धर्म-अध्यात्म “सृष्टि में ईश्वर का अस्तित्व सत्य व यथार्थ है” July 13, 2018 / July 13, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, हम जिस संसार को देखते हैं वह अति प्राचीन काल से विद्यमान है। यह कब बना, इसका प्रमाण हमें वेद, वैदिक साहित्य एवं इतिहास आदि परम्पराओं से मिलता है। आर्य लोग जब भी कोई पुण्य व शुभ कार्य करते हैं तो वह संकल्प पाठ का उच्चारण करते हैं। इसमें कर्मकर्त्ता यजमान […] Read more » “सृष्टि में ईश्वर का अस्तित्व सत्य व यथार्थ है” Featured अजन्मा अनादि अनुत्पन्न आनन्दयुक्त ईश्वर ऋषि दयानन्द नित्य निराकार विराट सर्वव्यापक सर्वज्ञ सर्वशक्तिमान सर्वातिसूक्ष्म
धर्म-अध्यात्म “यदि स्वामी दयानन्द और स्वामी श्रद्धानन्द न होते तो स्वामी रामदेव भी न होते : स्वामी रामदेव” July 12, 2018 / July 12, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, तीन दिवसीय गुरुकुल सम्मेलन, गुरुकुल कांगड़ी परिसर में 6 जुलाई, 2018 को आरम्भ हुआ। अपरान्ह 4 बजे से सम्मेलन का उद्घाटन समारोह हुआ जिसे पतंजलि योगपीठ के विश्व विख्यात योगाचार्य स्वामी रामदेव जी, मेघालय के राज्यपाल ऋषिभक्त श्री गंगा प्रसाद जी एवं कई आर्य संन्यासी एवं नेताओं ने सम्बोधित किया। स्वामी […] Read more » Featured और स्वामी श्रद्धानन्द न होते गुरुकुल कांगड़ी गुरुकुल सम्मेलन तो स्वामी रामदेव भी न होते यदि स्वामी दयानन्द वह देव गुरु है मेरा सूरज बन दूर किया पापों का घोर अन्धेरा
धर्म-अध्यात्म “माता-पिता की नित्य सेवा करना सन्तान का धर्म वा पितृ-यज्ञ है” July 12, 2018 / July 12, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य के जीवन में ईश्वर के बाद माता-पिता का सबसे अधिक महत्व है। इसके बाद जिन लोगों का महत्व है उनमें हमारे आचार्य, गुरु व उपाध्याय आते हैं जिनसे हम ज्ञान, विज्ञान व अनेक विद्याओं का अध्ययन करते व सीखते हैं। यदि दुर्भाग्य से कोई मनुष्य अपने माता-पिता आदि देवताओं के […] Read more » Featured ईश्वर ऋषि दयानन्द ज्ञान भाषा मनुष्य माता पिता विज्ञान व्याकरण सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द के देश व मानवता के हित के अनेक कार्यों में एक कार्य वेदों का उद्धार” July 11, 2018 / July 11, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने मानवता, समाज व देश हित के अगणित कार्य किये हैं। सब सुधारों का मूल वेदाध्ययन व वेदाचरण है। वेद मनुष्य को असत्य का त्याग करने और सत्य को ग्रहण करने की प्रेरणा करते हैं। वेदाध्ययन से अविद्या का नाश होता है और विद्या की वृद्धि होती है। मनुष्य […] Read more » Featured अवतारवाद ऋषि दयानन्द कार्य वेदों देश व मानवता फलित ज्योतिष मूर्तिपूजा मृतक श्राद्ध स्वामी श्रद्धानन्द जी और पं. गुरुदत्त विद्यार्थी जी आदि ऋषि
धर्म-अध्यात्म ‘संसार में वेदों की प्रतिष्ठा ऋषि दयानन्द के अतिरिक्त अन्य कोई विद्वान कर नहीं पायाः आचार्य वेदप्रकाश श्रोत्रिय’ July 10, 2018 / July 10, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के परिसर में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन के समापन दिवस पर वेद एवं संस्कृति सम्मेलन का आयोजन 10.30 बजे पूर्वान्ह आयोजित किया गया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए आर्यसमाज के विद्वान डा. वेदप्रकाश श्रोत्रिय ने कहा कि महर्षि दयानन्द जी के दिमाग में यह बात […] Read more » Featured आचार्य आचार्याओं और आर्यसमाज आर्यसमाज तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ब्रह्मचारिणियों ब्रह्मचारी शिक्षा गुरुकुलों
धर्म-अध्यात्म ‘जिस स्थान पर यज्ञ होता है वहां की भूमि पवित्र हो जाती हैः स्वामी आनन्दवेश’ July 9, 2018 / July 9, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय गुरुकुल महासम्मेलन का आज 8 जुलाई, 2018 को समापन दिवस था। हम देहरादून से प्रातः चलकर लगभग 9.00 बजे गुरुकुल पहुंचे। यज्ञ चल रहा था। यज्ञ की पूर्णाहुति पर हम वहां उपस्थित थे। डा. प्रियंवदा वेदभारती जी के ब्रह्मत्व में यज्ञ हुआ। यज्ञ की पूर्णाहुति पर […] Read more » Featured तीन दिवसीय गुरुकुल दर्शन कुमार अग्निहोत्री स्वामी दयानन्द स्वामी श्रद्धानन्द हरिद्वार
धर्म-अध्यात्म “यदि स्वामी दयानन्द और स्वामी श्रद्धानन्द न होते तो स्वामी रामदेव भी न होते : स्वामी रामदेव” July 7, 2018 / July 7, 2018 | 1 Comment on “यदि स्वामी दयानन्द और स्वामी श्रद्धानन्द न होते तो स्वामी रामदेव भी न होते : स्वामी रामदेव” मनमोहन कुमार आर्य, तीन दिवसीय गुरुकुल सम्मेलन, गुरुकुल कांगड़ी परिसर में 6 जुलाई, 2018 को आरम्भ हुआ। अपरान्ह 4 बजे से सम्मेलन का उद्घाटन समारोह हुआ जिसे पतंजलि योगपीठ के विश्व विख्यात योगाचार्य स्वामी रामदेव जी, मेघालय के राज्यपाल ऋषिभक्त श्री गंगा प्रसाद जी एवं कई आर्य संन्यासी एवं नेताओं ने सम्बोधित किया। स्वामी […] Read more » Featured अन्धविश्वास आर्यसमाज नशाखोरी पाखण्ड मांसाहार राष्ट्र स्वामी दयानन्द स्वामी रामदेव स्वामी श्रद्धानन्द
धर्म-अध्यात्म “जन्मना जातिवाद का प्रचलन कब से आरम्भ हुआ?” July 6, 2018 / July 6, 2018 | 2 Comments on “जन्मना जातिवाद का प्रचलन कब से आरम्भ हुआ?” मनमोहन कुमार आर्य, हिन्दू समाज जिसे आर्यसमाज आर्यों का समाज कहता व मानता है, इसमें जन्मना जातिवाद विद्यमान है। यह जन्मना जातिवाद वैदिक वर्णव्यवस्था का बिगड़ा हुआ रूप है। वैदिक वर्ण व्यवस्था मनुष्यों के गुण, कर्म व स्वभाव पर आधारित थी। यह गुण, कर्म व स्वभाव पर आधारित वर्णव्यवस्था कब जन्मना जातिवाद में परिवर्तित […] Read more » “जन्मना जातिवाद का प्रचलन कब से आरम्भ हुआ?” Featured जैन-बौद्ध डा. भीमराव अम्बेडकर महर्षि जैमिनी और योगेश्वर श्री कृष्ण महाभारत महर्षि दयानन्द महर्षि वेदव्यास हिन्दू समाज
धर्म-अध्यात्म “चंचला लक्ष्मी को वैदिक धर्म के प्रचार द्वारा श्री व यशस्वी रुप में बदलने का सत्कार्य महात्मा दीपचन्द आर्य ने किया” July 5, 2018 / July 5, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, भारत में मध्यकाल में देश में अविद्या छा जाने के कारण जो नाना अन्धविश्वास एवं कुरीतियां उत्पन्न हुईं उससे कई मत-मतान्तर उत्पन्न हुए और इनसे परस्पर वैर भावना में वृद्धि हुई। ऋषि दयानन्द ने अपने अथक परिश्रम से इसका कारण जाना और पाया कि वेदों में निहित सत्य ज्ञान को भूल जाने […] Read more » ‘आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट” ‘दयानन्द सन्देश’ Featured अद्वैतवाद एवं त्रैतवाद आर्य मान्यतायें काल अकाल मृत्यु जीवात्म-ज्योति भारत युगपुरुष राम योगेश्वर कृष्ण वैदिक मनोविज्ञान समीक्षा
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द के सत्यार्थप्रकाश आदि ग्रन्थों में देश को आजादी दिलाने की भावना व प्रेरणा विद्यमान है” July 4, 2018 / July 4, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, पांच हजार से कुछ अधिक वर्ष पूर्व हुए महाभारत युद्ध के बाद से देश का तेजी से राजनैतिक, शैक्षिक व सामाजिक पतन होना आरम्भ हो गया था। महाभारत के बाद देश छोटे छोटे राज्यों में विभक्त होता गया। आचार्य चाणक्य और सम्राट विक्रमादित्य के काल में देश में छोटे राज्यों को मिलाकर […] Read more » Featured अंग्रेजों ऋषि दयानन्द गांधी जी गोपाल कृष्ण धर्म शास्त्रों फलित ज्योतिष मूर्तिपूजा सामाजिक स्वामी दयानन्द
धर्म-अध्यात्म ‘ईश्वर का न्याय आदर्श न्याय है जिसमें सभी मनुष्यों के शुभाशुभ कर्मों का सुख व दुःख रूपी फल मिलता हैः डा. नवदीप कुमार’ July 3, 2018 / July 3, 2018 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज धामावाला, देहरादून ऋषि दयानन्द के कर कमलों से स्थापित आर्यसमाज है जिसकी स्थापना सन् 1879 में हुई थी। विश्व की प्रथम शुद्धि इसी आर्यसमाज में हुई थी। मुहम्मद ऊमर नामक एक मुस्लिम बन्धु वैदिक धर्म की विशेषताओं एवं महत्व को जानकर स्वेच्छा से आर्य बने थे और उन्होंने अलखधारी नाम ग्रहण […] Read more » Featured आदर्श न्याय ईश्वर तेजस्वी देशभक्त परिवार ये उपाय बनायेंगे आपके बच्चे को कुशाग्र/बुद्धिमान विद्यार्थी राष्ट्र समाज सुख व दुख सुन्दर
धर्म-अध्यात्म ‘अमेरिका के प्रो. सतीश भटनागर का गुरुकुल पौन्धा एवं तपोवन आश्रम का भ्रमण’ July 2, 2018 / July 2, 2018 | 1 Comment on ‘अमेरिका के प्रो. सतीश भटनागर का गुरुकुल पौन्धा एवं तपोवन आश्रम का भ्रमण’ मनमोहन कुमार आर्य, डा. सतीश भटनागर, आयु 79 वर्ष, अमेरिका में फिजिक्स, गणित आदि विषयों के प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि वहां रिटायरमेन्ट नहीं होता और मनुष्य जब तक स्वस्थ रहता है, कार्य कर सकता है। डा. भटनागर आर्यसमाज के सुप्रसिद्ध संन्यासी स्वामी दीक्षानन्द सरस्वती जी के भांजे हैं और उनकी गतिविधियों से बहुत निकटता […] Read more » ‘अमेरिका के प्रो. सतीश भटनागर का गुरुकुल पौन्धा एवं तपोवन आश्रम का भ्रमण’ Featured गुरुकुल डा. सतीश भटनागर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा स्वामी चित्तेश्वरानन्द जी