धनंजय डाॅ. धनंजय बायोमेट्रिक महर्षि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म ‘ईश्वर की उपासना से लाभ’ September 17, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य को ईश्वर की उपासना करनी चाहिये अथवा नहीं? जो मनुष्य वैदिक परम्पराओं से दूर हैं और पढ़े-लिखे नास्तिकों के सम्पर्क में रहते हंै वह तो वैदिक विद्वानों के न तो तर्कों को सुनते हैं और न ही उनमें सत्यासत्य की परीक्षा करने की योग्यता होती है। जो सज्जन मनुष्य होता है, […] Read more » ‘ईश्वर की उपासना से लाभ’ अनुत्पन्न अमर ऋषि दयानन्द जीवात्मा अनादि नित्य महर्षि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म ‘मनुष्यादि समस्त प्राणि ईश्वर का अपना परिवार’ September 17, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम संसार में मनुष्य व पशु-पक्षी आदि अनेकानेक जीव-जन्तुओं को देखते हैं। इन सब प्राणियों में मनुष्यों की ही भांति एक-एक जीव अर्थात् चेतन सत्ता विद्यमान है। मनुष्य की गणना की अपनी सीमायें हैं। एक सीमा तक तो मनुष्य गणना कर सकते हैं परन्तु उसके बाद गणना तो हो सकती है परन्तु […] Read more » एकदेशी करूणा दया प्रेम मनुष्य अल्पज्ञ सुख-दुख स्नेह
साहित्य ‘आर्यसमाज विश्व की प्रथम धार्मिक सामाजिक संस्था जिसने हिन्दी को धर्मभाषा के रूप में अपनाकर वेदों का प्रचार किया’ September 14, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्य समाज की स्थापना गुजरात में जन्में स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने 10 अप्रैल, सन् 1875 को मुम्बई नगरी में की थी। आर्यसमाज क्या है? यह एक धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है जिसका उद्देश्य धर्म, समाज व राजनीति के क्षेत्र से असत्य को दूर करना व उसके स्थान पर सत्य को स्थापित […] Read more » अध्यापक कवि पत्रकार प्रोफेसर वेदभाष्यकार स्वतन्त्रता आन्दोलन
धर्म-अध्यात्म ‘सत्यार्थ प्रकाश के प्रचार में शिथिलतायें दूर होनी चाहियें’ September 14, 2018 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, महर्षि दयानन्द ने सत्यार्थप्रकाश एक ऐसा ग्रन्थ रचा है जो ‘भूतो न भविष्यति’ कथन को सार्थक सिद्ध करता है। ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य वेदों का प्रचार व प्रसार करना था। सत्यार्थप्रकाश वेदों के प्रचार व प्रसार का सबसे अधिक सशक्त माध्यम है। सत्यार्थप्रकाश का प्रचार और […] Read more » ईश्वर ऋग्वेदादिभाष्य ऋषि दयानन्द जीवात्मा सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म “स्वस्थ, सुखी व दीर्घ जीवन का आधार सन्ध्योपासना व इसके मन्त्रों का अर्थ सहित चिन्तन” September 13, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य जीवन परमात्मा से हम सबको अपनी आत्मा की उन्नति के लिये मिला है। आत्मा की उन्नति का साधन सत्य ज्ञान की प्राप्ति सहित उसके अनुरूप आचरण करना है। ईश्वर के ध्यान, उपासना उपासना चिन्तन, उपासना को सन्ध्या कहा जाता है। सन्ध्या का अर्थ है ईश्वर का भली भांति ध्यान करना है। […] Read more » ऐश्वर्य दीघार्युऋषि दयानन्द बल यश सुख स्वस्थ शरीर
धर्म-अध्यात्म “मोक्ष प्राप्ति तक मनुष्य जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त नहीं हो सकता” September 12, 2018 | 4 Comments on “मोक्ष प्राप्ति तक मनुष्य जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त नहीं हो सकता” मनमोहन कुमार आर्य, हम मनुष्य हैं और हमारा जन्म हुआ है। श्रीमद्भगवद्-गीता का प्रसिद्ध वचन है ‘जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु धु्रवं जन्म मृतस्य च’ अर्थात् जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु होती है उसका पुनर्जन्म भी निश्चित है। इस सत्य वेदोक्त सिद्धान्त के अनुसार हम सब की भी भविष्य में […] Read more » ईश्वर मनुष्य महर्षि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म “प्राचीन भारत सकारण अध्यात्म प्रधान देश था” September 11, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आज हम जिस युग में जीवन व्यतीत कर रहे हैं वह आधुनिक युग कहा जाता है। महाभारत काल से पूर्व का प्राचीन भारत अपने समय में तो आधुनिक ही कहा जाता रहा होगा परन्तु उस समय के विद्वानों व मनीषियों ने आध्यात्म और भौतिकवाद में से अध्यात्म का चयन किया था। यह […] Read more » अज्ञान-अशिक्षा अभाव अवैदिक मूर्तिपूजा अशिक्षा ऊंच-नीच ऋषि दयानन्द कुपोषण धनी-निर्धन बेरोजगारी भेदभाव मत-मतान्तर
धर्म-अध्यात्म “श्रीकृष्ण के चरित्र को दूषित करने वाली भागवत पुराण की मिथ्या बातों को न मानें : आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री” September 10, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज हिण्डोन सिटी में रविवार 2 सितम्बर, 2018 को श्री कृष्ण-जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः चार दम्पत्तियों को यजुर्वेद पारायण यज्ञ के समापन दिवस पर यज्ञ का यजमान बनाया गया। इन यजमान दम्पत्तियों के पुंसवन संस्कार भी सम्पन्न किये गये। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद यज्ञ प्रार्थना […] Read more » आचार्य हरिशंकर भागवत पुराण महर्षि दयानन्द जी श्रीकृष्ण