मनमोहन आर्य

स्वतंत्र लेखक व् वेब टिप्पणीकार

पापों से बचाव व मुक्ति के लिए अघमर्षण मन्त्रों का पाठ और तदनुसार आचरण आवश्यक

–मनमोहन कुमार आर्य- मनुष्य जीवन का उद्देश्य पूर्व जन्मों के कर्मों का भोग एवं शुभकर्मों

जन्मना जाति व्यवस्था, वर्ण व्यवस्था और स्वामी श्रद्धानन्द

 स्वामी श्रद्धानन्द महर्षि दयानन्द के अनुयायी, आर्य समाज के नेता, प्राचीन वैदिक शिक्षा गुरूकुल प्रणाली

महर्षि दयानन्द ने खण्डन-मण्डन, समाज सुधार व वेद प्रचार क्यों किया ?

–मनमोहन कुमार आर्य–  महर्षि दयानन्द ने सन् 1863 में दण्डी स्वामी प्रज्ञाचक्षु गुरू विरजानन्द से