विविधा ’’आरक्षण’’ पर राजनीति August 12, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment कपिल बी. लोमियो वर्तमान समय के जाने-माने फिल्म निर्देशक प्रकाश झा एक बार फिर से सामाजिक सारोकार से जंुड़ी फिल्म लेकर आए है जिसका नाम है ’’आरक्षण’’। हांलाकि अभी तक इस इस फिल्म रूपी बिजली की चमक ही देखने को मिली है, लेकिन कुछ लोग ये सोचकर भयाक्रांत है कि यह बिजली जब गिरेगी तो […] Read more » Reservation आरक्षण
जन-जागरण ये कैसा लोकतंत्र है ? August 10, 2011 / December 7, 2011 | 1 Comment on ये कैसा लोकतंत्र है ? वीरेन्द्र सिंह राठौर कैबिनेट से सरकारी ड्राफ्ट को मंजूरी मिलते ही अन्ना हजारे ने इसे देश के साथ धोखा बताते हुए….. 16 अगस्त से फिर से आमरण अनशन की घोषणा कर दी और इसके बाद एक बार फिर सरकार हरकत में आ गई ,….और उसने वो ही किया जो एक डरी हुई ढीठ सरकार कर […] Read more » Democracy लोकतंत्र
विधि-कानून ‘‘जनता आगे, नेता पीछे ’’ August 9, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार अब यह कहने में कोई झिझक नही कि लोकपाल मुद्दे पर जनता आगे हो गई है, और हमारा राजनैतिक नेतृत्व पीछे हो गया है। यह बात तो तभी साबित हो गई थी, जब 30 अप्रैल को अन्ना हजारे के अनशन में बैठने से एक तरह से पूरा देश उनके साथ खड़ा हो […] Read more » Lokpal Bill लोकपाल बिल
पर्यावरण बस्तर के ग्रीन कमांडो August 7, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment सुजाता राघवन वीरेंद्र की इस यात्रा का लक्ष्य बारिश के पानी को बर्बादी से बचाना था। 1997 में इसकी शुरूआत करते समय उनके मन में पारंपरिक जल स्त्रोतों, कुओं, तालाबों और छोटे-छोटे झरनों में कम होती जलधारा अधिक हावी थी। छत्तीसगढ़ में धान की खेती सबसे ज्यादा होती है। इसीलिए इसे ‘चावल का कटोरा’ भी […] Read more » Bastar बस्तर
विविधा गरीबी हटाने के सरकारी तरीके August 7, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव वे जिला प्रमुख है। उनके कार्यालय के ऊपर कोई मंजिल नही है पर उन्हें ऊपर से आदेश आते रहते हैं। इस बार कुछ इस तरह का आदेश आया। गरीबी हटाओ मंत्रालय, भारत सरकार आदेश ः- आपको ज्ञात है कि 33 प्रतिशत भारत गरीब है। इससे प्रगति की रफ्तार असंतुलित हो गई […] Read more » poverty गरीबी
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया लोकमंगल हो मीडिया का ध्येयः स्वामी शाश्वतानंद August 7, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment भोपाल, 6 अगस्त,2011। महामंडलेश्वर डा.स्वामी शाश्वतानंद गिरि का कहना है कि लोकमंगल अगर पत्रकारिता का उद्देश्य नहीं है तो वह व्यर्थ है। हमें हमारे सामाजिक संवाद और पत्रकारिता में लोकमंगल के तत्व को शामिल करना पड़ेगा। वे यहां माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा ‘संवाद और पत्रकारिता का अध्यात्म’ विषय पर आयोजित व्याख्यान […] Read more » Makhanlal Chaturvedi Patrakarita Vishwavidyalay भोपाल महामंडलेश्वर डा.स्वामी शाश्वतानंद गिरि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय
कला-संस्कृति विविधा सांस्कृतिक साम्राज्यवाद August 5, 2011 / August 5, 2011 | 1 Comment on सांस्कृतिक साम्राज्यवाद कैलाश बुधवार देश को स्वतंत्र हुए इतने वर्ष हो जाने के बाद भी अक्सर यह दुख दुहराया जाता है कि हमारी दास मानसिकता नहीं गई पर मेरा भय एक नई दासता के बारे में है। पिछले साम्राज्यवादी कंगूरे ढह गए पर हम बेसुधी में एक नए साम्राज्यवाद के आगे घुटने टेके जा रहे हैं। लाखो […] Read more » सांस्कृतिक साम्राज्यवाद
कला-संस्कृति संस्कृति के हत्यारे August 5, 2011 / December 7, 2011 | 3 Comments on संस्कृति के हत्यारे राजेन्द्र जोशी (विनियोग परिवार) पांच सौ साल पहले यह दुनिया आज की तुलना में सुखी और हिंसा रहित थी। लेकिन 1492 में एक ऐसी घटना घटी जिसने सारे विश्व के प्रवाह को मोड़ दिया। पहले देश-विदेश से वस्तु के आयात-निर्यात का काम जहाजों से होता था। ऐसे जहाजों को यूरोप के लुटेरे लूट लेते थे […] Read more » culture संस्कृति
विविधा भारतीय सनातन परंपरा के रचनाकार धर्मपाल August 5, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment डा. अमित शर्मा एक सनातनी कर्मवादी के रूप में श्री धर्मपाल ने एक भरपूर जिन्दगी जी और एक गरिमामय मृत्यु को प्राप्त हुए। 1919 में जलियांवाला बाग की घटना की राख और 1920 में तिलक महाराज की भस्म के बीच महात्मा गांधी ने अपनी एक जगह बनायी और भारत में स्वराज पाने की अथक कोशिश […] Read more » Dharam धर्मपाल
विविधा मीणा जी, ब्राह्मणों के मूल देश के बारे में जरा बताएँगे! August 5, 2011 / December 7, 2011 | 10 Comments on मीणा जी, ब्राह्मणों के मूल देश के बारे में जरा बताएँगे! कौशलेन्द्र प्रिय भारतीय अनार्य ……..एवं …..विदेशी आर्य बंधुओ ! सादर नमन ! ! ! निवेदन है कि मीणा जी के विचारों पर आक्रोशित होने की नहीं बल्कि चिंतित होने की आवश्यकता है….कारण यह है कि यह मात्र मीणा जी का ही नहीं बल्कि मीणा जी जैसे अनेकों लोगों का विचार है…अतः उनके विचारों की उपेक्षा […] Read more »
विज्ञान महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र राय August 2, 2011 / December 7, 2011 | Leave a Comment मृत्युञ्जय दीक्षित यह वर्ष महान रसायनविद डॉ. प्रफुल्ल चंद राय के जन्म का 150वां वर्ष है। डॉ. राय का जन्म पश्चिम बंगाल के रड़ौली गांव में हुआ था। अब यह स्थान बांग्लादेश में है। डॉ. राय के पिता समाजसेवी थे और उन्होंने कभी भी अंग्रेजों के समक्ष समर्पण नहीं किया। वे आधुनिक विचारधारा के अवश्य […] Read more » Prafful Chandra Rai प्रफुल्ल चंद्र राय
धर्म-अध्यात्म सार्थक पहल ‘वात्सल्य ग्राम’ की प्रयोगशाला August 2, 2011 / December 7, 2011 | 1 Comment on ‘वात्सल्य ग्राम’ की प्रयोगशाला ऋतेश पाठक अनाथों के नाथ विश्वनाथ के देश में अनाथों की लगातार बढ़ती संख्या आज चिंता का सबब बन रही है। गंभीर हालातों के मद्देनजर सरकारी स्तर पर खूब कागजी घोड़े दौड़ाये जा रहे हैं। ऐसे एकाकी और बेसहारा लोगों के बीच काम कर रही तमाम संस्थाओं में एक नाम है परमशक्ति पीठ का। पीठ […] Read more » वात्सल्य ग्राम साध्वी ऋतंभरा