प्रवक्ता न्यूज़ पत्रकारिता: अन्धेरे समय में उजाले की उम्मीद December 9, 2010 / December 19, 2011 | 1 Comment on पत्रकारिता: अन्धेरे समय में उजाले की उम्मीद -प्रदीप चन्द्र पाण्डेय पत्रकारिता के लिये यह चिन्तन, चिन्तित, विचलित और चकित होने का समय है जब पूर्वजों की मान्यतायें भर-भराकर गिर रही है और जो नयी स्थापनायें सामने आ रही हैं उसे पत्रकार नहीं बाजार तंय कर रहा है। पत्रकारिता की धार और संसार पर यकीन करने वाले पुरानी पीढ़ी के लोग खूटियों पर […] Read more » Journalism पत्रकारिता
विविधा सतरंगा भ्रष्टाचार… नीरा यादव तो मात्र प्रतीक है December 8, 2010 / December 19, 2011 | 1 Comment on सतरंगा भ्रष्टाचार… नीरा यादव तो मात्र प्रतीक है -अनिल त्यागी भ्रष्टाचार- भ्रष्टाचार, हर किस्म का भ्रष्टाचार जिस किस्म का आपको देखना है देख सकते है। वैसे तो पूरे देश में है पर उ.प्र. मे तो खुले आम है किसकी सरकार है? कैसी सरकार है? कौन नेता है? कौन नहीं? कुछ फर्क नहीं पड़ता। एक अकेली नीरा यादव के मामले में हमाम में कुछ […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
प्रवक्ता न्यूज़ स्वास्थ्य-योग एड्स : बचाव ज़रूरी है December 8, 2010 / December 19, 2011 | 1 Comment on एड्स : बचाव ज़रूरी है एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी ये सभी बीमारियां रक्त के उत्पादों और यौन सम्बंधों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे में चली जाती हैं। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ गैर शिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से इंजेक्शन लेने से एचआईवी/एड्स फैलने का खतरा हो सकता है। ट्रांसमिशन एक […] Read more » aids एड्स
साहित्य यात्रा संस्मरण/ एक अजनबी December 8, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment -रा. रं. दरवेश एक अंतहीन यात्रा…. बहुत पुरानी चीनी कहावत है, “दस हज़ार किताबों को पढने से बेहतर , दस हज़ार मील की यात्रा करना है” रात के 10 :30 हो चुके है और मै अपनी खिड़की में बैठा , दूर-सुदूर तक फैले हुए खेतों को देख रहा हूँ…बाहर घुप्प अँधेरा है…और शायद भीतर भी…आकाश […] Read more » Travel memoir यात्रा संस्मरण
महिला-जगत मित्रता का स्त्रीवादी मर्म December 6, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment -विजया सिंह समस्त मानवीय संबंधों में मित्रता सबसे महत् संबंध है। यह साथ, साहचर्य, सहयोग, पारस्परिकता एवं स्वतंत्रता पर आधारित विशुध्द रूप से सकारात्मक संबंध है। जीवन की अनेकानेक पूर्णताओं के बावजूद मित्रहीन जीवन स्वीकार्य नहीं होता। स्वतंत्रता का विवेक, निजी व अन्य की अस्मिता का सहज, स्वाभाविक स्वीकार मित्रता के स्वरूप को प्रगाढ़ बनाते […] Read more » Friends मित्रता
धर्म-अध्यात्म भगवान महावीर स्वामी December 6, 2010 / December 19, 2011 | 4 Comments on भगवान महावीर स्वामी -अनिमेष जैन देश काल की परिस्थितियाँ सदा एक सी नहीं रहती। समय सदा ही परिवर्तनशील रहा है उत्थान और पतन का क्रम भी निरंतर रहा है। संसार की अन्यान्य प्रवृत्तियों के साथ धर्म भी इस क्रम से प्रभावित होते रहा है। कभी धर्म अपने पूर्ण प्रभाव और प्रबलता से युक्त रहता है कभी ऐसा भी […] Read more » Mahaveer भगवान महावीर
विविधा एक थॉमस बनाम पूरा हिन्दुस्तान December 6, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment अनिल त्यागी कहावत पुरानी है कि अकेला चना भाड नहीं फोड सकता। मानने में कोई बुराई भी नहीं पर क्या करे बहस जो छेडनी है। इसकी टक्कर पर गुरूदेव की उक्ति ‘ एकला चलो रे ‘ को भी अर्थहीन नहीं माना जा सकता। इन सबसे ऊपर एक पक्ति और लिख देनी चाहिये। एक अकेला भ्रष्टाचार […] Read more » Thomas थॉमस सीवीसी
राजनीति जिस इंद्रेश को मैं जानती हूं वे ऐसे तो नहीं हैं December 6, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment रीता जायसवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार जी का नाम अजमेर ब्लास्ट से जोड़े जाने को लेकर पिछले काफी दिनों से मैं परेशान हूं। मेरी अंतर्आत्मा बार-बार यही कहती है कि वे ऐसे नहीं हो सकते। ताज्जुब इस बात का है कि जिस इंद्रेश को मैने देखा, परखा, जिसमें राष्ट्र प्रेम का […] Read more » RSS इन्द्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
विश्ववार्ता कलम की ताकत के आगे महाशक्ति बेबस December 6, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment मो. इफ्तिखार अहमद मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने लिखा था, खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो। विकीलीक्स के खुलासे ने इसे चरितार्थ करते हुए तोपों, मिसाइलों, परमाणु बमों और लाखों जल, थल और वायु सैनिकों से लैस सुपर पॉवर अमेरिका को बगलें झांकने के लिए मजबूर कर […] Read more » Wikileaks विकीलिक्स
राजनीति ये कैसी पत्रकारिता है December 6, 2010 / December 19, 2011 | 1 Comment on ये कैसी पत्रकारिता है -जगमोहन आज़ाद पिछले दिनों दिल्ली में पत्रकारिता में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए दिशा निर्देशों की ज़रूरत है और संपादक उद्योगजगत और नेताओं के दबाव के आगे झुकने जैसे मामलों पर एक बहस शुरू हुई। इस बहस में यह भी साफ तौर पर सामने निकल कर आया कि कुछ तथाकथित पत्रकार आज खुलेआम भ्रष्टाचार को […] Read more » Journalism उत्तराखंड पत्रकारिता रमेश पोखरियाल 'निशंक'
धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ त्रिकालदर्शी श्रीदेवराहाशिवनाथदास से मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद December 4, 2010 / December 19, 2011 | 1 Comment on त्रिकालदर्शी श्रीदेवराहाशिवनाथदास से मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद परमपूज्य ब्रह्मलीन योगीराज श्रीदेवराहाबाबा जी के परमशिष्य त्रिकालदर्शी परमसिद्ध योगीराज व अध्यात्म गुरू संत श्रीदेवराहाशिवनाथदास महाराज से बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने शपथ-ग्रहण करने के पश्चात् आशीर्वाद लिया। संत श्रीदेवराहाशिवनाथ दास जी ने श्री कुमार के माथे पर हाथ रखकर उन्हें दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया ताकि वे बिहार और देश की सेवा […] Read more » Nitish Kumar नीतीश कुमार श्रीदेवराहाशिवनाथदास
विविधा छत्तीसगढ़ को नई नजर से देखती एक किताब December 4, 2010 / December 19, 2011 | Leave a Comment पत्रकार तपेश जैन की पुस्तक पर समीक्षा गोष्ठी रायपुर। छत्तीसगढिय़ा कौन ? कई बार यह सवाल किया जाता हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नद्दष्टा स्व. खूबचंद बघेल ने इसे स्पष्ट किया है कि जो छत्तीसगढ़ के विकास से गौरवान्वित हो वही छत्तीसगढिय़ा है। यह उद्दगार कृष्टि एवं बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस ने पत्रकार […] Read more » Chattishgarh पुस्तक समीक्षा