पर्यावरण दुश्वारियों में अनवाल August 25, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on दुश्वारियों में अनवाल -त्रिलोक चन्द्र भट्ट गाँधी आश्रम से लेकर वस्त्र विक्रेताओं की विभिन्न दुकानों पर पर्वतीय भेड़ों से प्राप्त ऊन से बने सुन्दर स्वेटर, दन, चुकटे व थुलम देशी-विदेशी पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। उत्तराखण्ड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, गोपेश्वर आदि जिलों में आयोजित मेलों में स्थानीय ऊन से बनी वस्तुओं का अच्छा कारोबार होता है और […] Read more » Enviroment अनवाल
कविता कविता/जी लेने दो August 25, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on कविता/जी लेने दो -अनामिका घटक कतरा-कतरा ज़िंदगी का पी लेने दो बूँद बूँद प्यार में जी लेने दो हल्का-हल्का नशा है डूब जाने दो रफ्ता-रफ्ता “मैं” में रम जाने दो जलती हुई आग को बुझ जाने दो आंसुओं के सैलाब को बह जाने दो टूटे हुए सपने को सिल लेने दो रंज-ओ-गम के इस जहां में बस लेने […] Read more » poem कविता
विविधा फिर तो घुंसू का भी छूट जाएगा स्कूल August 23, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on फिर तो घुंसू का भी छूट जाएगा स्कूल -आशीष मध्यप्रदेश के घुंसू को नहीं पता कि उसका भविष्य अंधकारमय होने जा रहा है। वह ही क्या बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बफर एरिया में बसे दो गांव के घुंसू जैसे सैकड़ों बच्चे इस बात से अनजान हैं। इन बच्चों का नहीं मालूम कि देश के नौनिहालों को शिक्षा पाने का अधिकार मिला हुआ है। […] Read more » School स्कूल
राजनीति जम्मू-कश्मीर की मूल समस्या और उसका संवैधानिक समाधान August 23, 2010 / December 22, 2011 | 57 Comments on जम्मू-कश्मीर की मूल समस्या और उसका संवैधानिक समाधान – धाराराम यादव देश की स्वतंत्रता ब्रिटिश संसद द्वारा पारित भारतीय स्वातंत्र्य अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत प्राप्त हुई जिसके अनुसार तत्कालीन ब्रिटिश सत्ता के आधीन भारत को दो भागों में विभाजित करके दोनों भागों को डोमिनियन स्टेट्स प्रदान किया गया था। जिसमें से एक का नाम भारत एवं दूसरे का पाकिस्तान रखा गया। देश […] Read more » Jammu Kashmir जम्मू-कश्मीर
विविधा बीमा क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के नए रूप August 23, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on बीमा क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के नए रूप – हरिकृष्ण निगम सच देखा जाए तो हम आज अपराधों की एक नई प्रकृति की दुनियां में जी रहे हैं। यह वे सफेदपोश अपराध हैं कि जिसकी धोखाधड़ी में न तो हिंसा है, न खून बहाना, न बंदूक या पिस्तौल और न ही घायलों या मृतकों की संख्या। पर ऐसे अपराधी हमारे बीच में स्वयं […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
धर्म-अध्यात्म ईश्वर या ब्रह्म होना सबकी संभावना है August 23, 2010 / December 22, 2011 | 4 Comments on ईश्वर या ब्रह्म होना सबकी संभावना है – हृदयनारायण दीक्षित ऋग्वेद के ऋषि संसार में उल्लास देखते थे। तब संसार में उल्लास था भी। तब धन और संपदा जीवन निर्वाह के साधन थे। मुद्रा का प्रभाव आज जैसा नहीं था। मुद्रा के प्रभाव से ही धनसंग्रही लोलुपता बढ़ती। जीवन दुःखमय होता गया। वैदिक ऋषियों ने संसार को दुखमय नहीं कहा था लेकिन […] Read more » God ईश्वर ब्रह्म
धर्म-अध्यात्म रुद्र शिव अखिल विश्व की महादेव प्रतीति August 23, 2010 / December 22, 2011 | 4 Comments on रुद्र शिव अखिल विश्व की महादेव प्रतीति – हृदयनारायण दीक्षित शिव सत्य हैं, सुन्दरतम् हैं। वे देवाधिदेव महादेव हैं, वे रुद्र हैं। वे परम हैं, लेकिन भोलेशंकर भी हैं। शिव हिन्दू दर्शन की निराली अनुभूति है। शिव अधिकांश विश्व के उपास्य हैं और समूची हिन्दूभूमि की आस्था हैं। विश्व के प्राचीनतम् ज्ञान अभिलेख ऋग्वेद में उनका उल्लेख 75 बार हुआ है। ऋषि […] Read more » Shiv शिव
प्रवक्ता न्यूज़ सरिस्का में बाघों के पुनर्वास से बंधी आस August 21, 2010 / December 22, 2011 | 2 Comments on सरिस्का में बाघों के पुनर्वास से बंधी आस -डॉ. राजेश कुमार व्यास एक मोटे अनुमान के अनुसार 20वीं सदी में बाघों की संख्या एक लाख से 97 प्रतिशत घट गई है। भारत की ही बात करें, हमारे यहां वर्ष 1989 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत देश में बाघों की संख्या 4 हजार 334 थी, जो 2001-2002 में घटकर 3 हजार 642 हो गई। […] Read more » Tiger बाघ सरिस्का
धर्म-अध्यात्म इस्लाम भी हिन्दू-माता का पुत्र है August 20, 2010 / December 22, 2011 | 17 Comments on इस्लाम भी हिन्दू-माता का पुत्र है -हजरत साज रहमानी ‘फिरदोसी बाबा’ हिन्दू-धर्म ही संसार में सबसे प्राचीन धर्म है’- यह एक प्रसिद्ध और प्रत्यक्ष सच्चाई है। कोई भी इतिहासवेत्ता आज तक इससे अधिक प्राचीन किसी धर्म की खोज नहीं कर सके हैं। इससे यही सिद्ध होता है कि हिन्दू-धर्म ही सब धर्मों का मूल उद्गम-स्थान है। सब धर्मों ने किसी-न-किसी अंश […] Read more » Islam इस्लाम हिंदू धर्म
विविधा विस्थापित हुए तो बिखर जाएंगे ख्वाब August 20, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on विस्थापित हुए तो बिखर जाएंगे ख्वाब -आशीष महर्षि अब खबर आई है कि अफ्रीकी चीते को बसाने के लिए मध्यप्रदेश के नौरादेही अभयारण्य से 23 गांवों को उजाड़े जाने की पूरी तैयारी हो गई है। हालांकि यह कोई पहला गांव नहीं होगा जब जंगली जानवरों को बचाने के नाम पर इंसानों का घर उजाड़ा जाएगा। सरकार और उनके अधिकारियों का यह […] Read more » Dream ख्वाब
विविधा स्वाधीनता आन्दोलन का यथार्थ August 18, 2010 / December 22, 2011 | 2 Comments on स्वाधीनता आन्दोलन का यथार्थ -हृदयनारायण दीक्षित भारत स्वाधीनता दिवस के उत्सवों में लहालोट है। स्वराज्य और स्वतंत्रता 5-6 सौ बरस पहले के यूरोपीय पुनर्जागरण काल की देन नहीं है। ऋग्वेद का एक पूरा सूक्त (1.80) स्वराज्य की कामना है। यहां इन्द्र स्वराज्य की कामना करने वाले लोगों के सहायक हैं। इन्द्र स्वराज्य के लिए कूटनीति का भी सहारा लेते […] Read more » Liberation movement स्वाधीनता आन्दोलन
धर्म-अध्यात्म वर्तमान समय में श्रीराम की जीवन गाथा बेहद प्रेरक August 18, 2010 / December 22, 2011 | 4 Comments on वर्तमान समय में श्रीराम की जीवन गाथा बेहद प्रेरक – मृत्युंजय दीक्षित श्री रामनवमी का पर्व हिंदुओं के आराध्य मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव है। इस पर्व का हिंदू समाज में विशेष महत्व है। वर्तमान समय में जब पूरे देश का समाज पतन की ओर जा रहा है उन परिस्थितियों में भगवान श्रीराम का चरित्र समाज को एक नई दिशा देने में अत्यंत […] Read more » Ram भगवान राम