अपने सपनों में रंग भरता छत्तीसगढ़

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संजय द्विवेदी स्थापना दिवस (1 नवंबर) पर विशेषः 11 साल का छत्तीसगढ़ छत्तीस गढ़ों से संगठित जनपद छत्तीसगढ़ । लोकधर्मी जीवन संस्कारों से अपनी ज़मीन और आसमान रचता छत्तीसगढ़। भले ही राजनैतिक भूगोल में उसकी अस्मितावान और गतिमान उपस्थिति को मात्र ग्यारह वर्ष हुए हैं, पर सच तो यही है कि अपने रचनात्मक हस्तक्षेप की… Read more »

क्या न्यायालय विचारधारा के अनुपालन को बाध्य कर सकता है

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अरूण जेटली भारत के उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति को गैर-संवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के विरूध्द बताकर रद्द कर दिया है। उच्चतम न्यायालय के निर्णय का असर यह हुआ कि छत्तीसगढ़ राज्य और इन्हीं हालात में देश के अन्य भागों में कार्य कर रही विशेष… Read more »

यहां लिखी जा रही है कायरता की पटकथा

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छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में फिर 10 जवान शहीद संजय द्विवेदी भारतीय राज्य की निर्ममता और बहादुरी के किस्से हमें दिल्ली के रामलीला मैदान में देखने को मिले। यहां भारतीय राज्य अपने समूचे विद्रूप के साथ अहिंसक लोगों के दमन पर उतारू था। लेकिन देश का एक इलाका ऐसा भी है जहां इस बहादुर राज्य… Read more »

ग्राम सुराज-विश्वसनीय छत्तीसगढ़ का आधार

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सुखदेव कोरेटी एवं पी.के.पांडेय छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील कदमों ने छत्तीसगढ़ को विश्वसनीय छत्तीसगढ़ का दर्जा दिलाया है। राज्य में पिछले 7 वर्षो में हर वर्ग के लिये विकास के साथ -साथ संवेदनशील एवं मानवीय पहलुओं से जुड़े मामलों को भी बड़ी गंभीरता से लेते हुये लोगों को सहायता पंहुचाने के लिये असरकारक कदम उठाये… Read more »

छत्तीसगढ़ : ये कैसा सुराज, ये कैसा दिखावा !

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गोपाल सामंतो सुनने और पढ़ने में शायद ये काफी अजीब लगे पर ये सच है कि छत्तीसगढ़ सरकार 5 सालो में 50 दिन जनता के बीच बिताती है और उसे सुराज के नाम से प्रख्यात करने में कोई चूक नहीं करती है. आखिर ये कैसा सुराज है जहा नौकरशाह खानापूर्ति करने के नाम से मात्र… Read more »

छत्तीसगढ़ को लग रहा है पुलिसिया ग्रहण?

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गिरीश पंकज देश के अनेक शहरों की तरह छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी इन दिनों पुलिसिया ग्रहण-सा लग गया है. एक पुलिस अधिकारी कोहराम मचा कर जाता है और दूसरा आता है, तो वह भी कम गुल नहीं खिलाता. शहर कोई भी हो, पुलिस की दबंगई (गुंडई का कुछ सौम्य शब्द-रूप है दबंगई) की… Read more »

यस, वी कैन

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10 सालों में पिछड़ेपन का दाग मिटाकर विकसित रायों के समकक्ष खड़ा हो गया छत्तीसगढ़ दानसिंह देवांगन यस, वी कैन। बेशक यह नारा अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2008 के आम चुनाव में दिया था, लेकिन पिछले 10 सालों में छत्तीसगढ़ ने विकास की जिन बुलंदियों को छुआ है उससे इस नारे की सार्थकता… Read more »

छत्तीसगढ़ को नई नजर से देखती एक किताब

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पत्रकार तपेश जैन की पुस्तक पर समीक्षा गोष्ठी रायपुर। छत्तीसगढिय़ा कौन ? कई बार यह सवाल किया जाता हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नद्दष्टा स्व. खूबचंद बघेल ने इसे स्पष्ट किया है कि जो छत्तीसगढ़ के विकास से गौरवान्वित हो वही छत्तीसगढिय़ा है। यह उद्दगार कृष्टि एवं बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस ने पत्रकार… Read more »

छत्तीसगढ़ : एक अटल-प्रतिज्ञा जो पूरी हुई

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– अशोक बजाज वह दृश्य अभी भी आँखों से ओझल नहीं हो पाया है जब 31 अक्टूबर 2000 को घड़ी की सुई ने रात के 12 बजने का संकेत दिया तो चारों तरफ खुशी और उल्लास का वातावरण बन गया। लोग मस्ती में झूमते- नाचते एक दूसरे को बधाइयाँ दे रहे थे .प्रधानमंत्री माननीय अटलबिहारी… Read more »

छत्तीसगढ़ के दस साल: राजनैतिक स्थिरता और सांस्कृतिक पहचान उपलब्धि

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-तपेश जैन अपनी भाषा, अपना राज, यही तो है प्रगति का राज। इस भावना के अनुरुप छत्तीसगढ़ राज्‍य का सपना खूबचंद बघेल ने मध्यप्रदेश के पुनर्गठन से पहले देखा और उन्‍हें छत्तीसगढ़ राज्‍य के स्वप्न दृष्टा कहलाने का गौरव प्राप्‍त हुआ। पचास साल के अनवरत संघर्ष के बाद एक नवंबर सन् दो हजार को ये… Read more »